बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को चुनाव हो रहे हैं. इस चुनाव के साथ ही संवैधानिक और संस्थागत सुधारों (July Charter) पर राष्ट्रीय जनमत संग्रह (referendum) भी होगा. यह चुनाव 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद पहला बड़ा राष्ट्रीय चुनाव है. शेख हसीना की अवामी लीग पर प्रतिबंध के बीच इस चुनाव में मुख्य रूप से बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP), जमात-ए-इस्लामी और छात्रों की पार्टी नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) हिस्सा ले रही है.
बांग्लादेश में इस बार के चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाले हैं क्योंकि इसमें शेख हसीना के समय प्रतिबंध झेल चुकीं पार्टियां हिस्सा ले रही हैं. इसमें इस्लामिक झुकाव वाली जमात है, पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी बीएनपी है और छात्र आंदोलन से उभरकर आई एनसीपी है. जमात और एनसीपी मिलकर चुनाव लड़ रही हैं.
बांग्लादेश की पार्टियों ने अपने चुनावी मेनिफेस्टो में कई बड़े वादे किए हैं. लेकिन जब इन पार्टियों के मेनिफेस्टो पर नजर डालें तो पता चलता है कि इसमें से कई बड़े वादे भारत की कल्याणकारी योजनाओं से लिए गए हैं. बांग्लादेश की लगभग सभी पार्टियों ने अपने मेनिफेस्टो में भारत से कुछ न कुछ जरूर लिया है जिसमें किसान कल्याण, कौशल विकास और शिक्षा से जुड़े वादे शामिल हैं.
बीएनपी के मेनिफेस्टो में क्या है?
सबसे मजबूत दावेदार तारीक रहमान की पार्टी BNP का मेनिफेस्टो 'कल्याणकारी और समृद्ध बांग्लादेश' पर केंद्रित है. पार्टी ने 9 बड़े वादे किए हैं.
परिवार कार्ड (Family Card): बीएनपी के मेनिफेस्टो में अपने वोटर्स से किया गया यह वादा भारत की योजनाओं से मेल खाता है. बीएनपी ने वादा किया है कि अगर वो सत्ता में आई तो गरीब और निम्न आय वाले परिवारों को हर महीने 2,500 टका नकद या फिर उतने पैसे का जरूरी सामान दिया जाएगा.
किसान कार्ड (Farmer Card): इस वादे के तहत बीएनपी किसानों को सब्सिडी, आसान लोन, फसल बीमा, उचित मूल्य और सरकारी मार्केटिंग की सुविधा देगी.
स्वास्थ्य: 1 लाख नए स्वास्थ्यकर्मी भर्ती, जिला स्तर पर बेहतर इलाज, मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर फोकस.
शिक्षा: बीएनपी ने अपने मेनिफेस्टो में शिक्षा के लिए भी भारत जैसा मॉडल अपनाने का वादा किया है जिसमें बच्चों को मिड-डे मील देना शामिल है. बीएनपी ने कौशल-आधारित शिक्षा, मिड-डे मील, लड़कियों के लिए फ्री पोस्टग्रेजुएट शिक्षा और टेक सपोर्ट का वादा किया है.
युवा: 1 करोड़ नौकरियां (इसमें 10 लाख ICT में), स्टार्टअप सपोर्ट, मेरिट-बेस्ड सरकारी नौकरियां.
अर्थव्यवस्था: 2034 तक जीडीपी को एक ट्रिलियन डॉलर GDP की अर्थव्यवस्था बनाना (10% वार्षिक ग्रोथ), डिजिटल इकोनॉमी (PayPal जैसा सिस्टम), एयर हब बनाना.
पर्यावरण: 20,000 किलोमीटर नदियां और नए नहरों का निर्माण, 25 करोड़ पेड़ लगाना.
धार्मिक सद्भाव: सभी धर्मों के धार्मिक नेताओं को सम्मान और ट्रेनिंग.
विदेश नीति: भारत की तरह ही बीएनपी ने 'Bangladesh First' की नीति अपनाने का वादा किया है. इसी के साथ बीएनपी का वादा है कि भारत के साथ लगी सीमा पर हत्याएं रोकी जाएंगी, तीस्ता/पद्मा जैसे नदियों का उचित पानी बंटवारा होगा और कोई देश बांग्लादेश का 'मालिक' नहीं बनेगा.
