बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के व्यापारियों को निशाना बनाने का सिलसिला थम नहीं रहा है. अब नरसिंगदी में एक और हिंदू व्यापारी की हत्या का का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि ये घटना जेसोर जिले में एक अन्य हिंदू व्यवसायी और समाचार पत्र के संपादक की हत्या के कुछ घंटों बाद हुई. पिछले 25 दिनों में कई हिंदू युवकों की हत्या हो चुकी है, जिससे स्थानीय समुदाय में सुरक्षा को लेकर गहरा डर और चिंता जताई है. घटना के बाद से आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया. साथ ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी है.
समाचार एजेंसी के मुताबिक, ये घटना सोमवार रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है, जब किराना दुकानदार मोनी चक्रवर्ती अपनी दुकान बंद कर अपने घर लौट रहे थे. इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने मोनी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया.
स्थानीय लोगों ने पहुंचा अस्पताल
पुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार, मोनी चक्रवर्ती सोमवार रात लगभग 11 बजे दुकान बंद करके घर लौट रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने स्थानीय रूप से बने तेज हथियार (चाकू) से उन पर हमला कर दिया. हमले में वे मौके पर ही गिर पड़े. इसके बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत पलाश उपजिला स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
पलाश थाना प्रभारी (ओसी) शाहिद अल मामून ने पुष्टि की कि मोनी चक्रवर्ती की हत्या तेज हथियार से की गई. मृतक शिवपुर उपजिला के साधुचर यूनियन के रहने वाले थे. मोनी लंबे वक्त से बाजार में अपनी किराना दुकान चला रहे थे. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
पुलिस ने इलाके में बढ़ाई सुरक्षा
साथ ही पुलिस ने नरसिंगदी इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है, लेकिन अपराधियों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है. बताया जा रहा है कि मोनी चक्रवर्ती की हत्या उसी दिन शाम को जेसोर जिले में राणा प्रताप बैरागी (38 वर्षीय) की गोली मारकर हत्या के कुछ घंटों बाद हुई. राणा एक फैक्ट्री मालिक और दैनिक 'बीडी खबर' के कार्यवाहक संपादक थे. हमलावरों ने उन्हें सिर में गोली मार दी.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोनी चक्रवर्ती की हत्या जैसोर जिले में एक अन्य हिंदू व्यवसायी और समाचार पत्र के कार्यकारी संपादक की गोली मारकर हत्या किए जाने के कुछ ही घंटों बाद हुई.
दिसंबर से जारी हिंदुओं के खिलाफ हिंसा
बता दें कि बांग्लादेश में बीते 25 दिन में कई हिंदू युवकों की हत्या हो चुकी है. 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास की हत्या कर दी गई थी. मयमसिंह जिले के भालुका इलाके में कट्टरपंथियों की भीड़ ने दीपू की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. इसके छह दिन बाद 25 दिसंबर को एक और हिंदू युवक अमृत मंडल की भी हत्या कर दी गई थी. हाल ही में 11 जनवरी को चटगांव के डागनभुइयां में 28 साल के हिंदू युवक समीर दास पर हमलावरों ने चाकू से हमला किया. समीर पेश से ऑटो चालक था. समीर की हत्या के बाद हत्यारे उसका ऑटो भी चुराकर मौके से फरार हो गए.
हाल के हफ्तों में ये तीसरी घटना है, जब किसी हिंदू व्यवसायी को निशाना बनाया गया है. इन हमलों ने स्थानीय अल्पसंख्यक समुदाय के बीच सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता और डर पैदा कर दिया है.
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