चीनी सेना का हिस्सा बनेगी डोंगफेंग-41 मिसाइल, दुनिया के किसी भी कोने में कर सकेगी हमला

यह मिसाइल 10 परमाणु हथियारों को एक साथ ले जा सकती है और अलग-अलग निशाने लगा सकती है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

जावेद अख़्तर / BHASHA

  • बीजिंग,
  • 20 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 6:59 PM IST

सैन्य ताकत में इजाफे के लिए चीन का एक और कदम सामने आया है. चीन अपनी सेना में लंबी दूरी वाली एक ऐसी अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल शामिल कर सकता है, जो कई परमाणु हथियारों को एक साथ ले जाने के अलावा दुनिया की किसी भी जगह को टारगेट बना सकती है.

बताया जा रहा है कि अगले साल चीन इस मिसाइल को सेना में शामिल कर सकती है. यह नई मिसाइल डोंगफेंग-41, मैक 10 से भी ज्यादा तीव्र गति वाली है. यह दुश्मनों की मिसाइल चेतावनी और रक्षा प्रणाली में भी सेंध मारने में सक्षम है.

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ने बताया कि साल 2012 में इस मिसाइल की घोषणा होने के बाद से अब तक इसका आठ बार परीक्षण हो चुका है. ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, यह मिसाइल पीपल्स लिबरेशन आर्मी में 2018 में शामिल हो जाएगी.

चीन आर्म्स कंट्रोल एंड डिसआर्मामेंट एसोसिएशन के वरिष्ठ सलाहकार शु गुआंगु ने कहा कि अगर यह मिसाइल सेना में सेवा देना शुरू करती है तो इसे काफी मजबूत होना होगा. ग्लोबल टाइम्स ने गुआंगु को यह कहते हुए उद्धृत किया कि डोंगफेंग-41 तीन स्तरीय ठोस ईंधन मिसाइल है और इसमें कम से कम 12,000 किलोमीटर की मारक क्षमता है. इसका मतलब यह हुआ कि यह चीन से दुनिया के किसी कोने में भी निशाना साधा जा सकता है.

चीन जिस नई मिसाइल को सेना का हिस्सा बनाने जा रहा है, वो बेहद ताकतवर है. यह मिसाइल 10 परमाणु हथियारों को एक साथ ले जा सकती है और अलग-अलग निशाने लगा सकती है.

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