यरूशलम में स्थित संयुक्त राष्ट्र की संस्था UNRWA के मुख्यालय पर इजरायल ने बुलडोजर चलवा दिया है. इजरायली सेना पूर्वी यरूशलम में स्थित इस इमारत की कैंपस में बुलडोजर और दूसरे औजारों के साथ घुस गए और संयुक्त राष्ट्र (UN) की इस इमारत को जमींदोज करना शुरू कर दिया. संयुक्त राष्ट्र ने इसे अभूतपूर्व हमला कहा है.
पूर्वी यरूशलम में यूनाइटेड नेशंस रिलीफ एंड वर्क्स एजेंसी फॉर फिलीस्तीन रिफ्यूजी (UNRWA) का मुख्यालय है. UNRWA युद्धग्रस्त गाजा में फिलिस्तीनी शरणार्थियों को मानवीय सहायता और सुरक्षा प्रदान करती है. यूएन के अनुसार जबतक फिलीस्तीन समस्या का न्यायपूर्ण और स्थायी समाधान नहीं हो जाता तब UNRWA उन्हें मदद देता रहेगा. UNRWA फिलिस्तीनी शरणार्थियों को पांच क्षेत्रों- गाजा पट्टी, वेस्ट बैंक, जॉर्डन, लेबनान और सीरिया में सेवाएं देती हैं. यह लगभग 59 लाख पंजीकृत शरणार्थियों की मदद करती है. इजरायल इसी इमारत को गिरा रहा है.
UNRWA के हेडक्वार्टर को गिराने का कदम इस एजेंसी के खिलाफ वर्षों से चल रहे कानूनी लड़ाई के बाद आया है. इजरायल UNRWA पर हमास के साथ मिलीभगत और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाता है.
UNRWA-हमास का लिंक है
अक्टूबर 2024 के आखिर में इजरायल की संसद नेसेट ने दो कानून पास किए, जिनमें UNRWA को इज़रायली इलाके में काम करने से रोक दिया गया. इस बैन के बावजूद UNRWA के ऑपरेशन, जिनमें स्कूल, हेल्थकेयर और दूसरी सोशल सर्विस शामिल हैं पूर्वी यरुशलम में जैसे-तैसे चल रहे हैं.
इजरायल ने इस बिल्डिंग को गिराने के कदम का बचाव किया. विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि "UNRWA-हमास ने पहले ही इस जगह पर अपना ऑपरेशन बंद कर दिया था और अब वहां कोई UN कर्मचारी या UN गतिविधि नहीं थी." बता दें कि इस बिल्डिंग में कई फिलीस्तीनी अभी भी रह रहे थे.
इजरायल ने कहा- ऐतिहासिक दिन
इजरायल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह तोड़फोड़ एक नए कानून के तहत की गई है, जिसने संगठन पर बैन लगा दिया था और उस पर आतंकवादी समूहों और हमास से संबंध होने का आरोप लगाया था. राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गविर ने एक बयान में कहा कि वह टीमों के साथ हेडक्वार्टर गए थे और इसे "ऐतिहासिक दिन" बताया.
इजरायल ने कहा कि, "इस कंपाउंड को कोई इम्यूनिटी नहीं मिली हुई है और इजरायली अधिकारियों द्वारा इस कंपाउंड को जब्त करना इजरायली और अंतरराष्ट्रीय कानून दोनों के अनुसार किया गया था."
जैसे ही बुलडोजर ने इमारतों को गिराना शुरू किया, राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर डिमोलिशन देखने के लिए मौके पर पहुंचे.
उन्होंने कहा, "यह यरूशलम में संप्रभुता के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है. आज इन आतंकवादियों के समर्थकों को उनके बनाए गए सभी चीज़ों के साथ यहां से बाहर निकाला जा रहा है. हर आतंकवादी समर्थक के साथ ऐसा ही किया जाएगा."
पिछले महीने इज़रायली अधिकारियों ने कंपाउंड पर छापा मारा था. इस दौरान इजरायली अधिकारियों ने मुख्य बिल्डिंग पर इजरायली झंडा फहराया और उन संपत्तियों को ज़ब्त कर लिया, जिनके बारे में उन्होंने कहा कि वे नगर निगम टैक्स विवादों से संबंधित थीं, हालांकि UN ने कहा कि छापे का टैक्स से कोई लेना-देना नहीं था और पूर्वी यरूशलेम कंपाउंड "संयुक्त राष्ट्र का परिसर बना हुआ है और यह पवित्र है और किसी भी तरह के हस्तक्षेप से सुरक्षित है.
इज़रायल लंबे समय से इस एजेंसी को पूरी तरह से बंद करने की कोशिश कर रहा है. इजरायल का कहना है कि यह एजेंसी फिलिस्तीनी वंशजों को फिर से बसाने के बजाय उन्हें शरणार्थी का दर्जा देना जारी रखकर संघर्ष को बढ़ावा देता है.
UNRWA का बयान
इजरायल के इस एक्शन पर UN ने कहा कि इजरायल अंतर्राष्ट्रीय कानून का खुलेआम और जानबूझकर उल्लंघन कर रहा है. आज सुबह इजरायली सेना ने पूर्वी यरुशलम में संयुक्त राष्ट्र की एक साइट UNRWA मुख्यालय पर धावा बोल दिया. बुलडोजर कंपाउंड में घुस गए और सांसदों और सरकार के एक सदस्य की मौजूदगी में अंदर की इमारतों को गिराना शुरू कर दिया.
यह संयुक्त राष्ट्र एजेंसी और उसके परिसर पर एक अभूतपूर्व हमला है.
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