4 नहीं 16 'टुकड़ों' में बंट जाए पाकिस्तान! ऐसा क्यों चाह रहे वहीं के नेता

पाकिस्तान में आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता के बीच छोटे प्रांतों के गठन की मांग तेज हो गई है. इस्तेहकाम पाकिस्तान पार्टी के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री अब्दुल अलीम खान ने चार प्रांतों की जगह 16 प्रांत बनाने का प्रस्ताव रखा है. उन्होंने इसके लिए आंदोलन शुरू करने की बात कही है.

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पाकिस्तान में प्रांतों की संख्या बढ़ाने की मांग होती रही है (Photo: Reuters) पाकिस्तान में प्रांतों की संख्या बढ़ाने की मांग होती रही है (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:12 AM IST

आर्थिक रूप से दिवालिया होने की कगार पर खड़े पाकिस्तान में आए दिन विरोध-प्रदर्शन होते रहते हैं. पाकिस्तान के बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और सिंध प्रांतों में लोग सरकार के खिलाफ खड़े होते रहे हैं. बलूचिस्तान में तो पाकिस्तान से अलग होने की मांग को लेकर दशकों से अलगाववाद का दौर चल रहा है जिससे पाकिस्तान के बंटने का खतरा लगातार बना रहता है. अब पाकिस्तान के एक मंत्री ने ही मांग रखी है कि पाकिस्तान में चार प्रांतों की जगह 16 टुकड़ों में बांट दिया जाना चाहिए.

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इस्तेहकाम पाकिस्तान पार्टी (IPP) के अध्यक्ष और केंद्रीय संचार मंत्री अब्दुल अलीम खान ने कहा है कि पाकिस्तान को 16 प्रांतों में बांटा जाना चाहिए ताकि लोगों को आसानी से सुविधाओं का लाभ मिल सके. मंत्री ने कहा कि इस काम के लिए पाकिस्तान के सभी राजनीतिक दलों को साथ आना चाहिए. उन्होंने कहा कि जनता के घर तक सेवाएं पहुंचाने के लिए छोटे प्रांतों की जरूरत को स्वीकार किया जाना चाहिए.

लाहौर से करीब 50 किलोमीटर दूर कामोके में पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों की समस्याओं के तत्काल और स्थायी समाधान के तौर पर छोटे प्रांतों के गठन के लिए एक आंदोलन शुरू किया है.

उन्होंने कहा, 'हम प्रांतों के नाम नहीं बदलेंगे. पंजाब में उत्तर, दक्षिण, पश्चिम और पूर्व पंजाब जैसे नए प्रांत बनाए जाने चाहिए. इसके लिए राजनीतिक दलों को संकीर्ण सोच से ऊपर उठकर उदारता दिखानी होगी, क्योंकि यह सभी के हित में है.'

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पाकिस्तान के 'टुकड़ों' में बंटने का अन्य राजनीतिक दलों ने भी किया समर्थन

नए प्रांतों के प्रस्ताव को लेकर MQM और अन्य राजनीतिक दलों के समर्थन का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि इससे लोगों का समय और ऊर्जा बचेगी और उनकी समस्याओं का समाधान उनके नजदीक ही हो सकेगा.

पाकिस्तान के अखबार डॉन के मुताबिक, उन्होंने कहा कि सिर्फ पंजाब ही नहीं, बल्कि सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा को भी चार-चार प्रांतों में बांटा जाना चाहिए, जिनके नए नाम हों.

नए प्रांतों की मांग लंबे समय से पाकिस्तान में उठ रही

पाकिस्तान में नए प्रांत बनाने की मांग बहुत समय से उठ रही है. साल 2023 में पाकिस्तान के एक शीर्ष नेता पाकिस्तानी सीनेट के उपसभापति मिर्जा मोहम्मद अफरीदी ने कहा था कि देश में मौजूदा चार के बजाय नौ प्रांत होने चाहिए. उन्होंने भी इसके पीछे यही तर्क दिया था कि छोटे प्रांतों से लोगों को आर्थिक लाभ मिलेगा.

बलूचिस्तान प्रांत का हवाला देते हुए अफरीदी ने कहा, 'बलूचिस्तान को देखिए, इसका क्षेत्रफल कितना विशाल है. बलूचिस्तान में तीन प्रांत बनाए जाने चाहिए और पंजाब में भी तीन अलग-अलग प्रांत होने चाहिए.' बलूचिस्तान वह प्रांत है जहां दशकों से स्वतंत्रता आंदोलन चल रहा है. वहां पुलिस वालों के खिलाफ हिंसा और लोगों पर पुलिस और सेना की बर्बरता की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं.

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सीनेट के उपसभापति ने कराची को पूरी तरह अलग प्रांत बनाए जाने की भी मांग की थी. उन्होंने कहा था, 'FATA (Federally Administered Tribal Areas) को एक अलग प्रांत बनाया जाना चाहिए और हजारा समुदाय के लिए भी एक प्रांत गठित किया जाना चाहिए.'

उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान में जितने अधिक प्रांत होंगे, उतना ही बेहतर होगा. उनका कहना था कि अगर ज्यादा प्रांत होंगे तो वित्तीय बजट में उन्हें अपना निर्धारित हिस्सा मिलता रहेगा.

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