मलेशिया में गैर मुस्लिम सांसद ने कहा अल्हम्दुलिल्लाह तो मचा हंगामा, जानिए पूरा मामला

मलेशिया की संसद में मंत्री न्गा कोर मिंग ने इस्लामी शब्दों का इस्तेमाल किया जिस पर विवाद हो रहा है. विपक्ष ने इसे इस्लाम का अपमान बताया और बहस छिड़ गई. विवाद पर मंत्री ने कहा कि भाषा को आस्था से जोड़ना गलत है.

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मलेशिया के गैर-मुस्लिम सांसद ने अरबी शब्दों का इस्तेमाल किया, जिस पर विवाद हो गया है (Photo: X) मलेशिया के गैर-मुस्लिम सांसद ने अरबी शब्दों का इस्तेमाल किया, जिस पर विवाद हो गया है (Photo: X)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:19 PM IST

मलेशिया की संसद में एक मंत्री ने अरबी/इस्लामी शब्दों का इस्तेमाल किया जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है. चीनी मूल के मंत्री संसद में बहस के दौरान बार-बार अल्हम्दुलिल्लाह (अल्लाह का शुक्रिया) कह रहे थे जिसके बाद विपक्ष की एक सांसद आपत्ति जताने लगीं. सांसद ने कहा कि मंत्री इस्लामिक शब्दों का इस्तेमाल कर इस्लाम का अपमान कर रहे हैं.

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मलेशियाई संसद में देश के राजा सुल्तान इब्राहिम इस्कंदर के अभिभाषण पर आवास और स्थानीय सरकार मंत्रालय की ओर से मंत्री न्गा कोर मिंग बोल रहे थे. इस दौरान उन्होंने 'अल्हम्दुलिल्लाह', 'बर्स्युकुर' (आभार जताना) और सुजूद स्युकुर (सजदा करना) जैसे अरबी शब्दों का इस्तेमाल किया जिसे आमतौर पर मुसलमान इस्तेमाल करते हैं.

मंत्री के इन शब्दों के इस्तेमाल पर विपक्षी पैन-मलेशियन इस्लामिक पार्टी (PAS) की सांसद सिति जैला मोहद यूसुफ नाराज हो गईं और उन्होंने कई सवाल उठाए. दोनों के बीच इस दौरान गरमागरम बहस देखने को मिली.

बुधवार को संसद में दोनों नेताओं के बीच हुई बहस

बुधवार को संसद में हुई इस बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. मलेशिया की राजनीति में इस तरह के धार्मिक बहस आम है. वहां के नेता इस्लामी शब्दों के इस्तेमाल को संवेदनशील मुद्दा बनाते हैं. वहां इस्लामिक शब्दों के 'सम्मानजनक' इस्तेमाल पर बहस जल्दी ही ‘रॉयल्टी, रिलिजन और रेस’ यानी 3R जैसे संवेदनशील मुद्दों तक पहुंच जाती है.

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सिति जैला ने बहस के दौरान संसद में कहा, 'आप लगातार इस्लामिक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन क्या आप अल्लाह को मानते हैं? इन शब्दों को हल्के में न लें, इससे मुसलमानों में भ्रम पैदा हो सकता है.' उन्होंने चेतावनी दी कि यह बहस 3R से जुड़े मुद्दों तक पहुंच सकता है.

डेमोक्रेटिक एक्शन पार्टी (DAP) के वरिष्ठ नेता न्गा कोर मिंग ने जवाब में कहा कि भाषा को आस्था से नहीं जोड़ना चाहिए. उन्होंने कहा, 'भावुक मत होइए, तर्कसंगत बनिए. आपके पहचान पत्र का कोड 03 है, मेरा भी 03 है. मैं भी केलंतन (मलेशियाई राज्य) का ही हूं.' मलेशिया में केलंतन के लोगों के पहचान पत्र पर 03 लिखा होता है. 

मिंग ने कहा, 'हम मलेशियाई हैं. हम इस्लाम का सम्मान करते हैं, जो मलेशियाई संघ का धर्म है. इसमें मजाक उड़ाने का सवाल ही नहीं है.'

भाषा धर्म से अलग है- बोले मंत्री

संसद सत्र के दौरान एक अलग बातचीत में मिंग ने इस मुद्दे को धर्म से नहीं, बल्कि भाषा से जुड़ा बताया. उन्होंने कहा, 'अल्हम्दुलिल्लाह एक अरबी शब्द है, है न? इंशा-अल्लाह का मतलब है ‘अगर ईश्वर ने चाहा’, और अल्हम्दुलिल्लाह आभार जताने का तरीका है.'

बाद में उन्होंने सिति जैला पर तंज करते हुए अपने मंत्रालय के ईद ओपन हाउस में आने का न्योता भी दिया.

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मिंग के बचाव में आए कई मुसलमान सांसद

सत्तारूढ़ गठबंधन के एक सांसद अजली यूसुफ ने भी मिंग का बचाव किया है. उन्होंने कहा कि अरब देशों में गैर-मुस्लिम भी ऐसे शब्दों का आम तौर पर इस्तेमाल करते हैं. अजली ने कहा, 'एक मुसलमान के तौर पर मुझे खुशी है कि मंत्री इन शब्दों का इस्तेमाल करते हैं. मुझे उम्मीद है कि मिंग एक दिन इस्लाम अपनाएंगे.'

आवास मंत्रालय में मिंग की उप मंत्री ऐमान अतीराह साबू ने भी इस घटना की आलोचना करते हुए इसे अपमानजनक बताया. उन्होंने कहा, 'सिर्फ इसलिए कि हम मुसलमान हैं और अपनी आस्था में विश्वास रखते हैं, हमें अन्य गैर-मुस्लिम सांसदों का अपमान करने का अधिकार नहीं मिल जाता.'

उन्होंने कहा कि 'अल्हम्दुलिल्लाह' और 'इंशा-अल्लाह' जैसे शब्दों का इस्तेमाल अपने आप में किसी के मुसलमान होने का सबूत नहीं है. मंत्री ने कहा कि इस्लाम मलेशियाई संघ का धर्म है और अरबी शब्दों का इस्तेमाल इसके प्रति सम्मान दिखाने का तरीका हो सकता है.

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