ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो को वहां की सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ी मानवीय राहत दी है. अदालत ने आदेश दिया है कि बोलसोनारो अपनी 27 साल की जेल की सजा अब जेल के बजाय अपने घर पर हाउस अरेस्ट रहकर काट सकेंगे. यह फैसला उनकी लगातार बिगड़ती सेहत को देखते हुए लिया गया है.
यह फैसला ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अलेक्जेंड्रे डी मोरेस ने मंगलवार को दिया. अदालत का यह फैसला तब आया है जब बोल्सोनारो 13 मार्च से निमोनिया समेत कई बीमारियों के कारण अस्पताल में भर्ती हैं. बताया गया कि 2018 में उन पर हुए हमले के बाद से उनकी सेहत लगातार कमजोर रही है.
हाल ही में किडनी से जुड़ी समस्या के चलते उन्हें कुछ दिनों के लिए आईसीयू में भी रखा गया था. हालांकि अब उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है, लेकिन डॉक्टरों ने अभी अस्पताल से छुट्टी की तारीख नहीं बताई है.
बता दें कि उन पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव हारने के बाद सत्ता पर कब्जा बनाए रखने के लिए तख्तापलट की साजिश रची थी, जिसके लिए उन्हें 27 साल की सजा सुनाई गई है. बोल्सोनारो के परिवार ने नवंबर में दोषी ठहराए जाने के बाद से ही कोर्ट से उन्हें घर में नजरबंद रखने की मांग की थी.
जनवरी में उन्हें फेडरल पुलिस मुख्यालय से एक बड़ी सेल में शिफ्ट किया गया था. सोमवार को ब्राजील के अटॉर्नी जनरल ने भी कोर्ट में ऐसा कदम उठाने का रास्ता साफ किया, जिसके बाद यह फैसला आया.
बोल्सोनारो 2019 से 2022 तक ब्राजील के राष्ट्रपति रहे. उनके बेटे और सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो ने अक्टूबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है. सर्वे के मुताबिक उनकी टक्कर मौजूदा राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा से कड़ी मानी जा रही है.
ब्राजील के कानून के मुताबिक, घर पर सजा काटने के दौरान बोलसोनारो को कुछ कड़े नियमों का पालन करना होगा. वे कोई भी सार्वजनिक बयान नहीं दे सकते. वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं कर सकते. वे मीडिया को इंटरव्यू नहीं दे सकते. अगर उनकी सेहत में बहुत सुधार होता है या वे नियमों को तोड़ते हैं, तो उन्हें वापस जेल भेजा जा सकता है.
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