पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व वरिष्ठ सलाहकार और उनके दामाद जेरेड कुशनर ने कहा है कि यहूदियों के लिए अमेरिका से ज्यादा सुरक्षित इस्लामिक देश सऊदी अरब है. कुशनर एक यहूदी हैं जिन्होंने सऊदी अरब में एक सम्मेलन के दौरान यह टिप्पणी की है. इस दौरान उन्होंने कहा कि सऊदी अरब ने उन्हें स्वतंत्र रूप से बोलने की अनुमति दी है.
'Sunday Morning Futures' नाम से आयोजित सम्मेलन में कुशनर ने कहा, 'यह एक बड़ी विडंबना है कि एक अमेरिकी यहूदी के रूप में, आप अभी कोलंबिया यूनिवर्सिटी जैसे कॉलेज कैंपस की तुलना में सऊदी अरब में अधिक सुरक्षित हैं. सऊदी ने मुझे स्वतंत्र रूप से बोलने की अनुमति दी है.'
कुशनर का यह बयान अमेरिका में यहूदी विरोधी घटनाओं में बढ़ोतरी के बीच आया है. इजरायल-हमास की लड़ाई की शुरुआत के बाद कुछ फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी कैंपस में यहूदी छात्रों को निशाना बनाया है.
अमेरिका में इजरायल विरोधी प्रदर्शन
इजरायल और हमास के बीच लड़ाई को लेकर चल रहे तनाव के कारण कोलंबिया यूनिवर्सिटी को पिछले सप्ताह अपने 'Giving Day' के लिए धन जुटाने में देरी करनी पड़ी. गिविंग डे पर एक अरबपति दानकर्ता, लियोन कूपरमैन दान देते हैं लेकिन उन्होंने यूनिवर्सिटी के फैक्लटी और छात्रों की 'इजरायल विरोधी गतिविधि' के कारण यूनिवर्सिटी को पैसा देना बंद करने की धमकी दी है. 'इजरायल विरोधी गतिविधि' में यूनिवर्सिटी का एक प्रोफेसर भी शामिल है, जिसने इजरायल पर हाल ही में हमास के हमले की खूब प्रशंसा की थी.
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में यहूदी विरोधी एक और घटना न्यूयॉर्क में कूपर यूनियन में हुई, जहां प्रदर्शनकारियों ने एक लाइब्रेरी में पढ़ रहे यहूदी छात्रों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इस कारण यहूदी छात्र देर तक लाइब्रेरी के अंदर फंसे रह गए थे.
सऊदी अरब के साथ ट्रंप के दामाद के गहरे रिश्ते
जेरेड कुशनर और सऊदी शासन के बीच बेहद मजबूत संबंध हैं. कुशनर ने जब व्हाइट हाउस छोड़ दिया तब सऊदी अरब ने उनके प्राइवेट इक्विटी फर्म में 2 अरब डॉलर का निवेश किया था. ट्रंप प्रशासन में अपने कार्यकाल के दौरान, कुशनर ने इजरायल के साथ संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और बहरीन जैसे कुछ अरब देशों के सामान्यीकरण समझौते में अहम भूमिका निभाई थी.
हालांकि, कुशनर की कोशिशों के बावजूद सऊदी अरब अभी तक इजरायल के साथ रिश्ते सामान्य करने पर सहमत नहीं हुआ है. यूएई और बहरीन ने भले ही इजरायल के साथ रिश्ते कायम कर लिए हैं लेकिन वहां की जनता इस समझौते को लेकर अब भी संशय में है.
सऊदी-इजरायल समझौते को लेकर आशान्वित हैं कुशनर
इजरायल-हमास युद्ध से पहले अमेरिका की कोशिशों के कारण सऊदी और इजरायल के बीच एक सामान्यीकरण समझौता होने वाला था लेकिन युद्ध ने इस समझौते की कोशिशों पर पानी फेर दिया है. हालांकि, कुशनर को अब भी उम्मीद है सऊदी अरब अंत में जाकर शांति के इस पहल में शामिल होगा.
उन्होंने कहा, 'हां, मेरा मानना है कि सऊदी अरब अमेरिका और इजरायल के साथ समझौते पर आगे बढ़ना चाहेगा.'
उन्होंने बताया कि इस समझौते में न केवल इजरायल के साथ साझेदारी शामिल होगी, बल्कि अमेरिका के साथ सऊदी का एक मजबूत गठबंधन भी होगा. इसी के साथ ही उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका सऊदी अरब के करीब नहीं होगा तो सऊदी चीन का रुख करेगा. उन्होंने कहा, 'इस मामले पर चर्चा हो रही है.'
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