Live फायर, तीन तरफ से नाकेबंदी... क्या ताइवान पर हमला करने जा रहा है चीन?

चीन एक बार फिर से ताइवान के साथ टकराव के मूड में है. चीन ने ताइवान के बगल में बहुत बड़ा मिलिट्री अभ्यास शुरू किया है. चीन ने कहा है कि इस एक्सरसाइज में द्वीपों पर कब्जा करने की ट्रेनिंग हो रही है, ताकि अलगाववादी ताकतों को जवाब दिया जा सके. चीन स्व-शासित ताइवान को अपना भूभाग मानता है. और इस पर कब्जे की कोशिश कर रहा है.

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चीन ने इस एक्सरसाइज का नाम जस्टिस मिशन 2025 दिया है. (Photo: X/@shen_shiwei) चीन ने इस एक्सरसाइज का नाम जस्टिस मिशन 2025 दिया है. (Photo: X/@shen_shiwei)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 3:00 PM IST

क्या चीन ताइवान पर हमला करने वाला है? चीन ने अपनी सैन्य गतिविधियों से संकेत दिया है कि चीन ताइवान को निशाना बना सकता है. चीन ताइवान के आसपास मिलिट्री ड्रिल कर रहा है, जिसमें द्वीप के मुख्य इलाकों पर कब्जा करने और नाकाबंदी करने का अभ्यास किया जा रहा है, ताकि "अलगाववादी ताकतों" को चेतावनी दी जा सके. विस्तारवादी चीन ताइवान की सरकार को अलगाववादी बतलाता है.

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चीनी सेना ने बताया कि इन ड्रिल्स के लिए सेना, नौसेना, वायु सेना और रॉकेट फोर्स को भेजा गया है, जिसमें लाइव-फायर एक्सरसाइज भी शामिल है. 

"जस्टिस मिशन 2025" कोडनेम वाली ये ड्रिल अमेरिका द्वारा ताइवान को 11 बिलियन डॉलर के सबसे बड़े हथियारों के पैकेज की बिक्री की घोषणा के कुछ दिनों बाद हो रही हैं. चीन ने इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया दी. और अमेरिकी रक्षा फर्मों पर प्रतिबंध लगा दिया है,

इस साल ताइवान द्वारा अपनी रक्षा को बढ़ाने की कोशिश से बीजिंग बौखलाया हुआ है. चीन इस स्व-शासित द्वीप को अपना क्षेत्र मानता है. 

चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के अनुसार चाइना कोस्ट गार्ड (CCG) इस अभियान में अहम रोल निभा रहा है. 

CCG ने ग्लोबल टाइम्स के साथ मिलकर "ताइवान जलडमरूमध्य में गश्त और नियंत्रण" नाम का एक पोस्टर जारी किया है. इस पोस्टर का भड़काऊ माना जा रहा है. 

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इस पोस्टर में CCG के कई जहाजों के ग्रुप को ताइवान द्वीप की ओर तीन दिशाओं से, उत्तर, दक्षिण-पश्चिम और पूर्व से बहुत करीब से आते हुए दिखाया गया है. ताइवान द्वीप के पूर्वी हिस्से को भारी सुरक्षा में दिखाया गया है, जहां CCG के कई जहाज नाकाबंदी कर रहे हैं.

चीन ने ताइवान के चारों ओर एम्फीबियस फोर्सेस तैनात की हैं, जिसमें लाइव-फायर ड्रिल्स और ब्लॉकेड शामिल हैं. ताइवान न्यूज के अनुसार ईस्टर्न थिएटर कमांड ने रविवार को इसकी घोषणा की और ताइवान ने अपनी सेनाओं को हाई अलर्ट पर रखा है. विशेषज्ञों का मानना है कि ये अभ्यास आक्रमण की तैयारी का हिस्सा हैं, लेकिन अभी यह "शो ऑफ फोर्स" ज्यादा लगता है. 

ताइवान के राष्ट्रपति कार्यालय ने इस मिलिट्री ड्रिल की आलोचना करते हुए उन्हें अंतरराष्ट्रीय नियमों के लिए चुनौती बताया है. 

ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उन्होंने सोमवार सुबह ताइवान के आसपास चीनी विमानों और जहाजों का पता लगाया है और स्थिति पर नजर रखने के लिए अपनी सेना और मिसाइल सिस्टम तैनात किए हैं. मंत्रालय ने कहा कि ताइवान की रक्षा करने और "अपने लोगों की सुरक्षा" के लिए उसकी सेना "हाई अलर्ट" पर है, 

वीबो पर एक पोस्ट में चीनी सेना की ईस्टर्न थिएटर कमांड ने इस मिलिट्री अभ्यास को "न्याय की ढाल- Shield of justice" बताया है.

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चीनी सेना ने वीबो पर लिखा, "आजादी की साजिश रचने वाले सभी लोग इस ढाल का सामना करने पर खत्म हो जाएंगे!"

हालांकि कुछ शुरुआती ड्रिल शुरू हो गई हैं लेकिन सेना ने कहा कि वह मंगलवार को स्थानीय समय के अनुसार 08:00 से 18:00 बजे तक एक बड़ा अभ्यास करेगी. 

हालांकि चीन लंबे समय से ताइवान को शांतिपूर्ण तरीके से अपने भूभाग में शामिल करने की बात करता है. लेकिन उसका एक कानून यह भी कहता है कि वह द्वीप को अलग होने से रोकने के लिए "अशांतिपूर्ण तरीकों" का सहारा लेगा. क्या यह युद्ध का संकेत है.

बीजिंग ने ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते पर "ताइवान की आजादी" हासिल करने का आरोप लगाया है. राष्ट्रपति का कहना है कि ताइवान पहले से ही एक संप्रभु देश है और इसलिए उसे औपचारिक रूप से आजादी की घोषणा करने की कोई जरूरत नहीं है. 

बता दें कि 2022 से बीजिंग ने ताइवान स्ट्रेट में मिलिट्री ड्रिल बढ़ा दी है. चीन ने 2022 में अमेरिका की पूर्व स्पीकर नैन्सी पेलोसी के ताइवान दौरे पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी. 

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