पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. मंगलवार को कई मामलों में इमरान की पेशी हुई, अलग-अलग कोर्ट में सुनवाई हुई. कई जगहों से तो उनके लिए राहत रही, लेकिन तोशखाना मामले में उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. कोर्ट ने इमरान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है, कभी भी उनकी गिरफ्तारी संभव है. असल में मंगलवार को इमरान खान को चार अलग-अलग मामलों में पेश होना था. वे बाकी जगह तो सुनवाई के लिए पहुंच गए, लेकिन तोशखाना मामले के दौरान सुनवाई में शामिल नहीं हुए.
एक दिन में चार मामलों में इमरान की पेशी
इस मामले में पहले भी इमरान कोर्ट सुनवाई में शामिल नहीं हुए हैं. इसी वजह से कोर्ट इस बार नाराज हो गया और इमरान खान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया. वैसे मंगलवार का दिन इमरान के लिए खुशखबरी और झटका दोनों लेकर आया. इमरान को विदेशी फंडिंग मामले में पेश होना था, आतंकवाद से जुड़े एक केस में अपनी पेशी देनी थी, हत्या की कोशिश वाले मामले में भी शामिल होना था और तोशखाने केस में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवानी थी. पीटीआई चीफ को आतंकवाद वाले मामले में तो राहत मिली, उनकी जमानत याचिका को भी स्वीकार कर लिया गया. इसी तरह विदेशी फंडिंग मामले में भी इमरान की जमानत याचिका को स्वीकार किया गया. लेकिन तोशखाना मामले ने उनकी मुसीबत को बढ़ा दिया.
क्या है तोशखाना केस?
सुनवाई के दौरान इमरान के वकीलों ने तर्क देने की कोशिश की कि मंगलवार को उनको कई दूसरे मामलों में भी पेश होना था. लेकिन कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया. तल्ख अंदाज में कहा गया कि जब इमरान दूसरे कोर्ट में पेश हो सकते हैं तो इस मामले के लिए भी हाजिर होना होगा. अभी के लिए इस मामले में उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया गया है. तोशखाना मामले की बात करें तो इमरान खान 2018 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने थे. उन्हें अरब देशों की यात्राओं के दौरान वहां के शासकों से महंगे गिफ्ट मिले थे. उन्हें कई यूरोपीय देशों के राष्ट्रप्रमुखों से भी बेशकीमती गिफ्ट मिले थे, जिन्हें इमरान ने तोशाखाना में जमा करा दिया था. लेकिन इमरान खान ने बाद में तोशाखाना से इन्हें सस्ते दामों पर खरीदा और बड़े मुनाफे में बेच दिया. इस पूरी प्रक्रिया को उनकी सरकार ने बकायदा कानूनी अनुमति दी थी.
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