एपस्टीन फाइल की वजह से इस्तीफा देने वाले दुनिया के पहले PM बनेंगे स्टॉर्मर? ब्रिटेन में खुलासों से सनसनी

एपस्टीन फाइल की जद में इस बार दिग्गज राजनेता आए हैं. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टॉर्मर एपस्टीन फाइल्स के खुलासे से जूझ रहे हैं, आरोप है कि उनके द्वारा नियुक्त किए गए एक राजदूत ने ब्रिटेन के सीक्रेट एपस्टीन को बता दिए थे. इसके अलावा इस शख्स ने लंबे समय तक एपस्टीन से दोस्ती कायम रखी.

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स्टार्मर एपस्टीन फाइल खुलासों में जांच का सामना कर रहे हैं. (File Photo: ITG) स्टार्मर एपस्टीन फाइल खुलासों में जांच का सामना कर रहे हैं. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:26 PM IST

एपस्टीन फाइल से निकले डार्क सीक्रेट्स ब्रिटेन की राजनीति में भूचाल ला चुके हैं. सरकार से बड़े इस्तीफे हो रहे हैं. खबर है कि लेबर पार्टी प्रधानमंत्री कीर स्टॉर्मर को माफ करने के मूड में नहीं है और उनकी कुर्सी भी जा सकती है.  माना जा रहा है कि पीएम स्टॉर्मर इस्तीफा दे देंगे. 

कीर स्टॉर्मर को प्रधानमंत्री बने 18 महीने ही हुए हैं और एपस्टीन फाइल से जुड़े खुलासे उनकी कुर्सी को चुनौती दे रहे हैं. लेकिन लेबर सांसदों के बीच कीर स्टॉर्मर का समर्थन तेजी से घटता जा रहा है. स्टॉर्मर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने 8 फरवरी को इस्तीफा दे दिया था. इस शख्स का इस विवाद से कनेक्शन है. 

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एपस्टीन फाइल से ब्रिटिश पीएम का क्या लेना-देना है?

कीर स्टॉर्मर का नाम सीधे एपस्टीन फाइल में नहीं है. लेकिन उन पर एक ऐसे शख्स को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त करने का आरोप है जिसके संबंध यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से थे. इस शख्स का नाम पीटर मैंडेलसन है. पीटर मैंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त करने की सलाह मॉर्गन मैकस्वीनी ने दी थी. इस खुलासे के बाद मार्गन मैकस्वीनी ने इस्तीफा दे दिया है. 

जनवरी 2026 में अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन की नई फाइलें जारी कीं, जिसमें पीटर मैंडेलसन और एपस्टीन के बीच गहरे संबंधों का खुलासा हुआ. इन फाइलों से पता चला कि मैंडेलसन ने 2008-2009 की वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान एपस्टीन को बाजार-संवेदनशील सरकारी जानकारी लीक की थी और एपस्टीन से पैसे भी प्राप्त किए थे. 

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पीएम स्टार्मर ने 2024 में मैंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त किया था, जबकि मैंडेलसन के एपस्टीन से संबंध पहले से ही सार्वजनिक थे. एपस्टीन को 2008 में सजा मिलने के बाद भी उनकी दोस्ती जारी रही. 

सितंबर 2025 में स्टार्मर ने मैंडेलसन को पहले की खुलासों के कारण बर्खास्त कर दिया था, लेकिन जनवरी 2026 की नई फाइलों ने संबंधों की गहराई उजागर की. इसके बाद पुलिस ने फिर जांच शुरू की. पुलिस ने मैंडेलसन की संपत्तियों पर छापे मारे और सार्वजनिक पद में भ्रष्टाचार की जांच की जा रही है. 

मैंडेलसन ने लेबर पार्टी से इस्तीफा दे दिया और हाउस ऑफ लॉर्ड्स से भी बाहर हो गए. 

सोमवार को ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टॉर्मर के कम्युनिकेशन डायरेक्टर टिम एलन ने भी इस्तीफा दे दिया है. 

ब्रिटिश नैतिकता, राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक शुचिता की इन्हीं बहसों की वजह से पीएम स्टॉर्मर की कुर्सी डवांडोल है. विपक्ष स्टार्मर के फैसले पर सवाल उठा रही है. स्टार्मर ने एपस्टीन के पीड़ितों से माफी मांगी है, और कहा कि उन्होंने मैंडेलसन के "झूठ" पर विश्वास किया और यह नियुक्ति गलत थी. 

