मेक्सिको की सेना ने जलिस्को राज्य के टापाल्पा में एक स्पेशल ऑपरेशन के तहत कुख्यात ड्रग माफिया नेमेसियो रुबेन ओसेगुएरा सर्वेंटेस, उर्फ ‘एल मेंचो’, को मार गिराया. वह जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) का सरगना था, जो मेक्सिको के सबसे खतरनाक और पावरफुल ड्रग कार्टेल्स में से एक माना जाता था. सैनिकों के साथ मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल होने के बाद एल मेंचो को इलाज के लिए मेक्सिको सिटी ले जाया जा रहा था, इस दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई.
एल मेंचो मेक्सिको के ड्रग सिंडिकेट का एक बड़ा नाम था, जिसकी तुलना कभी-कभी कोलंबियन ड्रग लॉर्ड पाब्लो एस्कोबार से भी की जाती है. उसकी मौत को मेक्सिको सरकार की मादक पदार्थ विरोधी मुहिम की अब तक की सबसे बड़ी सफलता बताई जा रही है. हालांकि, इसके बाद मेक्सिको के कई राज्यों में हिंसक जवाबी कार्रवाई देखने को मिली है. एल मेंचो कार्टेल के सदस्यों ने देश के कई प्रांतों में हिंसा और आगजनी की. वाहनों में आग लगाई, राजमार्गों को जाम किया और बड़े पैमाने पर दहशत फैलाई. बिजनेस हाउसेज, सुपरमार्केट, रिटेल स्टोर्स में भी कार्टेल के सदस्यों ने आगजनी और तोड़फोड़ की.
ग्वाडलाहारा समेत कई शहरों में लोग डर के मारे अपने घरों में बंद रहे और कई राज्यों में हालात सामान्य होने तक स्कूल बंद कर दिए गए हैं. जलिस्को प्रांत की राजधानी ग्वाडलाहारा हिंसा के कारण ठप पड़ गई है. शहर के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सीमित स्टाफ के साथ विमानों का संचालन किया जा रहा है. टापाल्पा, जापोपान, प्यूर्टो वालार्टा और ग्वाडलाहारा में मेंचो कार्टेल के साथ झड़पों के दौरान सुरक्षा बलों के जवानों की जान गई. कई सैनिक घायल हुए और कई संदिग्ध गिरफ्तार किए गए.
सेना ने बख्तरबंद वाहन और रॉकेट लॉन्चर सहित भारी हथियार भी जब्त किए. मेक्सिको के सुरक्षा सचिव ओमार गार्सिया हार्फुच ने बताया कि स्पेशल ऑपरेशन के बाद हुई हिंसा में नेशनल गार्ड के कम से कम 25 जवानों की मौत हुई है. मुठभेड़ में एल मेंचो कार्टेल के 30 सदस्य भी मारे गए. रक्षा सचिव रिकार्डो ट्रेविला ने कहा कि पश्चिमी मेक्सिको में सुरक्षा बढ़ाने के लिए 2,500 अतिरिक्त सैनिक भेजे गए हैं. जलिस्को में पहले से करीब 7,000 सैनिक तैनात हैं और उन्हें बैकअप देने के लिए और जवानों की तैनाती की जा रही है.
एल मेंचो को मार गिराए जाने के बाद भड़की व्यापक हिंसा के चलते मेक्सिको की सरकार ने स्थानीय और विदेशी नागरिकों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी है. मेक्सिकन के करीब एक दर्जन राज्यों में एल मेंचो कार्टेल ने गाड़ियों में आग लगा दी और सड़कों को भी नष्ट कर दिया, जो सैन्य अभियानों को रोकने के लिए आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली रणनीति है. आगजनी के कारण टूरिस्ट सिटी प्यूर्टो वालार्टा के ऊपर धुआं छा गया, जबकि हिंसा तेजी से पड़ोसी राज्य मिचोआकान में भी फैल गई, जहां सीजेएनजी की बड़े पैमाने पर उपस्थिति है.
नेमेसियो रुबेन ओसेगुएरा सर्वेंटेस (59 वर्ष), जिसे ‘एल मेंचो’ के नाम से जाना जाता था, मेक्सिको के पश्चिमी राज्य मिचोआकान का मूल निवासी था. संगठित अपराध से उसके संबंध कम से कम तीन दशक पुराने बताए जाते हैं. 1994 में अमेरिका में हेरोइन तस्करी के एक मामले में उस पर मुकदमा चला और तीन साल की सजा हुई. जेल से रिहा होकर मेक्सिको लौटने के बाद उसने देश की ड्रग तस्करी की दुनिया में तेजी से अपनी पकड़ मजबूत की. ओसेगुएरा सर्वेंटेस के खिलाफ अमेरिका में कई मुकदमे दर्ज थे और अमेरिकी विदेश विभाग ने उसकी गिरफ्तारी की जानकारी देने पर 1.5 करोड़ डॉलर के इनाम की घोषणा की थी. एक साल पहले डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने एल मेंचो के कार्टेल को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया था.
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