अमेरिका-ईरान सीजफायर की रजा पहलवी ने की आलोचना, पश्चिमी देशों से हस्तक्षेप की मांग

रजा पहलवी ने अमेरिका-ईरान सीजफायर की आलोचना करते हुए कहा है कि तेहरान की हुकूमत के व्यवहार बदलने की उम्मीद अवास्तविक है. बर्लिन में उन्होंने कहा कि कूटनीति को काफी मौके दिए जा चुके हैं. उन्होंने यूरोप से ईरान में लोकतंत्र समर्थक आंदोलन को समर्थन देने की अपील की और राजनीतिक कैदियों की फांसी का मुद्दा उठाया. पहलवी के बयान ने युद्धविराम पर नई बहस छेड़ दी है, खासकर ऐसे वक्त में जब ईरान के भविष्य और सत्ता परिवर्तन को लेकर अटकलें तेज हैं.

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ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी (File Photo- AP) ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी (File Photo- AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 4:35 PM IST

ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया सीजफायर समझौते पर सवाल उठाए हैं. जर्मनी की राजधानी बर्लिन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पहलवी ने इस समझौते को अव्यावहारिक करार देते हुए कहा कि यह ईरानी सरकार के चरित्र को समझने में एक बड़ी विफलता है.

रजा पहलवी ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि अचानक ये लोग व्यवहारिक (प्रैग्मेटिक) बन जाएंगे. मैं यह नहीं कह रहा कि कूटनीति को मौका नहीं मिलना चाहिए, लेकिन कूटनीति को काफी मौके दिए जा चुके हैं.' उनके इस बयान को ईरान-अमेरिका तनाव के बीच अहम माना जा रहा है.

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बता दें पहलवी लंबे समय से मौजूदा इस्लामिक शासन के मुखर आलोचक रहे हैं और कई मौकों पर लोकतांत्रिक बदलाव की वकालत करते रहे हैं. उन्होंने एक बार फिर यूरोपीय देशों से अपील की कि वे ईरानी जनता का समर्थन बढ़ाएं, जो लोकतंत्र के लिए संघर्ष कर रही है.

उन्होंने दावा किया कि पिछले दो हफ्तों में ईरानी अधिकारियों ने 19 राजनीतिक कैदियों को फांसी दी है, जबकि 20 अन्य लोगों को मौत की सजा सुनाई गई है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सवाल किया कि क्या दुनिया कुछ करेगी या चुपचाप इस कत्लेआम को देखती रहेगी?

पहलवी लंबे समय से खुद को ईरान में एक वैकल्पिक नेतृत्व के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं. उनका मानना है कि यदि वर्तमान शिया धर्मतंत्र का पतन होता है, तो वह देश को लोकतांत्रिक दिशा में ले जाने के लिए तैयार हैं. इसी उद्देश्य के साथ, उन्होंने मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल के सैन्य हस्तक्षेप का भी समर्थन किया है, जिसे वे रिजीम चेंज के लिए एक आवश्यक कदम मानते हैं.

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