भारत द्वारा बांग्लादेश से अपने राजनयिकों के परिजनों को वापस बुलाने के फैसले पर ढाका की प्रतिक्रिया सामने आई है. बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने कहा है कि ऐसी कोई सुरक्षा स्थिति नहीं है, जिससे विदेशी राजनयिकों या उनके परिवारों को खतरा हो.
बुधवार को विदेश मंत्रालय में मीडिया को संबोधित करते हुए हुसैन ने कहा, “यहां ऐसा कोई हालात नहीं है, जिससे भारतीय राजनयिकों को खतरे का संकेत मिले.” उन्होंने इसे भारत का आंतरिक मामला बताते हुए कहा कि कोई भी देश अपने अधिकारियों या उनके परिवारों को कभी भी वापस बुला सकता है.
गौरतलब है कि भारत ने पिछले हफ्ते बांग्लादेश में बढ़ती चरमपंथी गतिविधियों और संभावित सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए यह फैसला लिया था. यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं.
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हुसैन ने कहा कि बांग्लादेश को भारत की ओर से सुरक्षा संबंधी किसी चिंता को लेकर कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है. भारत में डिप्टी हाई कमिश्नर के रूप में काम कर चुके हुसैन ने कहा, “संभव है कि भारत को कुछ आशंकाएं हों या वह कोई संदेश देना चाहता हो, लेकिन हमें कोई स्पष्ट कारण नजर नहीं आता.”
उन्होंने दोहराया कि अगर भारतीय राजनयिक अपने परिवारों को वापस भेजना चाहते हैं तो बांग्लादेश को इस पर कोई आपत्ति नहीं है. फिलहाल ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग समेत बांग्लादेश में भारत के पांच डिप्लोमैटिक मिशन है जो सामान्य रूप से काम कर रहे हैं. हाल ही में भारतीय उच्चायोग ने गणतंत्र दिवस पर रिसेप्शन भी आयोजित किया था.
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