स्टॉर्मर का सबसे बड़ा संकट

यह विवाद स्टार्मर की राजनीतिक निर्णय क्षमता पर सवाल खड़े कर रहा है, और इसे उनकी सरकार का सबसे बड़ा संकट माना जा रहा है. मीडिया और राजनीतिक टिप्पणीकार इसे "घृणा की निरंतरता" बता रहे हैं, जहां महिलाओं और लड़कियों के प्रति अनादर और कानून की अवहेलना शामिल है. 

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उन्होंने मैंडेलसन की नियुक्ति से जुड़े डॉक्यूमेंट्स जारी करने का वादा किया है, जिसके बारे में सरकार का कहना है कि इससे पता चलेगा कि मैंडेलसन ने एपस्टीन के साथ अपने संबंधों के बारे में अधिकारियों को गुमराह किया था.

पुलिस मैंडेलसन की जांच कर रही है कि क्या उन्होंने सरकारी पद पर रहते हुए कोई गलत काम किया था, क्योंकि कुछ डॉक्यूमेंट्स से पता चलता है कि उन्होंने डेढ़ दशक पहले एपस्टीन को संवेदनशील सरकारी जानकारी दी थी. इस अपराध के लिए ज़्यादा से ज़्यादा उम्रकैद की सज़ा हो सकती है. मैंडेलसन को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है या उन पर आरोप नहीं लगाया गया है. 

कुछ दस्तावेज़ों से पता चलता है कि उन्होंने डेढ़ दशक पहले एपस्टीन को संवेदनशील सरकारी जानकारी दी थी. मैंडेलसन को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है या उन पर आरोप भी नहीं लगाया गया है, और उन पर यौन दुराचार का कोई आरोप भी नहीं है.

स्टार्मर के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़, मॉर्गन मैकस्वीनी ने रविवार को इस्तीफा देकर इस फैसले की ज़िम्मेदारी ली. उन्होंने कहा कि "मैंने प्रधानमंत्री को वह नियुक्ति करने की सलाह दी थी और मैं उस सलाह की पूरी ज़िम्मेदारी लेता हूं."

अकेले और कमजोर पड़े स्टॉर्मर

मैकस्वीनी 2020 में लेबर नेता बनने के बाद से स्टार्मर के सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी रहे हैं, और उन्हें लेबर पार्टी की जुलाई 2024 की शानदार चुनावी जीत का मुख्य सूत्रधार माना जाता है. लेकिन पार्टी के कुछ लोग उन्हें तब से हुई कई गलतियों के लिए दोषी ठहराते हैं.

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कुछ लेबर अधिकारियों को उम्मीद है कि उनके जाने से प्रधानमंत्री को पार्टी और देश के साथ विश्वास फिर से बनाने का समय मिलेगा. वरिष्ठ सांसद एमिली थॉर्नबेरी ने कहा कि मैकस्वीनी एक "विवादास्पद व्यक्ति" बन गए थे और उनके जाने से सब कुछ फिर से शुरू करने का मौका मिला है.

क्या एपस्टीन की वजह से कुर्सी गंवाने वाले पहले PM बनेंगे स्टॉर्मर

वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मैकस्वीनी के जाने से स्टॉर्मर कमजोर और अकेले पड़ गए हैं.

विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी की नेता केमी बैडेनोच ने कहा कि स्टार्मर ने "एक के बाद एक बुरे फैसले लिए हैं" और "उनकी स्थिति अब संभालने लायक नहीं है."

कुछ लेबर सांसदों ने भी स्टार्मर के इस्तीफे की बात की है, और मीडिया में यह चर्चा है कि यह उनकी सत्ता का अंत हो सकता है. अगर ऐसा हुआ तो एपस्टीन फाइल की वजह से अपनी कुर्सी गंवाने वाले वह दुनिया के पहले प्रधानमंत्री बन सकते हैं. 

ऑफिस जीतने के बाद से से ही स्टार्मर को वादे के मुताबिक इकोनॉमिक ग्रोथ देने, खराब पब्लिक सर्विस को ठीक करने और महंगाई कम करने में मुश्किल हो रही है. उन्होंने 14 साल के कथित घोटालों से भरे कंजर्वेटिव शासन के बाद ईमानदार सरकार लाने का वादा किया था, लेकिन वेलफेयर कट और दूसरी अलोकप्रिय नीतियों को लेकर गलतियों और यू-टर्न से घिरे रहे हैं. 
 

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