India Today Conclave Mumbai 2023: भारत में ब्रिटेन के उच्चायुक्त एलेक्स एलिस ने मुंबई में हो रहे 'इंडिया टुडे कॉन्क्लेव' में बोलते हुए खालिस्तान, ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के भारत दौरे, जी-20 की सफलता समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी है. उन्होंने खालिस्तान के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि ब्रिटेन उग्रवादियों पर लगातार कार्रवाई करता रहा है. साथ ही अपने प्रधानमंत्री के हिंदू होने पर उन्होंने कहा कि ब्रिटेन के लोगों को इस बात पर कोई आपत्ति नहीं कि उनका प्रधानमंत्री एक हिंदू है और वो खुलकर इस बारे में बात करता है.
ऋषि सुनक के अक्षरधाम जाने पर क्या बोले ब्रिटिश उच्चायुक्त?
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक अपने हिंदू होने को लेकर अक्सर बात करते रहे हैं. जी-20 के लिए जब वो भारत आए थे तब उन्होंने अक्षरधाम मंदिर का दौरा भी किया था. इस संबंध में एलिस से सवाल किया गया, 'ऋषि सुनक और अक्षता मूर्ति भारत आए थे, यहां उनकी लोकप्रयिता देखते ही बनी. वो अक्षरधाम मंदिर गए. भारत के दामाद का यहां बेहद खास तरीके से स्वागत किया गया, आपको कैसा लगा?'
जवाब में ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्स एलिस ने कहा, 'मुझे यह देखकर काफी अच्छा लगा था. ऋषि सुनक और अक्षता मूर्ति साथ में आए, इसका काफी प्रभाव पड़ा. वो 10 डाउनिंग स्ट्रीट में रहते हैं और जब बाहर जाते हैं तो दीया भी जलाते हैं जो आपको मेरे देश के बारे में बहुत कुछ बताता है. ब्रिटेन एक बहुत विविधता वाला देश है जो अभी एक महत्वपूर्ण बदलाव देख रहा है.'
सुनक प्रधानमंत्री होकर भी खुलकर अपने धर्म के बारे में बात करते हैं. जब इस बारे में सवाल किया गया तब एलिस ने कहा कि सुनक का अपने धर्म को मानना ब्रिटेन में किसी मुद्दे के तौर पर नहीं देखा जाता है. वो अपने धर्म को लेकर काफी खुले विचार रखते हैं. यह कोई समस्या नहीं है. लोग अपने नेता का नेतृत्व, उसकी क्षमता देखते हैं.'
एलिस ने कहा कि सुनक एक प्रधानमंत्री होने के साथ-साथ हिंदू भी हैं. उन्होंने कहा, 'वो एक हिंदू हैं, हिंदू धर्म में विश्वास करते हैं. उन्हें लड्डू पसंद हैं. साथ ही वो एक नेता हैं जो ब्रिटिश समाज में हो रहे बदलावों का प्रतिबिंब हैं.'
खालिस्तान के मुद्दे पर भी बोले एलिस
ब्रिटिश उच्चायुक्त से ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त विक्रम दोरायस्वामी के साथ खालिस्तान समर्थकों की अभद्रता को लेकर सवाल किया गया. स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में भारतीय राजनयिक को खालिस्तान समर्थकों ने एक गुरुद्वारे में प्रवेश करने से रोक दिया था. इसे लेकर एलिस ने कहा कि जो हुआ, वो होना नहीं चाहिए था. उन्होंने कहा कि उग्रवाद कई देशों में एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है और प्रधानमंत्री ऋषि सुनक इस बात को लेकर हमेशा से स्पष्ट रहे हैं कि उग्रवाद किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा.
ब्रिटिश उच्चायुक्त ने आगे कहा, 'हमने इस मामले में लोगों को गिरफ्तार किया है. सोमवार को उच्चायोग के सामने विरोध प्रदर्शन हो रहे थे और हमने वहां से भी कुछ लोगों को गिरफ्तार किया.'
उग्रवाद भारत की नहीं, ब्रिटेन की समस्या
उच्चायुक्त से सवाल किया गया कि भारत ने ब्रिटेन में खालिस्तान समर्थक तत्वों की भारत विरोधी कृत्यों पर कई बार कार्रवाई की मांग की है लेकिन ब्रिटेन ने अब तक उसे रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं.
इसके जवाब में एलिस ने कहा, 'इस तरह की घटनाएं होती हैं और हम लोगों को गिरफ्तार भी करते हैं. लेकिन इसका फैसला कोर्ट करती है कि गिरफ्तार व्यक्ति को सजा देनी है या नहीं. इस तरह के सभी मामलों में ब्रिटिश अधिकारी कार्रवाई करते हैं. हमने भारतीय अधिकारियों के साथ मिलकर इसका मुकाबला करने के लिए एक ज्वॉइंट टास्क फोर्स भी बनाया है.'
उन्होंने आगे कहा, 'उग्रवाद अगर ब्रिटेन में फैल रहा है तो यह ब्रिटेन की समस्या है, भारत की नहीं. हमारे युवा उग्रवाद की तरफ बढ़ रहे हैं, यह हमारे समाज की समस्या है और हम इसका मुकाबला करने के लिए काम कर रहे हैं. भारत के उच्चायुक्त के मामले को हम गंभीरता से ले रहे हैं और हमने इस संबंध में भारतीय अधिकारियों से बात भी की है.'
ब्रिटेन कनाडा के साथ फाइव आइज का सदस्य भी है. यह संगठन पांच देशों की खुफिया एजेंसी है. इसे लेकर एलिस से सवाल किया गया कि कनाडा भी फाइव आइज का सदस्य है और ऐसा लगता नहीं कि वो ब्रिटेन की तरह खालिस्तान के मुद्दे से ठीक तरीके से निपट रहा है.
एलिस ने जवाब दिया, 'मेरा मानना है कि इसके लिए दो देशों के बीच बहुत से स्तरों पर बहुत अधिक प्रयास की जरूरत है. उदाहरण के लिए हम इस मामले को लेकर लगातार भारतीय अधिकारियों के संपर्क में रहते हैं. यह एक सतत प्रक्रिया है.'
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