ईरानी कार्यकर्ता मसीह अलीनेजाद ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करते हुए ईरान सरकार पर बार-बार उनकी हत्या करने का प्रयास करने का आरोप लगाया. साथ ही चेतावनी दी कि जब तक दुनिया गंभीर कार्रवाई नहीं करती, देश के अंदर हो रहा क्रूर नरसंहार और भी बदतर होता जाएगा.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक में ये आपसी टकराव देखने को मिला. अलीनेजाद ने सदन में दूसरी तरफ बैठे ईरान के प्रतिनिधि से सीधे बात की.
अलीनेजाद ने कहा, 'तुमने (ईरान) मुझे तीन बार जान से मारने की कोशिश की है. मैंने हत्या करने आए शख्स को अपनी आंखों से ब्रुकलिन स्थित अपने घर के बगीचे के सामने देखा है.'
ईरान की ISIS से कर दी तुलना
ईरानी अधिकारी सीधे सामने देखते रहे और उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. अमेरिका में रहने वाली और ईरानी शासन की प्रमुख आलोचकों में से एक अलीनेजाद ने कहा कि तेहरान की कार्रवाई चरमपंथी समूहों की कार्रवाई के समान है और उनके साथ उसी तरह का व्यवहार किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा, 'इस्लामिक गणराज्य आईएसआईएस की तरह व्यवहार कर रहा है और उसके साथ आईएसआईएस जैसा ही बर्ताव होना चाहिए. निर्दोष लोगों की जान बचाने का यही तरीका है.'
उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के अंदर दमन तेज हो रहा है और केवल अंतरराष्ट्रीय निंदा से काम नहीं चलेगा.
अमेरिका ने ईरानी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया
ईरान में बढ़ती अशांति के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा आपातकालीन सत्र बुलाया गया था. संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने कहा कि देश के भीतर हो रहे विरोध प्रदर्शन एक ऐतिहासिक क्षण हैं.
वाल्ट्ज ने कहा, 'ईरान के लोग इस्लामी गणराज्य के क्रूर इतिहास में पहले कभी नहीं की तरह अपनी आजादी की मांग कर रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के बहादुर लोगों के साथ खड़े हैं.' वाल्ट्ज ने ईरानी दावों को खारिज कर दिया कि विरोध प्रदर्शन एक विदेशी साजिश थी.
संयुक्त राष्ट्र ने ईरान पर हमले के खिलाफ चेतावनी दी
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने संयम बरतने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि आगे तनाव बढ़ने से क्षेत्र में अस्थिरता पैदा हो सकती है. महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की ओर से बोलते हुए, सहायक महासचिव मार्था पोबी ने आगाह किया कि ईरान पर संभावित सैन्य हमले "पहले से ही विस्फोटक स्थिति में और अधिक अस्थिरता" पैदा करेंगे.
गुटेरेस ने सभी पक्षों से ऐसे एक्शन से बचने का आह्वान किया जिनसे और अधिक जानमाल का नुकसान हो सकता है और दोहराया कि ईरान से जुड़े मुद्दों, जिनमें उसका परमाणु कार्यक्रम भी शामिल है, को कूटनीति और संवाद के माध्यम से हल किया जाना चाहिए.
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