Exclusive: फिंगर 4 इलाके में चीन ने कुछ कैंप हटाए, कुछ मौजूद, सैटेलाइट तस्वीरों में दिखे सबूत
इंडिया टुडे ने कुछ नई हाई रिजोल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण में पाया कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी फिंगर 4 इलाके में आंशिक तौर पर पीछे हटी है.
लद्दाख में पैंगोंग झील के किनारे फिंगर 4 और फिंगर 8 के बीच के क्षेत्र में चीन ने घुसपैठ की थी. पिछले कुछ हफ्तों के दौरान यह इलाका भारत-चीन विवाद के केंद्र में रहा. इंडिया टुडे ने कुछ नई हाई रिजोल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण में पाया कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) फिंगर 4 इलाके में आंशिक तौर पर पीछे हटी है.
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शुक्रवार को कमर्शियल अर्थ आब्जर्वेशन सैटेलाइट स्काईसैट ने जो तस्वीरें खींची हैं, उनसे पता चलता है कि झील से लगे रोड लेवल एरिया में चीन पीछे हटा है. हालांकि, तस्वीर में दिख रहा है कि रिज लाइन इलाके में अब भी कैंप मौजूद हैं. इसके पहले सैटेलाइट तस्वीरों से स्पष्ट तौर पर पता चला था कि गलवान घाटी में दोनों सेनाएं पीछे हट गई हैं.
Image: Planet Labs Inc/India TodayImage: Planet Labs Inc/India Todayनई सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि वाहन और बड़े ढांचे फिंगर 4 इलाके से फिंगर 5 की तरफ चले गए हैं. इसके पहले इंडिया टुडे ने रिपोर्ट किया था कि पैंगोंग झील के किनारे चीनी मानचित्र और मैंडरिन भाषा की कुछ संरचनाएं दिख रही थीं, उन्हें ढक दिया गया है.
Image: Planet Labs Inc/India TodayImage: Planet Labs Inc/India Todayफिंगर 4 रिजलाइन के टॉप पर कब्जा करने के लिए बनाए गए शिविरों की संख्या कम हो गई है, लेकिन नई सैटेलाइट तस्वीरों में अब भी ऐसी कुछ संरचनाएं दिख रही हैं.
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Image: Planet Labs Inc/India TodayImage: Planet Labs Inc/India TodayImage: Planet Labs Inc/India Todayफिंगर 4 और फिंगर 5 इलाकों के बीच चीनी सेना के शिविरों में कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं आया है. हालांकि, कुछ चीनी टेंट हटा दिए गए हैं, लेकिन उनकी स्थिति अब भी वैसी ही बनी हुई है.
भारत और चीन के बीच कोर कमांडर स्तर की बैठक का अगला दौर पैंगोंग त्सो क्षेत्र में पीछे हटने की प्रक्रिया पर केंद्रित रहने की संभावना है. गलवान घाटी में दोनों सेनाएं पहले ही पीछे हट गई हैं और एक बफर जोन बनाया है.
अंकित कुमार