तनाव के बीच खास एजेंडे से भारत पहुंचे मुइज्जू के मंत्री, जयशंकर से करेंगे मुलाकात

मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर बुधवार को ही भारत पहुंच गए थे. वह एक दिन के अपने दौरे के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात करेंगे. इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा होगी. दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है. कहा जा रहा है कि इस दौरान मालदीव जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या घटने को लेकर भी बातचीत हो सकती है. 

Advertisement
मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 मई 2024,
  • अपडेटेड 7:47 AM IST

मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर भारत पहुंच गए हैं. भारत से संबंधों में तनाव के बीच ये उनका भारत का पहला आधिकारिक दौरा है. वह ऐसे समय पर भारत पहुंचे हैं, जब कुछ दिन पहले ही मालदीव ने भारतीय पर्यटकों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में मालदीव आने की अपील की थी. 

मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर बुधवार को ही भारत पहुंच गए थे. वह एक दिन के अपने दौरे के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात करेंगे. इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा होगी. दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है. कहा जा रहा है कि इस दौरान मालदीव जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या घटने को लेकर भी बातचीत हो सकती है. 

Advertisement

मूसा जमीर ने मालदीव से रवाना होने से पहले सोशल मीडिया पोस्ट में बताया था कि मैं अपने पहले भारत दौरे के लिए रवाना हो रहा हूं. अपने भारतीय समकक्ष विदेश मंत्री एस जयशंकर से मिलने को लेकर आशान्वित हूं. इस दौरान दोनों देशों के लोगों के आपसी लाभ के लिए सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी. 

उन्होंने भारत पहुंचने पर कहा कि अपने भारत के पहले आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंच गया हूं. दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने को लेकर उत्सकु हूं. 

मालदीव के पर्यटन मंत्री ने क्या कहा था?

मालदीव के पर्यटन मंत्री इब्राहिम फैजल ने हाल ही में कहा था कि हमारी सरकार भारत के साथ मिलकर काम करना चाहती है. हमारे लोग और हमारी सरकार मालदीव आने वाले भारतीयों का गर्मजोशी से स्वागत करेंगे. मैं पर्यटन मंत्री के रूप में भारतीयों से कहना चाहता हूं कि आप ज्यादा से ज्यादा संख्या में मालदीव आएं. हमारी अर्थव्यवस्था दरअसल पर्यटन पर ही निर्भर है.

Advertisement

बता दें कि पिछले साल की तुलना में इस साल जनवरी से अप्रैल में मालदीव जाने वाले भारतीयों की संख्या में 42 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है. भारतीय पर्यटकों के लिए मालदीव काफी पसंदीदा जगह थी. लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बाद मालदीव जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या कम हो गई. पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जनवरी से अप्रैल के बीच 42,638 भारतीय पर्यटकों ने मालदीव की यात्रा की. जबकि, पिछले साल इन्हीं चार महीनों में 73,785 भारतीय पर्यटक मालदीव पहुंचे थे.

क्यों कम हुई पर्यटकों की संख्या?

स्थानीय मीडिया ने भारत-मालदीव तनाव और भारतीय पर्यटकों की संख्या में गिरावट के लिए मुइज्जू सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. पिछले साल नवंबर में मोहम्मद मुइज्जू मालदीव के राष्ट्रपति बने थे. तब से ही भारत और मालदीव के रिश्तों में तनाव है. मुइज्जू को चीन का समर्थक माना जाता है. उन्होंने अपने चुनाव प्रचार में 'इंडिया आउट' का नारा दिया था.

सत्ता में आने के बाद मुइज्जू ने मालदीव में मौजूद भारतीय सैनिकों की वापसी का मुद्दा उठाया था. मालदीव में 88 भारतीय सैनिक थे. अब इन सैनिकों को वापस बुलाया जा रहा है. 

मालदीव हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का अहम पड़ोसी है. इतना ही नहीं, मोदी सरकार की 'नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी' जैसे इनिशिएटिव में भी मालदीव की अहम जगह है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement