ईरान में हिरासत में लिए गए 16 भारतीय नाविकों को लेकर तेहरान में स्थित भारतीय दूतावास ने जानकारी शेयर की है. भारतीय दूतावास ईरानी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है ताकि भारतीय नाविकों को कांसुलर एक्सेस और कानूनी सहायता प्रदान की जा सके.
भारतीय दूतावास के मुताबिक, जहाज एमटी वैलियंट रोअर को दिसंबर 2025 के मध्य में ईरान ने रोका था. दिसंबर में बंदर अब्बास पोर्ट सिटी स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने ईरानी सरकार को पत्र लिखकर कांसुलर एक्सेस की मांग की थी. इसके बाद से कई बार लिखित औपचारिक पत्र और उच्चस्तरीय बैठकें हुईं, जिनमें तेहरान और बंदर अब्बास दोनों स्थानों पर बातचीत जारी रही.
भारतीय दूतावास ने ईरानी अधिकारियों से यह भी अनुरोध किया है कि हिरासत में रखे गए भारतीय नाविकों को अपने परिवारों से संपर्क करने का अधिकार मिले. साथ ही, भारतीय मिशन जहाज की मालिक यूएई स्थित कंपनी और उनके ईरानी एजेंट्स से भी संपर्क में है ताकि क्रू को भोजन, पानी और ईंधन की आपूर्ति बनायी जा सके.
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जनवरी की शुरुआत में जहाज पर खाना और पानी की कमी की सूचना मिलने पर भारतीय मिशन ने ईरानी नौसेना से तत्काल आपूर्ति की व्यवस्था कराई.
इसके अलावा, भारतीय वाणिज्य दूतावास दुबई भी जहाज मालिक कंपनी के साथ कोर्डिनेट कर रहा है ताकि नाविकों को बेहतर कानूनी प्रतिनिधित्व और आवश्यक सुविधाएं मिलती रहें. इस मामले को अब ईरानी न्यायिक प्रक्रिया के तहत देखा जा रहा है, और भारतीय मिशन ईरानी अधिकारियों पर दबाव बनाए हुए है ताकि कांसुलर एक्सेस जल्द मिल सके और मामले को जल्द निपटाया जा सके.
भारत सरकार सभी स्तरों पर सक्रियता दिखाते हुए अपने नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है.
शिवानी शर्मा