इमरान खान का PTI के बागी सांसदों को फरमान- 26 मार्च की दोपहर 2 बजे या उससे पहले तक...

पाकिस्तान में इमरान खान की पीटीआई पार्टी 2018 में सत्ता में आई और अगला आम चुनाव 2023 में होना है. लेकिन अब कुछ असंतुष्ट सांसद इमरान के लिए मुसीबत बन गए हैं.

Advertisement
Imran Khan Imran Khan

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 मार्च 2022,
  • अपडेटेड 9:17 AM IST
  • सिंध हाउस में रह रहे हैं असंतुष्ट सांसद
  • सात दिनों के भीतर जवाब दें सांसद

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी ने शनिवार को अपने कथित असंतुष्ट सांसदों को दलबदल कानून के तहत नोटिस जारी किया है. नोटिस में इन सांसदों से 26 मार्च तक स्पष्टीकरण मांगा गया है कि क्यों न उन्हें दलबदलू मानकर नेशनल असेंबली के सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित किया जाए.

बता दें कि सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के लगभग दो दर्जन असंतुष्ट सांसद हाल ही में प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले खुलकर सामने आ गए है. ये सांसद अपनी ही सरकार का विरोध करते दिख रहे हैं और विपक्षी नेताओं के खेमे में चले गए हैं. वहीं सरकार ने विपक्षी दलों पर सांसदों के खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया है.

Advertisement

इस्लामाबाद के सिंध हाउस में रह रहे हैं असंतुष्ट सांसद

असंतुष्ट सांसद इस्लामाबाद के सिंध हाउस में रह रहे हैं जो सिंध सरकार की संपत्ति है और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) द्वारा संचालित है. पाकिस्तान के सिंध प्रांत में PPP की सरकार है. डॉन अखबार के अनुसार, 8 मार्च को पीएम के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले सांसद मुहम्मद अफजल खान ढांडला को जारी किए गए नोटिस में से एक में कहा गया है: "यह बड़े पैमाने पर प्रसारण और मीडिया के विभिन्न मंचों पर प्रसारित वीडियो के माध्यम से पता चला है कि आपने पाकिस्तान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ को छोड़ दिया है और विपक्षी दल में शामिल हो गए हैं.  

सिंध हाउस में बैठे हैं ये सांसद

सूत्रों के अनुसार सिंध हाउस में मौजूद पीटीआई के असंतुष्ट सांसदों में राजा रियाज, नवाब शेर वसीर, राणा कासिम नून, गफ्फार वट्टू, नूर आलम खान, रियाज मजारी, बासित बुखारी, ख्वाजा शेराज, अहमद हसन देहर, नुजहत पठान, रमेश कुमार और वजीहा अकरम शमिल हैं. इन नामों की जानकारी पाक पीएम इमरान खान को भी है.

Advertisement

सात दिनों के भीतर जवाब दें सांसद

नोटिस में कहा गया है कि सांसदों ने न तो इंटरव्यू के कंटेंट से इनकार किया और न ही इस "दलबदल के कार्य" का खंडन जारी किया है. सांसदों को इन नोटिसों का सात दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है. नोटिस में संविधान के अनुच्छेद 63 (ए) का हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि यह प्रावधान सांसदों को उनकी पार्टी द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य करता है.

दलबदल पर क्या कहता है पाक संविधान का अनुच्छेद 63 (ए)?

नोटिस में कहा गया है, "आप इस कारण बताओ नोटिस का जवाब दे सकते हैं और शनिवार, 26 मार्च, 2022 को दोपहर 2 बजे या उससे पहले पीएम इमरान खान के समक्ष व्यक्तिगत रुप से सफाई दे सकते हैं." संविधान के अनुच्छेद 63 (ए) के अनुसार, एक सांसद को दलबदल के आधार पर अयोग्य ठहराया जा सकता है यदि वह "उस संसदीय दल द्वारा जारी किए गए किसी भी निर्देश के विपरीत सदन में मतदान करता है या मतदान से दूर रहता है." 

सोमवार को आएगा अविश्वास प्रस्ताव, 28 मार्च को वोटिंग

अविश्वास प्रस्ताव के लिए पाकिस्तान की संसद नेशनल असेंबली का सत्र 21 मार्च को बुलाए जाने की उम्मीद है और मतदान 28 मार्च को होने की संभावना है. विपक्ष ने कहा है कि अगर 21 मार्च को नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जाता है तो वे प्रदर्शन शुरू करेंगे और संसद से बाहर ही नहीं निकलेंगे. 

Advertisement

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement