विरोधी पार्टी के सांसद पर गिरी ट्रंप प्रशासन की गाज, देशद्रोह के लगाए आरोप, सैन्य रैंक घटाने का ऐलान

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने डेमोक्रेट सीनेटर मार्क केली की सेवानिवृत्त नौसेना कप्तान की रैंक घटाने का ऐलान किया है. पेंटागन का आरोप है कि केली ने सैनिकों को अवैध आदेश मानने से इनकार करने के लिए उकसाकर गंभीर अनुशासनहीनता की. इस फैसले से उनकी पेंशन भी घटेगी और सैन्य रिकॉर्ड में एक तरह की फटकार दर्ज होगी.

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मार्क केली पर राष्ट्रपति ट्रंप देशद्रोह के आरोप लगा चुके हैं. (Photo- AP) मार्क केली पर राष्ट्रपति ट्रंप देशद्रोह के आरोप लगा चुके हैं. (Photo- AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:14 PM IST

अमेरिका में सेना और राजनीति के रिश्तों को लेकर एक नया और बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने डेमोक्रेट पार्टी के सीनेटर और रिटायर्ड नौसेना अधिकारी मार्क केली के खिलाफ सख्त कदम उठाने का ऐलान किया है. हेगसेथ ने कहा है कि मार्क केली की सैन्य रैंक घटाई जाएगी और उनकी रिटायरमेंट पेंशन में भी कटौती होगी. इसके साथ ही उनके सैन्य रिकॉर्ड में आधिकारिक निंदा दर्ज की जाएगी. राष्ट्रपति ट्रंप पहले ही केली पर देशद्रोह का आरोप भी लगा चुके हैं.

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रक्षा मंत्री का कहना है कि मार्क केली के बयानों से सैन्य अनुशासन को नुकसान पहुंचा है. उन्होंने इसे "लापरवाह अनुशासनहीनता" बताया और चेतावनी दी कि अगर आगे भी ऐसे कदम उठाए गए तो और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है. यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जब ट्रंप प्रशासन के भीतर और बाहर, दोनों जगह इस मुद्दे पर तीखी बहस चल रही है.

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हालांकि प्रशासन पहले इससे भी आगे जाने की बात कर चुका था. कुछ समय पहले यह संकेत दिया गया था कि मार्क केली को दोबारा सक्रिय सैन्य सेवा में बुलाकर उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जा सकता है. सरकार का आरोप है कि उनका व्यवहार देशद्रोह यानी सिडिशन की श्रेणी में आता है.

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रक्षा मंत्री हेगसेथ ने साफ कहा कि सीनेटर होने के बावजूद मार्क केली कानून से ऊपर नहीं हैं. उनके मुताबिक सैन्य पृष्ठभूमि वाले किसी भी व्यक्ति को अपने बयानों में जिम्मेदारी दिखानी चाहिए.

केली के समर्थन में उतरे डेमोक्रेट सांसद

वहीं मार्क केली और उनके समर्थन में खड़े अन्य डेमोक्रेट सांसदों का कहना है कि उन्होंने कोई गलत बात नहीं कही. उनका तर्क है कि वे सिर्फ अमेरिकी कानून की बात कर रहे थे. उनके अनुसार अमेरिकी सैनिकों को किसी भी अवैध आदेश का पालन नहीं करना चाहिए और यही लोकतंत्र की बुनियादी सोच है.

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद 18 नवंबर को तब शुरू हुआ, जब मार्क केली ने एक वीडियो संदेश जारी किया. उस वक्त कुछ डेमोक्रेट नेताओं और सैन्य अधिकारियों को चिंता थी कि ट्रंप प्रशासन लैटिन अमेरिका के समुद्री इलाकों में ड्रग तस्करों के जहाजों पर हमले के आदेश देकर कानून का उल्लंघन कर रहा है. पेंटागन का कहना है कि ये तस्कर आतंकवादी हैं, इसलिए कार्रवाई जरूरी है.

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ट्रंप ने लगाए देशद्रोह के आरोप

इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी मार्क केली और अन्य डेमोक्रेट नेताओं पर देशद्रोह का आरोप लगाया है. अमेरिकी सैन्य कानून में सिडिशन और विद्रोह को बेहद गंभीर अपराध माना जाता है, जिनमें कड़ी सजा का प्रावधान है. आने वाले दिनों में यह मामला अमेरिका की राजनीति और सेना, दोनों के लिए बड़ी बहस का विषय बन सकता है.

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