होर्मुज स्ट्रेट में पिछले हफ्ते ईरान ने जिस भारतीय जहाज पर गोलीबारी की, क्या वो किसी क्रिप्टो ठगी का शिकार हुआ था? फर्जी ‘क्लीयरेंस’ संदेशों की खबरों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या जहाज को लगा था कि उसे गुजरने की इजाजत मिल चुकी है और इसी वजह से वो अचानक हमले का शिकार बन गया. इसे समझने के लिए हमें कड़ी से कड़ी को जोड़नी पड़ेगी.
शनिवार को भारतीय व्यापारी जहाज सैनमार हेराल्ड पर होर्मुज स्ट्रेट पार करने की कोशिश के दौरान भारी गोलीबारी हुई. हमले के बीच जहाज के कप्तान ने ईरानी अधिकारियों को घबराहट में रेडियो संदेश भेजा.
ऑडियो में कप्तान कहते सुने गए: 'सेपाह नेवी! सेपाह नेवी! यह मोटर टैंकर सैनमार हेराल्ड है! आपने मुझे जाने की अनुमति दी थी! आपकी लिस्ट में मेरा नाम दूसरे नंबर पर है! आपने मुझे जाने की अनुमति दी थी! अब आप गोलीबारी कर रहे हैं! मुझे वापस मुड़ने दीजिए!'
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर सैनमार हेराल्ड को होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी गई थी, तो फिर उस पर हमला क्यों हुआ?
ग्रीस की समुद्री रिस्क मैनेजमैंट कंपनी MARISKS ने कहा कि शनिवार को जिन जहाजों पर गोलीबारी हुई, उनमें से एक जहाज संभवतः धोखाधड़ी का शिकार हुआ हो सकता है. अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने यह जानकारी दी.
जिस दूसरे भारतीय जहाज पर गोलीबारी हुई, उसका नाम जग अर्णव है. यह एक बल्क कैरियर जहाज है, जो सऊदी अरब के अल जुबैल जा रहा था. वहीं सैनमार हेराल्ड इराक से भारत के लिए कच्चा तेल लेकर आ रहा था.
इस घटना के बाद भारत ने ईरानी दूत को तलब किया और विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि भारत सरकार इस पर गहरी चिंता जताती है.
भारतीय जहाजों पर गोलीबारी के बाद हमले की और घटनाएं हुईं
शनिवार को भारतीय जहाजों पर हुई गोलीबारी के अलावा होर्मुज पार करते समय दो और घटनाएं सामने आईं. एक फ्रांसीसी कंटेनर जहाज को किसी 'अज्ञात प्रोजेक्टाइल' ने निशाना बनाया, जिससे उसके कंटेनरों को नुकसान पहुंचा. दूसरी घटना क्रूज जहाज माइन शिफ 4 से जुड़ी थी, जिसने कहा कि IRGC ने गोली चलाने की धमकी दी, हालांकि गोली नहीं चलाई गई, लेकिन पास में पानी में धमाका हुआ.
MARISKS ने चेतावनी दी है कि लगभग दो महीने से होर्मुज स्ट्रेट में फंसे सैकड़ों जहाज ठगी का शिकार हो सकते हैं. कंपनी ने कहा कि ठगों ने होर्मुज के पानी में अपना ‘फिशिंग’ जाल फैला दिया है. वे खुद को IRGC अधिकारी बताकर जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के बदले क्रिप्टोकरेंसी मांग रहे हैं.
जहाज का नाम बताए बिना MARISKS ने एक फर्जी संदेश का उदाहरण दिया, जिसमें लिखा था, 'डॉक्यूमेंट्स देने और ईरानी सुरक्षा सेवाओं की तरफ से पात्रता जांच के बाद हम फीस तय करेंगे जो क्रिप्टोकरेंसी (BTC या USDT) में देना होगा. इसके बाद ही आपका जहाज तय समय पर बिना रुकावट स्ट्रेट पार कर सकेगा.'
घटना के तुरंत बाद MARISKS और ब्रिटेन की यूके मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) ने उन शिपिंग कंपनियों को चेतावनी जारी की, जिनके जहाज होर्मुज में फंसे हुए हैं.
सोमवार को जारी अलर्ट में MARISKS ने कहा कि अज्ञात लोग खुद को ईरानी अधिकारी बताकर फंसे जहाजों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं और बिटकॉइन समेत अन्य क्रिप्टोकरेंसी में शुल्क मांग रहे हैं.
हालांकि UKMTO ने भी अब तक प्रभावित जहाज की पहचान उजागर नहीं की है.
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