इसके अलावा बीएनपी ने अपने मेनिफेस्टो में भ्रष्टाचार-मुक्त देश, न्याय-आधारित शासन और महिलाओं के सशक्तिकरण का वादा किया है.
जमात-ए-इस्लामी के मेनिफेस्टो में क्या है?
शफीकुर रहमान के नेतृत्व वाली जमात एनसीपी के साथ मिलकर चुनाव में बीएनपी को कड़ी टक्कर देने वाली है. 'पीपुल्स मेनिफेस्टो' टाइटल से सामने आया इसका मेनिफेस्टो 'सुरक्षित और मानवीय बांग्लादेश' (Safe and Humane Bangladesh) का वादा करता है. इस मेनिफेस्टो में जमात ने 26 बड़े वादे किए गए हैं, जिन्हें अगर वो सत्ता में आई तो लागू कर सकती है.
अर्थव्यवस्था: पार्टी ने 2040 तक $2 ट्रिलियन GDP, प्रति व्यक्ति आय $10,000, FDI $15 बिलियन तक, ICT में 20 लाख नौकरियां, आयात 30% कम करना, इस्लामी बैंकिंग और शरिया-आधारित फाइनेंस का वादा किया है.
युवा और महिलाएं: युवा नेतृत्व, कैबिनेट में महिलाओं/अल्पसंख्यकों को प्रतिनिधित्व, महिलाओं की सुरक्षा (बस में अलग व्यवस्था, हेल्पलाइन) की बात कही गई है.
शासन: जमात ने 'फासीवादी व्यवस्था' खत्म करने, भ्रष्टाचार-मुक्त (माफिया-फ्री), न्याय-आधारित (इंसाफ) अर्थव्यवस्था का वादा किया है.
शिक्षा/स्वास्थ्य: चार स्ट्रीम वाली शिक्षा (इस्लामी, साइंस, जनरल, टेक्निकल) का वादा किया है और स्वास्थ्य बजट को भी बढ़ाने की बात कही है.
विदेश नीति: पड़ोसियों (भारत सहित) के साथ सम्मानजनक संबंध, मुस्लिम देशों से मजबूत संबंध.
एनसीपी का मेनिफेस्टो क्या कहता है?
नाहिद इस्लाम के नेतृत्व वाली एनसीपी ने 36-पॉइंट का मेनिफेस्टो जारी किया है. मेनिफेस्टो की बुनियादी नींव 'युवा और गरिमा' (Youth and Dignity) बताई गई है. इसमें 'सुशासन, सुधार और संप्रभुता' के नाम पर बड़े सुधारों का वादा किया गया है.
इसके मुख्य वादे हैं-
सुधार: July Charter को संविधान में शामिल करना, Truth and Reconciliation Commission, जवाबदेही (सांसदों/मंत्रियों की संपत्ति पब्लिक पोर्टल पर) तय करने का वादा.
आर्थिक/नौकरियां: 1 करोड़ नौकरियां, न्यूनतम मजदूरी 100 टका/घंटा, महिलाओं/युवाओं के लिए 1,000 करोड़ टका उद्यम फंड, एक्सटॉर्शन (चंदा वसूली) पूरी तरह खत्म.
मतदान उम्र: एनसीपी ने बांग्लादेश के अपने वोटर्स से एक बड़ा वादा ये किया है कि वो वोटिंग की उम्र को 18 को घटाकर 16 साल कर देगी.
स्वास्थ्य/शिक्षा: राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा, डिजिटल रिकॉर्ड, शिक्षा सुधार, रिवर्स ब्रेन ड्रेन (विदेशी विशेषज्ञों को वापस लाना) का वादा.
महिलाएं/अल्पसंख्यक: 100 आरक्षित सीटों पर सीधा चुनाव, मातृत्व अवकाश, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का वादा.
परिवहन/पर्यावरण: ढाका-चटगांव ट्रांसपोर्ट, ईटीपी अनिवार्य, 25% रिन्यूएबल एनर्जी का वादा.
विदेश: सीमा हत्याएं रोकना, पानी बंटवारा, रोहिंग्या मुद्दे के समाधान का वादा.
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