दुनिया के सबसे कुख्यात आतंकी संगठन आईएसआईएस (ISIS) की हुकूमत का अड्डा रहा इराक का मोसुल शहर आज भी मुर्दाघर बना हुआ है. बीते महीने शहर से 5200 से ज्यादा शव बरामद किए गए हैं.
ये शव मोसुल शहर में ध्वस्त इमारतों के मलबे से प्राप्त हुए हैं. मोसुल नगरपालिका के लाइथ जैनी ने बताया कि बीते महीने 5,228 शव बरामद हुए जिनमें से 2,658 नगारिकों के शव हैं जबकि 2,570 इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों के हैं.
उन्होंने बताया कि में मलबे से छह अज्ञात लोगों के शव बरामद किए गए हैं. हमारा मानना है कि मलबे में अभी 500 से 700 तक शव और हैं. जैनी ने बताया कि आईएस आतंकवादियों के शवों की पहचान होने के बाद इन्हें अलग कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा.
बता दें कि मोसुल पर के कब्जे के बाद पूरे इलाके में तबाही का मंजर देखने को मिला था. ये वही शहर है जहां 2014 में 39 भारतीय नागरिकों को बंधक बनाया गया था और बाद में उन सबकी हत्या कर दी गई थी. भारत सरकार ने इराकी एजेंसी के साथ मिलकर डीएनए के आधार पर भारतीयों के शव बरामद करने का दावा किया था, जिसके बाद पार्थिव अवशेष भारत लाकर उनका अंतिम संस्कार किया गया था.
जावेद अख़्तर