ईरान गरजा, ट्रंप को बताया पहला किलर, दूसरे नंबर पर नेतन्याहू... मुल्क में अबतक 2500 मौतें

ईरान में कयासों, अफवाहों और हिंसा का दौर चल रहा है. अब तक 2500 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. लेकिन सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की सरकार जरा भी नरमी नहीं दिखा रही है और ट्रंप को अभी भी हमले के खिलाफ धमकी दे रही है. इस बीच कई दिनों के बाद आज तेहरान में फोन लाइनें खोली गई है. इसके बाद वहां की जमीनी हालत की जानकारी लोगों को मिल रही है.

Advertisement
 ईरानी टीवी ने कहा- कई लोग शहीद हुए (Photo: AP) ईरानी टीवी ने कहा- कई लोग शहीद हुए (Photo: AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:37 PM IST

ईरान की सड़कों पर हंगामा जारी है. कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच भिडंत हो रही है. इस बीच ईरान में चल रहे प्रदर्शनों और टकराव की वजह से मरने वालों की संख्या 2500 को पार कर गई है. कई दिनों के बाद ईरान के लोग दूसरे देशों में अपने रिश्तेदारों को फोन कर पाने में सक्षम हो पा रहे हैं. इसके साथ ही वहीं की खौफनाक हकीकत सामने आ रही है. 

Advertisement

ईरान में अबतक मरने वालों की संख्या 2571 हो गई है. अमेरिका की मानवाधिकार संस्था ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार सुबह तक मरने वालों की संख्या कम से कम 2,571 हो गई थी. यह आंकड़ा कई दशकों में ईरान में किसी भी दूसरे विरोध प्रदर्शन या अशांति में हुई मौतों की संख्या से कहीं ज़्यादा है. और  देश की 1979 की इस्लामिक क्रांति के दौरान फैली अराजकता की याद दिलाता है.

पहला हत्यारा ट्रंप है...

हालांकि ईरान का प्रशासन किसी भी कीमत पर झुकने को तैयार नहीं दिखता है. ईरानी अधिकारियों ने एक बार फिर से अमेरिकी ट्रंप को कार्रवाई न करने की चेतावनी दी है. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी ने अमेरिकी रवैये पर जवाब देते हुए लिखा, 'हम ईरान के लोगों के मुख्य हत्यारों के नाम बताते हैं: 1- ट्रंप 2- इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू."

Advertisement

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार ईरान के सरकारी टेलीविजन ने पहली बार आधिकारिक तौर पर मौतों की पुष्टि की. एक अधिकारी के हवाले से सरकारी टीवी ने कहा कि मुल्क में "बहुत सारे लोग शहीद" हुए हैं.

विद्रोहियों ने खामेनेई के लिए मौत की सजा मांगी

ये प्रदर्शन दिसंबर के आखिर में ईरान की खराब अर्थव्यवस्था के गुस्से में शुरू हुए और जल्द ही यहां की मजहबी शासन प्रणाली इसके निशाने पर आ गई. राजधानी में लोग सर्वोच्च धार्मिक नेता खामेनेई की मौत की मांग करने नारे लगा रहे हैं और तस्वीरें बना रहे हैं. ईरान में इस कथित 'अपराध' के लिए मौत की सजा मुकर्रर की जाती है.

इस बीच अमेरिका लगातार प्रदर्शनकारियों के साथ अपना सपोर्ट जता रहा है. मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा, "ईरानी देशभक्तों, विरोध करते रहो- अपनी संस्थाओं पर कब्जा करो."

ट्रंप ने कहा कि था कि उन्होंने सभी ईरानी अधिकारियों के साथ तबतक के लिए बातचीत रोक दी है जबतक इन हत्याओं को रोका नहीं जाता है. उन्होंने कहा कि ईरान को जल्द मदद मिलने वाली है.

हालांकि घंटों बाद ट्रंप ने रिपोर्टर्स से कहा कि उनकी सरकार "उसी हिसाब से" कार्रवाई करने से पहले मारे गए प्रदर्शनकारियों की संख्या पर एक सही रिपोर्ट का इंतज़ार कर रही है.

Advertisement

ट्रंप की मदद आ रही है

ट्रंप ने ईरानी सुरक्षा बलों के बारे में कहा, "मुझे लगता है कि वे बहुत बुरा बर्ताव कर रहे हैं, लेकिन यह कन्फर्म नहीं है."

इस बीच ईरानी सत्ता के रुख में कोई नरमी नहीं दिख रही है. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी ने अमेरिका के रवैये पर जवाब देते हुए लिखा: "हम ईरान के लोगों के मुख्य हत्यारों के नाम बताते हैं: 1- ट्रंप 2- इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू."

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल देश की सबसे शक्तिशाली और महत्वपूर्ण संस्था है जो राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रक्षा नीतियों का निर्धारण करती है. यह 1989 में संविधान के अनुच्छेद 176 के तहत स्थापित हुई. इसके अध्यक्ष ईरान के राष्ट्रपति होते हैं, लेकिन इसके सभी निर्णय सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई लेते हैं.

तेहरान के फोन लाइन खुले

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार लगभग 5 दिनों के बाद फोन लाइन खुलने के बाद तेहरान के लोग मुल्क से बाहर कॉल कर रहे हैं. एक ईरानी चश्मदीद ने सेंट्रल तेहरान में भारी सुरक्षा, जले हुए सरकारी भवन, टूटे हुए ATM और कम राहगीरों के बारे में बताया. इस बीच लोग इस बात को लेकर चिंतित थे कि आगे क्या होगा जिसमें अमेरिका के हमले की संभावना भी शामिल थी.

Advertisement

अपनी सुरक्षा की चिंता के कारण सिर्फ़ अपना पहला नाम बताने वाले दुकानदार महमूद ने कहा, "मेरे ग्राहक ट्रंप की प्रतिक्रिया के बारे में बात करते हैं और सोचते हैं कि क्या वह इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ़ मिलिट्री हमला करने की योजना बना रहे हैं." "मुझे नहीं लगता कि ट्रंप या कोई दूसरा विदेशी देश ईरानियों के हितों की परवाह करता है."

रेजा एक टैक्सी ड्राइवर जिसने सिर्फ़ अपना पहला नाम बताया, ने कहा कि कई लोगों के मन में विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. उन्होंने कहा, "लोग - खासकर युवा निराश हैं, लेकिन वे विरोध प्रदर्शन जारी रखने की बात कर रहे हैं."

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement