जापान के पूर्व PM शिंजो आबे को गर्दन में मारी थी गोली... 4 साल बाद कोर्ट ने हमलावर को दी उम्रकैद

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या के मामले में बड़ा फैसला आया है. नारा जिला कोर्ट ने हमलावर तेत्सुया यामागामी को उम्रकैद की सजा सुनाई है. 2022 में चुनावी रैली के दौरान आबे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसने पूरे जापान को झकझोर दिया था.

Advertisement
हमलावर ने शिंजो आबे पर दो गोलियां चलाई थी. (File Photo) हमलावर ने शिंजो आबे पर दो गोलियां चलाई थी. (File Photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:04 PM IST

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की सनसनीखेज हत्या के मामले में चार साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. नारा जिला कोर्ट ने बुधवार को हमलावर तेत्सुया यामागामी को उम्रकैद की सजा दी. जापान के सार्वजनिक प्रसारक NHK के मुताबिक, अदालत ने अभियोजन पक्ष की मांग को स्वीकार करते हुए यामागामी को हत्या का दोषी ठहराया.

45 वर्षीय तेत्सुया यामागामी ने पहले ही अदालत में अपना अपराध स्वीकार कर लिया था. उसने जुलाई 2022 में पश्चिमी जापान के नारा शहर में चुनावी प्रचार के दौरान शिंजो आबे की गोली मारकर हत्या कर दी थी. घटना के वक्त आबे एक ट्रेन स्टेशन के बाहर भाषण दे रहे थे. टीवी फुटेज में दो गोलियों की आवाज सुनाई दी थी, जिसके बाद आबे मंच पर गिर पड़े. अधिकारियों के मुताबिक उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी.

Advertisement

यह भी पढ़ें: चुनावी रैली और 11:30 बजे का वक्त... जापान के पीएम पर जानलेवा हमले ने याद दिलाई शिंजो आबे की हत्या

शिंजो आबे जापान के सबसे प्रभावशाली और लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेताओं में से एक थे. हत्या के समय वह प्रधानमंत्री पद पर नहीं थे, लेकिन सक्रिय सांसद के तौर पर चुनाव प्रचार में जुटे हुए थे. सख्त गन कंट्रोल वाले जापान में इस हत्या ने देश को गहरे सदमे में डाल दिया था.

जापान के पूर्व पीएम शिंजो आबे. (File Photo)

चर्च को नुकसान पहुंचाने जैसी नीति बनाने का लगाया था आरोप

अदालत में यामागामी ने बताया कि उसने यह हमला एक विवादित धार्मिक संगठन यूनिफिकेशन चर्च के प्रति गहरी नफरत के चलते किया. उसने कहा कि आबे द्वारा चर्च से जुड़े एक संगठन को भेजे गए वीडियो संदेश के बाद उसने आबे को निशाना बनाया. यामागामी के अनुसार, उसका असली मकसद चर्च को नुकसान पहुंचाना और जापानी राजनीति से उसके कथित संबंधों को उजागर करना था.

Advertisement

दोषी को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

प्रॉसिक्यूशन ने यामागामी के लिए उम्रकैद की सजा की मांग की थी, जबकि बचाव पक्ष ने अधिकतम 20 साल की सजा की अपील की थी. वकीलों ने तर्क दिया कि आरोपी का बचपन चर्च से जुड़ी पारिवारिक परेशानियों में बीता. हालांकि अदालत ने इन दलीलों को खारिज कर दिया.

यह भी पढ़ें: '20 साल से कर रहा था मर्डर की प्लानिंग', जापान के पूर्व पीएम शिंजो आबे को गोली मारने वाले का कबूलनामा

इस हत्या के बाद सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी और यूनिफिकेशन चर्च के कथित करीबी संबंधों पर भी बड़ा खुलासा हुआ. इसके चलते चर्च की टैक्स छूट समाप्त की गई और उसे भंग करने का आदेश दिया गया. साथ ही, जापान में वीआईपी नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement