वुहान शिखर सम्मेलन-2017 के बाद से चीन क्यों कर रहा नापाक हरकतें?

2017 के डोकलाम संकट की पृष्‍ठभूमि में वुहान में भारत और चीन के बीच पहला अनौपचारिक शिखर सम्‍मेलन हुआ था. इस दौरान दोनों देशों ने रणनीतिक सलाह दी थी ताकि दोबारा डोकलाम जैसा संकट उत्‍पन्‍न नहीं हो.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 मई 2020,
  • अपडेटेड 11:06 PM IST

  • भारत-चीन के बीच लद्दाख सीमा पर तनाव का माहौल
  • वुहान शिखर सम्मेलन में डोकलाम पर हुई थी बातचीत

भारत और चीन के बीच इन दिनों लद्दाख सीमा पर तनाव का माहौल है. चीन की ओर से दौलत बेग ओल्डी (DBO) और 114 ब्रिगेड के तहत निकटवर्ती इलाकों में 5000 सैनिकों की तैनाती की गई है. वहीं, चीनी सैनिकों को रो​कने के लिए भारतीय सैनिकों ने भी मोर्चा संभाल लिया है. चीनी सैनिकों की घुसपैठ रोकने के लिए भारत ने लद्दाख के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी पेट्रोलिंग बढ़ा दी है.

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इंडिया टुडे के न्यूज ट्रैक प्रोग्राम में सोमवार को एक्सपर्ट्स ने चीनी सेना की नापाक हरकतों पर अपनी राय रखी. इस पैनल में रिटायर्ड कर्नल अजय शुक्ला (स्ट्रैटजिक अफेयर्स एक्सपर्ट), अशोक कांता (पूर्व राजदूत, चाइना), प्रोफेसर सुमित गांगुली (ब्लूमिंगटन), लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) विनोद भाटिया और चीन के पॉलिटिकल एक्सपर्ट Einar Tangen शामिल हुए.

रिटायर्ड कर्नल अजय शुक्ला ने कहा कि चीन की ये हरकत नई नहीं है. वो पहले भी ऐसी हरकत करता रहा है. भारतीय सेना उन्हें जवाब देने में सक्षम है. नक्शे को लेकर भी उसका दोहरा चरित्र ही रहा है. वहीं, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) विनोद भाटिया ने कहा कि 2017 में वुहान शिखर सम्मेलन के बाद रणनीतिक मार्गदर्शन के बाद कुछ ऐसा हुआ है. चीन बीते कुछ समय से सीमावर्ती क्षेत्र में ऐसी हरकत कर रहा है.

गौरतलब है कि 2017 के डोकलाम संकट की पृष्‍ठभूमि में वुहान में भारत और चीन के बीच पहला अनौपचारिक शिखर सम्‍मेलन हुआ था. इस दौरान दोनों देशों ने रणनीतिक सलाह दी थी ताकि दोबारा डोकलाम जैसा संकट उत्‍पन्‍न नहीं हो. इसके अलावा सांस्‍कृतिक स्‍तर पर दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर जोर देने पर सहमति बनी थी.

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वहीं, प्रोफेसर सुमित गांगुली ने कहा कि कोरोना महामारी से दुनियाभर के देश प्रभावित हुए हैं. इस बीच भारत के अमेरिका से रिश्ते अच्छे हुए हैं, जो चीन को कभी नहीं ठीक लगेगा क्योंकि कोरोना के बाद चीन और अमेरिका में ठन गई है. वहीं, भारत के चीन से व्यापारिक संबंध हैं. ऐसे में इस तरह की हरकतें करके चीन बरगलाने का काम कर रहा है.

चीन के पॉलिटिकल एक्सपर्ट Einar Tangen ने कहा कि चीन कोरोना महामारी से लड़ रहा है, लेकिन सरकार ने अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए बाजार को खोल दिया है. चीन के लोगों के हित में जो सही है, वो सरकार कर रही है.

सड़क पर चीन ने जताई आपत्ति

बता दें कि चीन भारतीय सीमा के करीब गालवान क्षेत्र तक अपने सैनिकों को लाने-ले जाने और सामानों की सप्लाई के लिए कई सड़क बना चुका है. इसी को देखते हुए भारतीय क्षेत्र में सीमा सड़क संगठन ने सड़क बनाने के काम में तेजी ला दी थी, जिस पर चीन ने आपत्ति जताई है. इसे लेकर दौलत बेग ओल्डी सेक्टर में 81 ब्रिगेड के अधिकारियों और उनके चीनी समकक्षों के बीच बैठकें भी हो चुकी हैं. दोनों तरफ से सैन्य गश्त भी बढ़ा दी गई है.

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