नेपाल चुनाव: 165 सीटों के लिए मैदान में 3500 उम्मीदवार, 5 मार्च को होगी वोटिंग

नेपाल में आगामी आम चुनावों के लिए सरगर्मियां तेज हो गई हैं. प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली के तहत 165 सीटों के लिए करीब 3,500 उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल किया है.

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नेपाल में चुनाव के ऐलान से सियासी सरगर्मियां तेज (File Photo: ITG) नेपाल में चुनाव के ऐलान से सियासी सरगर्मियां तेज (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:49 PM IST

नेपाल के आगामी आम चुनाव के लिए मंगलवार को प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली के तहत 165 सीटों के लिए करीब 3,500 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं. चुनाव आयोग ने सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक नाम दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की, जिसमें 391 महिलाओं सहित कुल 3,428 उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश की है. 

प्रतिनिधि सभा (HoR) की 275 सीटों के लिए यह चुनाव 5 मार्च को आयोजित किया जाएगा. भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध को लेकर 'जेन-Z' समूह के हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद पिछले साल 9 सितंबर को केपी शर्मा ओली के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने की वजह से ये चुनाव कराए जा रहे हैं. 

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मौजूदा वक्त में 73 वर्षीय सुशीला कार्की अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाल रही हैं, जिनकी सिफारिश पर राष्ट्रपति ने प्रतिनिधि सभा को भंग कर चुनावी तारीखों की घोषणा की थी.

सीटों का गणित और चुनावी प्रक्रिया

नेपाल की प्रतिनिधि सभा में कुल 275 सीटें हैं, जिनमें से 165 सीटों पर 'फर्स्ट पास्ट द पोस्ट' यानी सीधे मतदान के जरिए चुनाव होता है. बची 40 फीसदी यानी 110 सदस्यों का चयन आनुपातिक मतदान प्रणाली के जरिए किया जाता है. कार्यवाहक मुख्य चुनाव आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने उम्मीदवार पंजीकरण कार्यक्रम को उत्साहजनक बताते हुए कहा कि देशभर में यह प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही. अब आयोग नामांकन पत्रों के सत्यापन और शिकायतों के निपटारे के बाद 23 जनवरी को उम्मीदवारों की अंतिम सूची प्रकाशित करेगा.

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हिंसक विरोध के बाद नई उम्मीदें

नेपाल में इन आम चुनावों की नौबत तब आई, जब भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं के नेतृत्व वाले बड़े आंदोलन ने ओली सरकार को हिला दिया था. केपी शर्मा ओली के पद छोड़ने के बाद 12 सितंबर को सुशीला कार्की ने अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी. चुनाव आयोग के प्रवक्ता नारायण प्रसाद भट्टराई के मुताबिक, नामांकन प्रक्रिया में विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ-साथ स्वतंत्र उम्मीदवारों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है. अब देश की नजरें 5 मार्च को होने वाली वोटिंग पर टिकी हैं.

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