भारत और अमेरिका के बीच रूसी कच्चे तेल की खरीद को लेकर बढ़ते तनाव के बीच पोलैंड ने नई दिल्ली का समर्थन किया है. पोलैंड के विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की ने कहा कि वे भारत द्वारा रूसी तेल आयात में कटौती से संतुष्ट हैं, क्योंकि इससे रूस फंडिंग पर असर पड़ेगा जो इस युद्ध के वक्त में काफी अहम है.
वाइमर ट्रायंगल समूह के साथ भारत की पहली मुलाकात के बाद पेरिस में बोलते हुए पोलैंड के विदेश मंत्री रादोसाव सिकोरस्की ने कहा कि वह इस बात से संतुष्ट हैं कि भारत ने रूसी तेल आयात में कटौती शुरू कर दी है.
'भारत ने कम की रूस से तेल की खरीद'
बैठक के बाद भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और अन्य यूरोपीय नेताओं के साथ खड़े होकर सिकोरस्की ने कहा, 'मैंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि भारत ने रूस से तेल आयात कम कर दिया है, क्योंकि ये पुतिन की युद्ध मशीन की फंडिंग कम करता है.' उन्होंने आगे कहा, 'जब मैं अगले हफ्ते भारत की यात्रा करूंगा तो हम इस पर और चर्चा करेंगे.'
ट्रंप ने दी चेतावनी
सिकोरसी की ये टिप्पणियां नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच बिगड़ते संबंधों के मद्देनजर आई हैं. हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को चेतावनी देते हुए एक विधेयक को मंजूरी दे दी है, इस कानून के तहत अमेरिका उन देशों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने सकता है जो रूस से तेल या यूरेनियम खरीदते हैं.
इससे पहले ट्रंप ने रेसिप्रोकल टैरिफ के तौर पर भारतीय आयात पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाया था. इसके बाद अमेरिका ने रूस से कच्चा तेल खरीदने पर नाराजगी जताते हुए भारत के उत्पादों पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था. इससे कई भारतीय उत्पादों में टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुंच गया था.
रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने बताया कि ट्रंप ने एक बैठक के बाद बिल को मंजूरी दे दी है, जिस पर अगले हफ्ते वोटिंग हो सकती है.
क्या बोले विदेश मंत्री
वहीं, तनावपूर्ण माहौल के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर यूरोप के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने पहली बार 'वाइमर ट्रायंगल' समूह (फ्रांस, जर्मनी और पोलैंड) के साथ चर्चा की. जयशंकर ने कहा कि यूरोप वैश्विक राजनीति में एक महत्वपूर्ण है और भारत के साथ इसके संबंधों में अपार संभावनाएं हैं.
उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत इंटरनेशनल अर्थव्यवस्था और राजनीति में स्थिरता लाना चाहता है और यही कारण है कि मैं यहां आया हूं.
अगले हफ्ते भारत आएंगे सिकोर्स्की
जयशंकर ने पोलैंड के विदेश की प्रस्तावित भारत यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि पोलिश विदेश मंत्री सिकोर्स्की अगले हफ्ते भारत की यात्रा करेंगे, जहां रूसी तेल और द्विपक्षीय व्यापार के मुद्दे पर और भी विस्तार से बातचीत होने की संभावना है.
जयशंकर ने वार्ता को संक्षिप्त लेकिन स्पष्ट बताया, जिसमें भारत-यूरोपीय संघ संबंधों, हिंद-प्रशांत क्षेत्र और यूक्रेन युद्ध पर चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ और उसके सदस्य देशों के साथ संबंध भारत की सबसे बड़ी अप्रयुक्त क्षमता का प्रतिनिधित्व करते हैं.
क्या कहते हैं आंकड़े
ताजा आंकड़े बताते हैं कि भारत अपनी ऊर्जा रणनीति में बड़ा बदलाव कर रहा है. नवंबर 2025 तक भारत के कुल कच्चे तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी 39 प्रतिशत तक थी जो अब गिरकर 25 प्रतिशत से नीचे आ गई है. रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचपीसीएल और एमआरपीएल जैसे प्रमुख रिफाइनर्स ने नए अमेरिकी प्रतिबंधों के डर से रूसी तेल की खरीद फिलहाल रोक दी है.
डेटा के अनुसार, रूसी तेल की दैनिक खरीद जो नवंबर में 130.5 मिलियन यूरो थी, वह जनवरी 2026 की शुरुआत में घटकर 72.9 मिलियन यूरो रह गई है.
उधर, वाशिंगटन के बढ़ते दबाव के बीच भारत अपने वैश्विक भागीदारों के साथ संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है. आने वाले हफ्तों में भारत कई बड़े नेताओं की मेजबानी करेगा, जिनमें जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों शामिल हैं. ये कूटनीतिक सक्रियता भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह अमेरिका की नाराजगी कम करना चाहता है. भारत ने 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से रूस से लगभग 144 बिलियन यूरो का तेल खरीदा है, लेकिन अब वह वैश्विक भू-राजनीतिक दबाव के कारण अपने विकल्पों को बदल रहा है.
क्या है वाइमर ट्रायंगल
वाइमर ट्रायंगल 1991 में बना क्षेत्रीय समूह है जो यूरोपीय एकीकरण, सुरक्षा (खासकर रूस-यूक्रेन मुद्दे पर) और आर्थिक-सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देता है.
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