उत्तर कोरिया की सत्तारूढ़ पार्टी ने किम जोंग-उन को एक बार फिर अपना महासचिव चुना है. कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) के मुताबिक, वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया (KWP) की नौवीं कांग्रेस में पार्टी और देश के विकास व समृद्धि के लिए किम जोंग-उन को महासचिव चुने जाने का निर्णय लिया. उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने सोमवार को बताया कि किम जोंग-उन के नेतृत्व में देश की परमाणु युद्ध-प्रतिरोधक क्षमता में तेजी से सुधार हुआ है.
केडब्ल्यूपी ने कहा कि पार्टी सदस्य, उत्तर कोरिया की जनता और सैनिकों की यही इच्छा थी कि किम जोंग-उन को फिर से महासचिव बनाया जाए. यह फैसला पार्टी कांग्रेस के चौथे दिन लिया गया. आमतौर पर कई दिनों तक चलने वाली इस कांग्रेस के अंत में अगले पांच वर्षों के लिए अर्थव्यवस्था, रक्षा और कूटनीति से जुड़े प्रमुख नीतिगत लक्ष्य तय किए जाते हैं. पार्टी नियमों के अनुसार, महासचिव का चुनाव पार्टी कांग्रेस में ही होता है.
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कोरियन वर्कर्स पार्टी की कांग्रेस में किम जोंग-उन की सराहना करते हुए कहा गया कि उन्होंने ऐसी 'क्रांतिकारी सशस्त्र सेनाएं' खड़ी की हैं जो किसी भी प्रकार के युद्ध और आक्रामकता से निपटने में सक्षम हैं. कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी के मुताबिक, 'परमाणु बलों को केंद्र में रखकर देश की युद्ध-प्रतिरोधक क्षमता में क्रांतिकारी सुधार हुआ है और कठिन ऐतिहासिक चुनौतियों के बावजूद राज्य समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ा है.'
कांग्रेस को संबोधित करते हुए पार्टी सचिव री इल-ह्वान ने कहा कि किम जोंग-उन ने वैश्विक अशांति और युद्धों के बीच भी लंबे समय से संजोए गए समृद्धि के सपनों को साकार करने का मार्ग प्रशस्त किया. उन्होंने यह भी दावा किया कि उत्तर कोरिया ने दुश्मन देशों के प्रतिबंधों को निष्प्रभावी किया है और दुनिया में एक प्रभावशाली शक्ति के रूप में पहचाना जा रहा है. यह कांग्रेस 2021 के बाद पहली बार आयोजित हो रही है और उत्तर कोरिया की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था मानी जाती है.
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