केमिकल अटैक के 24 घंटे के अंदर सीरिया में हुआ मिसाइल से हमला

स्थानीय मीडिया ने इस मिसाइल हमले का शक अमेरिका पर जताया है. जबकि अमेरिका इस हमले में उनका हाथ होने की बात को नकारा है. मीडिया के अनुसार, सेंट्रल सीरिया के पास वाले इलाके में घरों के आसपास ये हमला हुआ था.

Advertisement
सीरिया में फिर बिगड़े हालात सीरिया में फिर बिगड़े हालात

मोहित ग्रोवर

  • अम्मान,
  • 09 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 11:19 AM IST

सीरिया में हुए केमिकल हमले के दौरान हुई 70 लोगों की मौत से एक बार फिर हालात बिगड़ते दिख रहे हैं. सीरिया की गृह विभाग की मानें तो उनके यहां इसके बाद मिसाइल अटैक किया गया है. सीरिया मीडिया के मुताबिक, सीरिया एयर डिफेंस ने सोमवार को करीब 8 मिसाइलों को गिराया है.

स्थानीय मीडिया ने इस मिसाइल हमले का शक अमेरिका पर जताया है. जबकि अमेरिका इस हमले में उनका हाथ होने की बात को नकारा है. मीडिया के अनुसार, सेंट्रल सीरिया के पास वाले इलाके में घरों के आसपास ये हमला हुआ था. खबर है कि इस हमले में कई लोगों की मौत हुई है. पेंटागन ने कहा है कि वह इस समय सीरिया में हमला नहीं कर रहा है. उन्होंने कहा कि हम लोग सीरिया के मुद्दे पर नज़र बनाए हुए हैं.

Advertisement

सीरिया में होम्स के तायफुर वायुसेना अड्डे पर हमला ऐसे समय में हुआ है जब शनिवार को पूर्वी घोउटा में विद्रोहियों के गढ़ पर हुए हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश बढ़ गया है.

दूसरी ओर यूरोपीय संघ ने कहा कि ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिनसे यह संकेत मिला है कि सीरिया प्रशासन ने दोउमा में रासायनिक हमले किए और उसने सीरिया के सहयोगी रूस एवं ईरान से आह्वान किया वे ऐसे अन्य हमलों को रोकने में मदद करें.

आपको बता दें कि सीरिया में हुए केमिकल अटैक के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी चेतावनी दी थी. ट्रंप ने इसके लिए रूस, ईरान और सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद को जिम्मेदार ठहराया था. साथ ही उन्होंने कड़ी चेतावनी दी कि सीरिया में केमिकल हमले में शामिल लोगों और देशों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.

Advertisement

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्वीट कर चेताया था कि सीरिया में मूर्खतापूर्ण केमिकल हमले में महिलाओं और बच्चों समेत कई लोगों की मौत हो गई. जहां पर केमिकल हमला हुआ, उसको सीरियाई सेना ने चारो ओर से घेर रखा है. ऐसे में वहां दुनिया के बाहर से कोई पहुंच ही नहीं सकता है.

इस हमले के लिए असद (सीरिया के राष्ट्रपति) का समर्थन करने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, रूस और ईरान जिम्मेदार हैं. इनको इसके लिए भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement