UK में रहना है तो अंग्रेजी टेस्ट पास करें मुस्लिम महिलाएं: कैमरन

ब्रिटिश मीडिया के मुताबिक कैमरन सरकार का यह कदम बढ़ते टेररिज्म से निपटने की नई स्ट्रेटेजी के तौर पर देखा जा रहा है. इस मौके पर कैमरन ने कहा, 'स्पाउस सेटलमेंट प्रोग्राम को हम थोड़ा सख्त करने जा रहे हैं

Advertisement
मुस्लिम महिलाओं से बात करते कैमरन मुस्लिम महिलाओं से बात करते कैमरन

सूरज पांडेय

  • लंदन,
  • 19 जनवरी 2016,
  • अपडेटेड 5:09 PM IST

ब्रिटिश पीएम डेविड कैमरन ने बाहर से आकर यूके में रहने वाली महिलाओं से अंग्रेजी टेस्ट में पास होने की बात कही है. ऐसा करने में नाकाम रहने वाली महिलाओं को वापस भेजा जा सकता है.

आतंकवाद के खिलाफ नई स्ट्रेटेजी है ये कदम
ब्रिटिश मीडिया के मुताबिक कैमरन सरकार का यह कदम बढ़ते टेररिज्म से निपटने की नई स्ट्रेटेजी के तौर पर देखा जा रहा है. इस मौके पर कैमरन ने कहा, 'स्पाउस सेटलमेंट प्रोग्राम को हम थोड़ा सख्त करने जा रहे हैं. यह उन मांओं पर भी लागू होगा, जो यहां आकर बसी हैं और उनके बच्चे हो चुके हैं. इस बात की गारंटी नहीं है कि इंग्लिश टेस्ट पास न कर पाने की स्थिति में ऐसी महिलाएं ब्रिटेन में रह पाएंगी या नहीं.'

Advertisement

गौरतलब है कि, ब्रिटेन सरकार का कहना है कि यूके में रह रहीं 1,90,000 मुस्लिम महिलाओं में अंग्रेजी भाषा के स्किल्स की कमी है. इनमें से 38,000 महिलाएं अंग्रेजी बोल तक नहीं पातीं. ब्रिटिश सरकार की नई पॉलिसी के अक्टूबर से शुरू होने की उम्मीद है. अक्टूबर के बाद से पांच साल के स्पाउस वीसा पर यूएके आई महिलाओं के पास इस परीक्षा को पास करने के लिए ढाई साल का वक्त होगा.


रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कैंपेन पर कैमरन 20 मिलियन पाउंड खर्च करेंगे. सरकार इस सिलसिले में माइग्रेंट्स की मदद के लिए क्लास लगाने की बात कर रही है. पीएम कैमरन माइग्रेंट्स की अंग्रेजी सुधारने के लिए अंग्रेजी क्लास का इंतजाम करेंगे. उनका कहना है कि यूएके में अपॉरच्युनिटी हासिल करने के लिए इंग्लिश बहुत जरूरी है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement