नेपाल: नेशनल असेंबली चुनाव में कांग्रेस ने CPN-UML को पछाड़ा, सबसे ज्यादा 9 सीटों पर किया कब्जा

नेपाली कांग्रेस ने नेशनल असेंबली चुनाव में प्रमुख प्रतिद्वंद्वी CPN-UML को पछाड़ते हुए 9 सीटों पर शानदार जीत हासिल की है. रविवार को आए चुनाव परिणामों के बाद ऊपरी सदन में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बन गई है.

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नेशनल असेंबली चुनाव में नेपाली कांग्रेस ने जीतीं 9 सीटें. (File photo: Reuters) नेशनल असेंबली चुनाव में नेपाली कांग्रेस ने जीतीं 9 सीटें. (File photo: Reuters)

aajtak.in

  • काठमांडू,
  • 26 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:52 AM IST

नेपाल के नेशनल असेंबली चुनाव में नेपाली कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नौ सीटें जीत ली हैं. इसके साथ ही अब नेपाली कांग्रेस ऊपरी सदन में 59 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बन गई है. वहीं, चुनाव में प्रमुख प्रतिद्वंद्वी CPN-UML ने आठ और लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी ने एक सीट पर जीत हासिल की है. 

चुनाव आयोग के प्रवक्ता नारायण प्रसाद भट्टराई ने बताया कि ऊपरी सदन की 18 खाली सीटों में से 17 सीटों के लिए रविवार सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे (स्थानीय समयानुसार) तक मतदान हुआ, जिसमें 95.68 प्रतिशत मतदान हुआ. उन्होंने बताया कि पूरे देश में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हुई.

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CPN-UML को कांग्रेस ने छोड़ा पीछे

चुनाव परिणामों के मुताबिक, नेपाली कांग्रेस ने सर्वाधिक 9 सीटें जीतीं, जबकि नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (यूनिफाइड मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी सीपीएन-यूएमएल ने 8 सीटें हासिल कीं, जबकि लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी को एक ही सीट से संतोष करना पड़ा है. वहीं, एक उम्मीदवार को ने जीत हासिल की है.

ऊपरी सदन में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी

उधर, रविवार को जारी हुए नतीजों के बाद नेपाली कांग्रेस के पास अब 25 सीटें हो गई हैं, जिससे वह 59 सदस्यीय राष्ट्रीय सभा में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है. नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी 18 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है, जबकि मौजूदा चुनाव परिणामों के साथ, राष्ट्रीय सभा में सीपीएन-यूएमएल की संख्या 11 हो गई है.

कैसे होता है नेशनल असेंबली चुनाव?

नेपाल के उच्च सदन की 59 सीटों में से एक-तिहाई सीटें हर दो साल में खाली हो जाती हैं. इनमें से 56 सदस्य सात प्रांतों से चुने जाते हैं, जबकि शेष 3 सदस्यों का मनोनयन राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है. 

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इस चुनाव में मतदाता के रूप में प्रांतीय विधानसभा सदस्य, नगर निगम के मेयर-डिप्टी मेयर और ग्रामीण नगर पालिकाओं के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष शामिल होते हैं. इन सभी मतदाताओं के वोटों का वेटेज अलग-अलग निर्धारित होता है.

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