अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ऐतिहासिक यात्रा पर सोमवार को क्यूबा पहुंच गए. 1928 के बाद पहली बार कोई अमेरिकी राष्ट्रपति क्यूबा पहुंचा है. ओबामा के साथ उनकी पत्नी मिशेल ओबामा और दो बेटियां भी हैं. ओबामा तीन दिनों की यात्रा पर क्यूबा पहुंचे हैं.
इस यात्रा को कूटनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है वर्ष 1959 में समर्थित सरकार के तख्तापलट और साम्यवादी सरकार स्थापित होने के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते खराब हो गए थे. लगभग 88 साल बाद आखिर अमेरिकी राष्ट्रपति के जहन में क्यूबा का ख्याल क्यों आया इसके ये संभावित कारण हो सकते हैं.
1. इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करवाना- अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की क्यूबा यात्रा के पीछे यूं तो कई कारण हो सकते हैं लेकिन सबसे महत्वपूर्ण हो सकता है उनका के तौर पर अपनी छवि को यादगार बनाने की कोशिश. बराक ओबामा ने तकरीबन 90 साल बाद इस यात्रा पर आकर चाहे विरोधियों की आलोचना झेली हो पर साथ ही अपना नाम इतिहास के पन्नों में भी दर्ज करवा लिया. कार्यकाल की समाप्ति के करीब पहुंच चुके बराक ओबामा ने ये काम अपने व्यक्तिगत फायदे के लिए भी किया है.
2. विदेश नीति:- 1959 में क्यूबा क्रांति के बाद दोनों देशों के बीच सभी तरह के रिश्ते खत्म हो गए थे. इसमें अमेरिका समर्थित सरकार का तख्ता पलट दिया गया था. इस घटना के बाद से दोनों देशों के बीच लगातार तल्खी जारी रही. क्यूबा के राष्ट्रपति रउल कास्त्रो और ओबामा ने दिसंबर, 2014 में आपसी रंजिश को भुलाकर फिर से संबंध बहाल करने पर सहमति जताई थी. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा विदेश नीति में सुधार के तहत ये यात्रा कर रहे हैं.
3. आर्थिक नीति:- राष्ट्रपति ओबामा की क्यूबा यात्रा का मकसद लंबे समय से चले आ रहे व्यापारिक प्रतिबंध को खत्म करना भी हो सकता है. अमेरिका ने पिछले 55 सालों से क्यूबा पर आर्थिक प्रतिबंध लगा रखे हैं जिससे कई महत्वपूर्ण चीजें जैसे चीनी, हवाना सिगार यहां नहीं आ सकती. इससे अमेरिका को सालाना 1.2 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ.
4. अमेरिका और क्यूबा को जोड़ना:- हो सकता है पिछले 88 सालों में पहली बार किसी की क्यूबा यात्रा अमेरिका और क्यूबा के बीच नए सिरे से संबंधों को बनाने और अमेरिकी और क्यूबाई नागरिकों को पर्यटन, व्यापार और सूचनाओं के माध्यम से जोड़ने के मद्देनजर की गई हो. दरअसल क्यूबा के साथ व्यापारिक संबंधों पर रोक के कारण अमेरिकी पर्यटकों को क्यूबा जाने की इजाजत नहीं है.
5. राजनयिक संबंधों को पुख्ता बनाने के लिए: पिछले कुछ महीनों में तकरीबन 57 वर्षों के बाद दोनों देशों ने राजनयिक संबंध बहाल करते हुए कई समझौते किए हैं. इनमें दूरसंचार में सहयोग, दोनों देशों के बीच नियमित उड़ान और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग को मजबूती देना अहम रहेगा.
सबा नाज़