कनाडा में परिवार और मातृत्व को लेकर महिलाओं की सोच तेजी से बदल रही है. यही वजह है कि साल 2024 में कनाडा की जन्म दर अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई. कनाडा की सरकारी एजेंसी स्टैटिस्टिक्स कनाडा की नई रिपोर्ट बताती है कि अब बड़ी संख्या में महिलाएं या तो देर से मां बनना चाहती हैं या फिर बच्चे पैदा न करने का फैसला कर रही हैं.
इन देशों में अति-निम्न प्रजनन दर
स्टैटिस्टिक्स कनाडा के “2024 फैमिली ट्रांजिशन सर्वे” के मुताबिक, देश की कुल प्रजनन दर (TFR) घटकर प्रति महिला 1.25 बच्चे रह गई है. इसे “अति-निम्न प्रजनन दर” की श्रेणी में रखा जाता है. जिन देशों में यह आंकड़ा 1.30 से नीचे होता है, वे इस श्रेणी में आते हैं. इस मामले में कनाडा अब कई विकसित देशों की सूची में शामिल हो गया है, जैसे स्विट्जरलैंड, फिनलैंड, इटली, जापान, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया. यह गिरावट कोई अचानक नहीं आई, बल्कि इसकी शुरुआत करीब 2009 के बाद से ही हो चुकी थी, जो अब और गहरी हो गई है.
महिलाएं क्यों नहीं चाहतीं बच्चे?
रिपोर्ट के अनुसार, इसके पीछे कई सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक कारण हैं. महिलाओं की शिक्षा का स्तर बढ़ना, बड़ी संख्या में महिलाओं का नौकरी और करियर पर फोकस, समाज में विवाह और मातृत्व को लेकर बदलती सोच, और गर्भनिरोधक साधनों का आसान होना. इन सभी ने महिलाओं के जीवन के फैसलों को बदल दिया है.
अब महिलाएं पहले की तरह जल्दी शादी और बच्चे को जरूरी नहीं मानतीं. इसी का नतीजा है कि पहली बार मां बनने की औसत उम्र लगातार बढ़ रही है. 2024 में यह उम्र 31.8 साल तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है.
हालांकि रिपोर्ट यह भी साफ करती है कि ज्यादातर महिलाएं मां बनना चाहती हैं, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ यह इच्छा कम होती जाती है. 20 से 49 साल की उन महिलाओं में, जिनके अभी बच्चे नहीं हैं, वो...
-51.7% महिलाएं भविष्य में कम से कम एक बच्चा चाहती हैं.
-20–29 साल की उम्र में यह इच्छा सबसे ज्यादा है, जहां करीब दो-तिहाई महिलाएं बच्चे चाहती हैं.
-30–39 साल की उम्र में यह आंकड़ा घटकर 10 में से 4 रह जाता है.
-40–49 साल की उम्र में सिर्फ 10 में से 1 महिला ही मां बनना चाहती है.
पढ़ाई, नौकरी और धर्म का असर
स्टैटिस्टिक्स कनाडा का कहना है कि यूनिवर्सिटी पढ़ी हुई और कामकाजी महिलाओं में बिना बच्चों वाली महिलाओं का अनुपात ज्यादा है. वहीं, शादीशुदा और धार्मिक महिलाओं में मातृत्व ज्यादा आम देखा गया है. इससे साफ होता है कि करियर और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना आज भी महिलाओं के लिए बड़ी चुनौती है.
अप्रवासी महिलाएं निभा रहीं अहम भूमिका
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कनाडा में स्थायी रूप से बसी अप्रवासी महिलाएं, कनाडा में जन्मी महिलाओं की तुलना में ज्यादा मां बन रही हैं. 2024 में, 20 से 49 साल की उम्र की आधी से ज्यादा कनाडा में जन्मी महिलाओं के बच्चे नहीं थे, जबकि स्थायी अप्रवासी महिलाओं में यह आंकड़ा 44.6% रहा. इससे यह संकेत मिलता है कि कनाडा की जन्म दर में अप्रवासी समुदाय की भूमिका लगातार बढ़ रही है.
नस्ल और संस्कृति भी वजह
स्टैटिस्टिक्स कनाडा के अनुसार, नस्लीय और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि भी मातृत्व के फैसले को प्रभावित करती है.
-कनाडा में रहने वाली लगभग 10 में से 6 पश्चिम एशियाई और चीनी महिलाओं के बच्चे नहीं थे.
-वहीं लैटिन अमेरिकी और अरब महिलाओं में बिना बच्चों वाली महिलाओं का आंकड़ा करीब 40% रहा.
सरकार के लिए चेतावनी
स्टैटिस्टिक्स कनाडा का कहना है कि ये आंकड़े बताते हैं कि जन्म दर में गिरावट सिर्फ निजी पसंद का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे आर्थिक दबाव, करियर की मजबूरी और सामाजिक ढांचे जैसे कारण हैं. एजेंसी ने जोर देकर कहा है कि करियर और मातृत्व के बीच संतुलन बनाने वाली नीतियां अब पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गई हैं.
कुल मिलाकर, कनाडा में बदलती जीवनशैली और सोच ने मातृत्व के फैसले को पूरी तरह बदल दिया है, और यही वजह है कि देश की जन्म दर आज ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच चुकी है.
हुमरा असद