ईरान और अमेरिका-इजरायल में जारी जंग के बीच मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. इज़रायल ने मंगलवार को दक्षिणी लेबनान में अतिरिक्त सैनिक भेज दिए और 80 से अधिक गांवों के निवासियों को तत्काल इलाका खाली करने का आदेश दिया. वहीं ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह ने साफ कहा है कि वह इज़रायल के साथ खुले युद्ध के लिए तैयार है.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक ताजा टकराव की शुरुआत तब हुई जब सोमवार तड़के हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी इज़रायल की ओर रॉकेट और ड्रोन दागे. इसके जवाब में इज़रायल ने लेबनान में व्यापक हवाई हमले किए, जिनमें 52 लोगों की मौत हुई. मृतकों में एक फिलिस्तीनी लड़ाका और बेरूत के दक्षिणी उपनगर में हिज़्बुल्लाह का एक खुफिया अधिकारी शामिल बताया गया है. 150 से अधिक लोग घायल हुए हैं और हजारों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है.
दक्षिणी लेबनान में इज़रायली सेना की बढ़ी तैनाती
हिज़्बुल्लाह ने मंगलवार सुबह कहा कि उसने उत्तरी इज़रायल की ओर दो बार रॉकेट दागे. इज़रायली हवाई हमलों में हिज़्बुल्लाह के टीवी और रेडियो स्टेशन वाले भवन को भी नुकसान पहुंचा. मंगलवार दोपहर बेरूत के दक्षिणी इलाकों में बिना पूर्व चेतावनी के कई हमले किए गए. इज़रायली सेना ने बाद में कहा कि उसने हिज़्बुल्लाह के अधिकारियों को निशाना बनाया.
इज़रायली सेना के प्रवक्ता अविचाय अद्रई ने 80 से अधिक गांवों और कस्बों के निवासियों को तुरंत इलाका छोड़ने की चेतावनी जारी की और अगली सूचना तक वापस न लौटने को कहा.
80 से अधिक गांव खाली कराने का आदेश
हिज़्बुल्लाह के वरिष्ठ नेता मोहम्मद कोमाती ने कहा कि एक साल से अधिक समय तक युद्धविराम का पालन करने के बावजूद इज़रायल के हमले जारी रहे. अब उनके पास 'प्रतिरोध में लौटने और खुले युद्ध' के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है. उन्होंने कहा, 'जायोनी दुश्मन ने खुले युद्ध की इच्छा जताई है, तो फिर यही सही.
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने सऊदी अरब, कतर, अमेरिका, फ्रांस और मिस्र के राजदूतों से कहा कि हिज़्बुल्लाह लितानी नदी के उत्तर से रॉकेट दाग रहा है. सरकार का दावा है कि लितानी नदी के दक्षिण में हिज़्बुल्लाह को निरस्त्र कर दिया गया है और वहां लेबनानी सेना का पूर्ण नियंत्रण है.
हिज़्बुल्लाह ने की खुली जंग की घोषणा
इज़रायली सेना ने बताया कि उसने दक्षिणी लेबनान में अतिरिक्त सैनिक भेजकर रणनीतिक स्थानों पर नई तैनाती की है. लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, लेबनानी सेना भी सीमा क्षेत्रों से अपनी कुछ चौकियां खाली कर रही है. एक लेबनानी सैन्य अधिकारी ने पुष्टि की कि इज़रायली सैनिक कुछ क्षेत्रों में दाखिल हुए, जबकि लेबनानी सेना “पुनर्स्थापन” कर रही है.
अक्टूबर 2024 में इज़रायल ने हिज़्बुल्लाह के खिलाफ जमीनी हमला शुरू किया था. नवंबर 2024 में अमेरिका की मध्यस्थता से युद्धविराम लागू हुआ, जिसके बाद इज़रायल ने अधिकांश दक्षिणी लेबनान से वापसी की, हालांकि वह सीमा के पांच बिंदुओं पर अब भी मौजूद है. युद्धविराम के बाद भी इज़रायल दक्षिणी लेबनान में लगभग रोज़ हमले करता रहा, यह आरोप लगाते हुए कि हिज़्बुल्लाह अपनी ताकत फिर से बढ़ाने की कोशिश कर रहा है.
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