ईरान में लोगों का आंदोलन अब क्रांति का रूप ले चुका है और यह 18वें दिन भी जारी है. ट्रंप के हस्तक्षेप की धमकियों के बीच ईरान का खामेनेई शासन प्रदर्शनकारियों पर बेहद सख्ती बरत रहा है. सुरक्षाबलों के साथ झड़पों में 2,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और 10,000 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए हैं. हिंसक प्रदर्शनों के बीच बुधवार को 26 साल के युवा प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी को फांसी दी जा सकती है.
इरफान सुल्तानी एक दुकानदार हैं जो प्रदर्शनों में शामिल हुए थे. 8 जनवरी को उन्हें शासन विरोधी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए गिरफ्तार किया गया था और आज उन्हें बीच चौराहे पर मौत की सजा दी जा सकती है.
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, सुल्तानी हालिया प्रदर्शनों के दौरान फांसी दिए जाने वाले पहले व्यक्ति हो सकते हैं. सुल्तानी के परिवार को करीब पांच दिन पहले उनकी फांसी की जानकारी दी गई थी. फांसी से पहले उन्हें सुबह अपने परिवार से सिर्फ 10 मिनट मिलने की इजाजत दी जाएगी.
मध्य ईरान के फार्दिस में कपड़ों की दुकान चलाने वाले सुल्तानी को उनके घर से गिरफ्तार किया गया था. उन्हें जेल भेजा गया और जल्द ही मौत की सजा सुना दी गई. एक मानवाधिकार संगठन ने कहा कि उनका 'एकमात्र अपराध आजादी के लिए नारा लगाना' है.
ब्रिटिश अखबार 'द गार्जियन' के मुताबिक, इरफान सुल्तानी के खिलाफ 11 जनवरी को एक अदालती सुनवाई हुई. इसके बाद ईरानी अधिकारियों ने उन पर 'मोहारेबेह' यानी 'अल्लाह के खिलाफ युद्ध छेड़ने' का आरोप लगाते हुए मौत की सजा सुना दी.
उनके परिवार को बताया गया है कि फांसी से पहले उन्हें उनसे सिर्फ 10 मिनट की अंतिम मुलाकात की अनुमति दी जाएगी.
हेंगॉव ऑर्गनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स की सदस्य अरिना मोरादी ने ब्रिटिश अखबार डेली मेल से बात करते हुए कहा कि उन्होंने सुल्तानी के परिवार से बातचीत की है. मोरादी ने बताया कि परिवार इस खबर से सदमे और गहरे निराशा में है. बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों में आतंक फैलाने के लिए सुल्तानी को बीच चौराहे पर खड़ा कर फांसी पर लटका दिया जाएगा.
मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि सुल्तानी को बुनियादी अधिकारों से वंचित किया जा रहा है. परिवार ने बताया कि उनका बेटा 'कभी कोई राजनीतिक कार्यकर्ता नहीं था, वह सिर्फ युवा पीढ़ी का हिस्सा था जो ईरान की मौजूदा स्थिति के खिलाफ विरोध कर रहा था.' उन्होंने कहा कि कई दिनों तक परिवार को सुल्तानी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली. इसके बाद ईरानी अधिकारियों ने फोन कर उनकी गिरफ्तारी और फांसी की सूचना दी.
हेंगॉव संगठन ने बताया कि सुल्तानी परिवार के करीबी एक सूत्र के अनुसार, अधिकारियों ने गिरफ्तारी के सिर्फ चार दिन बाद ही परिवार को मौत की सजा की जानकारी दे दी थी. सूत्र ने यह भी कहा कि इरफान सुल्तानी की बहन एक लाइसेंस प्राप्त वकील हैं और कानूनी रास्तों से मामले को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन उन्हें केस फाइल तक पहुंच से रोका जा रहा है.
सूत्र के मुताबिक, 'गिरफ्तारी के बाद से ही इरफान सुल्तानी को उनके सबसे बुनियादी अधिकारों से वंचित किया गया है, जिनमें कानूनी सलाह तक पहुंच, बचाव का अधिकार और अन्य मौलिक न्यायिक प्रक्रियाएं शामिल हैं.'
ईरान में हो रहे घटनाक्रमों पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अगर ईरान अपने दमन अभियान के तहत प्रदर्शनकारियों को फांसी देना शुरू करता है, तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा. ट्रंप पहले ही प्रदर्शनकारियों को संदेश दे चुके हैं कि वो अपना प्रदर्शन जारी रखें और मदद रास्ते में है.
ऐसे में अगर ईरान इरफान सुल्तानी को सरेराह फांसी देता है तो प्रदर्शन धीमे होने के बजाए और तेज हो सकते हैं. अमेरिका को ईरान पर हमला करने का पुख्ता कारण भी मिल जाएगा. ऐसे में माना जा रहा है कि इरफान सुल्तानी की फांसी ईरान के खामेनेई शासन के अंत की शुरुआत हो सकती है.
हालांकि, ट्रंप की धमकी पर ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी ने पलटवार किया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू 'ईरान में लोगों की हत्या के जिम्मेदार' हैं.
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