ईरान और इजरायल-अमेरिका युद्ध का आज सातवां दिन है. बीते छह दिनों में ईरान में भयंकर तबाही मची है. गुरुवार को डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा कि खामेनेई के बाद ईरान का नया नेता चुनने में उनकी डायरेक्ट भूमिका रहेगी. दूसरी तरफ भारत ने खामेनेई के निधन पर शोक जताया, साथ ही विदेश सचिव ने ईरानी राजदूत से मुलाकात भी की.
फिलहाल रूस ने यूरोप को चेताया है कि अगर ईरान युद्ध जल्द खत्म नहीं होता है तो वह गैस सप्लाई रोक देगा.
US मिलिट्री ने शुक्रवार सुबह कहा कि एक ईरानी ड्रोन कैरियर पर हमला किया गया और उसे आग लगा दी गई. मिलिट्री के सेंट्रल कमांड के मैसेज में IRIS शाहिद बाघेरी का ब्लैक-एंड-व्हाइट फुटेज दिखाया गया, जिस पर कई हमले हुए और वह जल गया. सेंट्रल कमांड ने कहा, “US सेना पूरी ईरानी नेवी को डुबोने के मिशन से पीछे नहीं हट रही है.”
यूनिसेफ ने ईरान में चल रही मिलिट्री बढ़ोतरी से बच्चों पर बढ़ते असर पर गहरी चिंता जताई है. उसने कहा है कि करीब 180 बच्चे मारे गए हैं और कई घायल हुए हैं. मरने वालों में 168 लड़कियां भी शामिल हैं, जिनकी मौत 28 फरवरी को मिनाब के शाजारेह तैयबेह गर्ल्स एलिमेंट्री स्कूल में उस समय हुई जब क्लास चल रही थीं.
एजेंसी ने कहा कि मरने वालों में ज़्यादातर 7 से 12 साल के स्कूली बच्चे थे, जबकि पांच जगहों पर स्कूलों पर हुए हमलों में 12 और बच्चे मारे गए.
इन मौतों को "बच्चों पर युद्ध की क्रूरता की कड़ी याद दिलाने वाला" बताते हुए, यूनिसेफ ने कहा कि स्कूल और बच्चे इंटरनेशनल ह्यूमनिटेरियन कानून के तहत सुरक्षित हैं और उन्हें सुरक्षित जगहें ही रहना चाहिए.
एजेंसी ने आगे कहा कि कम से कम 20 स्कूल और 10 अस्पताल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे शिक्षा और हेल्थकेयर में रुकावट आई है. एजेंसी ने सभी पार्टियों से नागरिकों की रक्षा करने और इंटरनेशनल कानून का पालन करने की अपील की है, जबकि वह स्थिति पर नज़र रखना और प्रभावित परिवारों की मदद करना जारी रखे हुए है.
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने नई प्राथमिकता का संकेत दिया है. उन्होंने कहा कि अभी उनका फोकस ईरान के साथ संघर्ष खत्म करने पर है, लेकिन इसके बाद अमेरिकी विदेश नीति का रुख क्यूबा की ओर मुड़ सकता है.
U.S. सेंटकॉम कमांडर ने दावा किया है कि यूएस ने अब तक 30 से ज्यादा ईरानी जहाज डुबोए हैं, जिसमें ईरानी ड्रोन जहाज भी शामिल है.
ईरान पर हमले रोकने के लिए अमेरिकी संसद में प्रस्ताव लाया गया. इसके लिए विपक्षी सांसदों ने war powers resolution लाने की मांग की. लेकिन संसद में ये प्रस्ताव 212-219 से खारिज कर दिया गया. मतलब, अब राष्ट्रपति पर तुरंत सैन्य कार्रवाई रोकने का दबाव नहीं रहेगा.
बता दें कि War Powers Resolution अमेरिका का एक कानून है, जिसे 1973 में पारित किया गया था. इसका उद्देश्य यह तय करना है कि राष्ट्रपति और संसद (कांग्रेस) के बीच युद्ध छेड़ने की शक्ति कैसे बांटी जाएगी.
ईरान पर अटैक के लिए शुरू किए गए Operation Epic Fury पर ट्रंप ने बात की. उन्होंने कहा, 'उनके (ईरान) पास कोई वायुसेना नहीं है, उनके पास कोई एयर डिफेंस नहीं है, उनके सभी हवाई जहाज चले गए हैं, मिसाइलें चली गई हैं, लॉन्चर चले गए हैं - लगभग लगभग 60% और 64% सामान खत्म है.' ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने तीन दिनों में ईरान के 24 जहाजों को नष्ट कर दिया.
ईरान की सेना का कहना है कि 'ट्रू प्रॉमिस 4' ऑपरेशन की नई लहर शुरू हो गई है. इसमें खैबर मिसाइलों से तेल अवीव को निशाना बनाया जा रहा है. ड्रोन हमले की किए जा रहे हैं.
इजरायली सेना का कहना है कि उसने बेरूत के दक्षिणी इलाके में हिज़्बुल्लाह पर हमला करना शुरू कर दिया है.
जंग के बीच ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का बयान आया है. उन्होंने कहा इस युद्ध के लिए ईरान भी लंबे वक्त से तैयार था. उन्होंने आगे कहा कि ईरान की शक्तिशाली सेना ये सुनिश्चित कर रही हैं कि जो भी इसे आगे बढ़ाने का फैसला करे, उसके लिए यह एक दलदल बन जाए.
अराघची बोले कि अमेरिकी प्रशासन के साथ दो बार बातचीत की. दोनों बार, बातचीत के बीच में ही हम पर हमला हुआ. इस खून-खराबे के लिए वही प्रशासन पूरी तरह से जिम्मेदार है.
अमेरिका, बहरीन, सऊदी अरब और दूसरे देशों ने इलाके में ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है. इसके लिए संयुक्त राज्य अमेरिका, बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की तरफ से साझा बयान जारी किया गया है.
बयान में कहा गया है कि हमलों ने संप्रभु क्षेत्र को निशाना बनाया, नागरिकों को खतरे में डाला और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया. आगे कहा गया कि ईरान का उन देशों को निशाना बनाना जो शत्रुता में शामिल नहीं हैं, गैरजिम्मेदाराना और अस्थिरता पैदा करने वाला व्यवहार है.
ईरानी अधिकारी ने अमेरिका को जमीनी आक्रमण (ईरान में सेना भेजने) के खिलाफ चेतावनी दी. ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने कहा कि ऐसे किसी भी ऑपरेशन का जोरदार और निर्दयतापूर्ण ढंग से जवाब दिया जाएगा.
हालांकि, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ समेत अमेरिकी अधिकारियों ने जमीनी आक्रमण शुरू करने पर कोई साफ इरादा जाहिर नहीं किया है. लेकिन उन्होंने इसे खारिज भी नहीं किया.
यूक्रेन के प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें मिडिल ईस्ट में ईरानी ड्रोन से बचाव के लिए U.S. से मदद की रिक्वेस्ट मिली है. जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने यूक्रेनी एक्सपर्ट के साथ इक्विपमेंट देने का ऑर्डर दिया है. उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि, 'यूक्रेन उन पार्टनर्स की मदद करता है जो हमारी सिक्योरिटी और हमारे लोगों की जान की सुरक्षा में मदद करते हैं.'