अमेरिकी संसद में समलैंगिकता के मुद्दे पर लगे 'शर्म करो' के नारे

सदन में हंगामे के बाद मतों के बीच का अंतिम अंतर 213-212 का रहा, जो सदन के सदस्य सीन पेट्रिक मेलोनी (डेमोक्रेट-न्यूयॉर्क) की ओर से लाए गए संशोधन को नामंजूर करने के लिए काफी था.

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ब्रजेश मिश्र

  • वाशिंगटन,
  • 20 मई 2016,
  • अपडेटेड 3:29 PM IST

अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट सदस्यों की ओर से शर्म करो, शर्म करो के नारे लगाए जाने के बावजूद सात रिपब्लिकन सदस्यों ने सदन के नेताओं के दबाव में आकर समलैंगिकों के अधिकारों की रक्षा करने वाले एक संशोधन के प्रस्ताव को गिरा दिया.

सदन में हंगामे के बाद मतों के बीच का अंतिम अंतर 213-212 का रहा, जो सदन के सदस्य सीन पेट्रिक मेलोनी (डेमोक्रेट-न्यूयॉर्क) की ओर से लाए गए संशोधन को नामंजूर करने के लिए काफी था. इस संशोधन का उद्देश्य उस विधायी आदेश को कायम रखना था, जो संघीय ठेकेदारों की ओर से एलजीबीटी कर्मचारियों के साथ किए जाने वाले भेदभाव को रोकता है. मेलोनी और अन्य डेमोक्रेट गुस्से में आ गए.

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मतदान के लिए कर रहे थे राजी
मेलोनी ने कहा, उन्होंने समानता के जबड़े से भेदभाव को खींच लिया. उन्होंने कहा कि वह मेजॉरिटी लीडर और कैलिफोर्निया से रिपब्लिकन प्रतिनिधि केविन मैकार्थी से बात करने पहुंचे क्योंकि मैकार्थी रिपब्लिकन सहकर्मियों को इस संशोधन के खिलाफ मतदान करने के लिए राजी करने पर काम कर रहे थे.

खुद स्वीकारी थी समलैंगिक होने की बात
मैकार्थी ने मेलोनी से कहा कि वह अपनी सीट पर वापस जाएं. मेलोनी ने कहा, मैंने उनसे पूछा, समानता के पक्ष में खड़ा होने के लिए मुझे किस तरफ खड़ा होना चाहिए? अपने समलैंगिक होने की बात स्पष्ट तौर पर स्वीकार करने वाले न्यूयॉर्क के इस पहले समलैंगिक कांग्रेस सदस्य ने कहा, यह शर्मनाक था.

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