तीन महीने पहले तैयार हो गया था खामेनेई को मारने का प्लान, इजरायली रक्षा मंत्री ने किया बहुत बड़ा खुलासा

इजरायल के रक्षा मंत्री काट्ज़ ने दावा किया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को खत्म करने का फैसला नवंबर में ही ले लिया गया था. अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई अभियान के शुरुआती घंटों में खामेनेई मारे गए. इस बीच इजरायल ने लेबनान सरकार को चेतावनी दी है कि वह हिज्बुल्लाह को निरस्त्र करे, अन्यथा उसे भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है.

Advertisement
नवंबर में तय हो गया था खामेनेई को खत्म करने का प्लान (Photo : ITG) नवंबर में तय हो गया था खामेनेई को खत्म करने का प्लान (Photo : ITG)

aajtak.in

  • तेलअवीव,
  • 07 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:08 PM IST

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को खत्म करने का फैसला इजरायल ने नवंबर में ही ले लिया था. उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई की योजना लगभग छह महीने बाद लागू करने की बनाई गई थी.

इजरायल के टीवी चैनल N12 न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने कहा कि नवंबर में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक सीमित बैठक हुई थी, जिसमें खामेनेई को खत्म करने का लक्ष्य तय किया गया था. उस समय इस ऑपरेशन के लिए 2026 के मध्य का समय निर्धारित किया गया था.

Advertisement

नवंबर में नेतन्याहू के साथ बैठक में तय हुआ था खामेनेई को खत्म करने का लक्ष्य

काट्ज़ के मुताबिक बाद में इस योजना की जानकारी अमेरिका को भी दी गई. इसके बाद जनवरी के आसपास इसे पहले लागू करने का फैसला लिया गया. उन्होंने कहा कि उस समय ईरान में विरोध प्रदर्शन बढ़ रहे थे और इजरायल को आशंका थी कि दबाव में आए ईरानी शासक इजरायल और अमेरिका के ठिकानों पर हमला कर सकते हैं.

बताया गया कि अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए संयुक्त हवाई अभियान के शुरुआती घंटों में ही खामेनेई मारे गए. यह पहली बार माना जा रहा है जब किसी देश के सर्वोच्च नेता की हत्या सीधे हवाई हमले में हुई है.

यह संयुक्त सैन्य अभियान अब अपने पहले सप्ताह के अंत की ओर बढ़ रहा है. अभियान की शुरुआत में ही ईरान के शीर्ष नेताओं को निशाना बनाया गया, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई. ईरान ने इसके जवाब में इजरायल, खाड़ी देशों और इराक में हमले किए, जबकि इजरायल ने ईरान के सहयोगी संगठन हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर लेबनान में हमले तेज कर दिए हैं.

Advertisement

लेबनान को इजरायल की चेतावनी, 'हिज्बुल्लाह को निरस्त्र करो'

इसी बीच इजरायल के रक्षा मंत्री ने लेबनान सरकार को भी कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि लेबनान सरकार को हिज्बुल्लाह को निरस्त्र करना होगा, अन्यथा उसे 'बहुत भारी कीमत' चुकानी पड़ेगी.

इजरायल का कहना है कि उसका उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल परियोजना से पैदा होने वाले खतरे को खत्म करना है. साथ ही इजरायल ईरान में शासन परिवर्तन लाने की बात भी कर रहा है. हालांकि अब तक ईरान के नेताओं की ओर से सत्ता छोड़ने के कोई संकेत नहीं मिले हैं.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement