मशहूर रैपर शॉन 'डिडी' कॉम्ब्स जिस्मफरोशी से जुड़े मामले में दोषी करार, अमेरिका की कोर्ट ने सुनाया फैसला

तीन दिनों तक चली जूरी की गहन विचार-विमर्श के बाद यह फैसला आया, जो कि अमेरिका के म्यूजिक और पॉप कल्चर में एक बड़ी और ऐतिहासिक घटना मानी जा रही है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स् के मुताबिक 55 वर्षीय 'डिडी' कॉम्ब्स को 'फेडरल मैन एक्ट' के उल्लंघन का दोषी पाया गया है.

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जूरी ने शॉन 'डिडी' कॉम्ब्स के यौन तस्करी मुकदमे में फैसला सुनाया है (फोटो क्रेडिट: एपी) जूरी ने शॉन 'डिडी' कॉम्ब्स के यौन तस्करी मुकदमे में फैसला सुनाया है (फोटो क्रेडिट: एपी)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 जुलाई 2025,
  • अपडेटेड 8:44 PM IST

अमेरिका के मशहूर रैपर और म्यूजिक प्रोड्यूसर शॉन 'डिडी' कॉम्ब्स को (Sean Diddy Combs) को बुधवार को कोर्ट ने जिस्मफरोशी से जुड़े एक मामले में दोषी करार दिया है. हालांकि, उन्हें सेक्स ट्रैफिकिंग और गैंग चलाने जैसे बड़े आरोपों से बरी कर दिया गया है. तीन दिनों तक चली जूरी की गहन विचार-विमर्श के बाद यह फैसला आया, जो कि अमेरिका के म्यूजिक और पॉप कल्चर में एक बड़ी और ऐतिहासिक घटना मानी जा रही है.

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क्या है मामला?

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स् के मुताबिक 55 वर्षीय 'डिडी' कॉम्ब्स को 'फेडरल मैन एक्ट' के उल्लंघन का दोषी पाया गया है. यह कानून कहता है कि किसी को राज्य की सीमा पार ले जाकर गैरकानूनी यौन संबंध कराना अपराध है. अमेरिकी प्रॉसिक्यूटर्स (अभियोजन पक्ष) ने अदालत में आरोप लगाया कि कॉम्ब्स ने अपनी गर्लफ्रेंड्स और पुरुष सेक्स वर्कर्स सहित कई लोगों की अमेरिका के अलग-अलग राज्यों में यात्रा की व्यवस्था की, जिनका मकसद कथित तौर पर यौन संबंध बनाना था. 

इस आरोप के तहत कॉम्ब्स को अधिकतम 10 साल की जेल की सजा हो सकती है.

गंभीर आरोपों से राहत

हालांकि, जूरी ने उन्हें रैकेटियरिंग साजिश (संगठित अपराध संचालन) और सेक्स ट्रैफिकिंग जैसे गंभीर आरोपों से बरी कर दिया. इनमें अमेरिकी रैपर को आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती थी. इन आरोपों में दावा किया गया था कि कॉम्ब्स ने अपनी दौलत, शोहरत और धमकी के बल पर महिलाओं को नशीली दवाओं के असर में सेक्स पार्टियों में शामिल होने के लिए मजबूर किया.

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जूरी में शामिल 12 लोगों (8 पुरुष और 4 महिलाएं) ने इन संगीन आरोपों पर कहा कि उपलब्ध सबूत दोष सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं.

कॉम्ब्स की दलील: सहमति से हुए संबंध

पूरे ट्रायल के दौरान कॉम्ब्स और उनकी डिफेंस टीम यह कहते रहे कि उन्होंने किसी के साथ जबरदस्ती या शोषण नहीं किया. उनका दावा था कि सभी रिश्ते सहमति पर आधारित थे और अभियोजन पक्ष ने आरोपों को बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया. कॉम्ब्स के वकीलों का कहना था कि भले ही डिडी का बर्ताव विवादास्पद या नैतिक रूप से आलोचनात्मक हो सकता है, लेकिन यह कानूनी अपराध की श्रेणी में नहीं आता.

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