अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोमवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट की वजह से निशाने पर आ गए. इसमें उन्होंने खुद को यीशु मसीह जैसा दिखाया था. विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने सफाई दी और बाद में तस्वीर को डिलीट भी कर दिया. अपनी सफाई में ट्रंप ने कहा कि उनको लगा कि तस्वीर उन्हें रेड क्रॉस से जुड़े एक 'डॉक्टर' के रूप में दिखाती है.
दरअसल, एक पत्रकार ने ट्रंप से पूछा था कि क्या उन्होंने वह तस्वीर शेयर की थी. इसपर ट्रंप ने कहा, 'खैर, वह कोई तस्वीर नहीं थी. वह मैं ही था. मैंने ही उसे पोस्ट किया था.' ट्रंप ने इस बात को खारिज किया कि उसमें उन्हें यीशु के रूप में दिखाया गया है.
ट्रंप ने आगे कहा, 'और मुझे लगा कि यह मैं एक डॉक्टर के रूप में हूं और रेड क्रॉस के कार्यकर्ता के रूप में वहां काम कर रहा हूं, जिसका हम सपोर्ट करते हैं. यह मुझे एक डॉक्टर के रूप में लोगों को ठीक करते हुए दिखा रहा है. और मैं वास्तव में लोगों को ठीक करता हूं.'
रविवार देर रात सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई और बाद में हटाई गई तस्वीर में ट्रंप चोगा ओढ़े हुए दिखाई दे रहे. इसके अलावा उनके आसपास दिव्य रोशनी दिख रही है और वो किसी व्यक्ति को 'ठीक' करते हुए दिखाया गया है.
इस तस्वीर की तीखी आलोचना हुई. माना गया कि ट्रंप खुद को यीशु मसीह की तरह दिखा रहे हैं.
यह विवाद ट्रंप द्वारा पोप लियो पर तीखा हमला करने के कुछ घंटों बाद सामने आया, जिसमें उन्होंने लियो को विदेश नीति के लिए भयानक बताया था. साथ ही ईरान के प्रति नरम होने और 'कट्टरपंथी वामपंथियों' के साथ गठबंधन करने का आरोप लगाया.
व्हाइट हाउस में अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा, 'कानून और व्यवस्था के मुद्दों पर पोप गलत हैं.' ट्रंप ने कहा कि वह ऐसा पोप नहीं चाहते जो यह सोचता हो कि ईरान के पास परमाणु हथियार होना ठीक है.
उन्होंने वेनेजुएला समेत विदेशों में अमेरिकी कार्रवाइयों की पोप की आलोचना पर भी निशाना साधा और दावा किया कि लियो का पोप पद पर आसीन होना राजनीतिक रूप से प्रभावित था.
यह टकराव पोप लियो की हालिया टिप्पणियों से उपजा. पोप ने 'युद्ध के पागलपन' की निंदा की थी.
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