कनाडा के ऊर्जा-समृद्ध प्रांत अल्बर्टा में अलगाववाद की सुगबुगाहट के बीच अब अमेरिका का नाम भी जुड़ गया है. अमेरिकी अधिकारियों और अल्बर्टा अलगाव समर्थक समूहों के बीच कथित बैठकों की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने साफ कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिकी प्रशासन कनाडा की संप्रभुता का सम्मान करेगा. इस पूरे घटनाक्रम ने ओटावा से लेकर वॉशिंगटन तक सियासी हलचल तेज कर दी है.
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने साफ कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिकी प्रशासन कनाडा की संप्रभुता का पूरा सम्मान करेगा. यह बयान उन्होंने उन रिपोर्ट्स के बीच दिया है, जिनमें दावा किया गया कि अमेरिकी अधिकारियों ने कनाडा के अल्बर्टा प्रांत को देश से अलग करने की मांग करने वाले अलगाववादी समूहों से मुलाकात की है.
गुरुवार (29 जनवरी) को ओटावा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कार्नी ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिकी प्रशासन कनाडा की संप्रभुता का सम्मान करेगा. राष्ट्रपति ट्रंप से मेरी हर बातचीत में मैं इस बात को स्पष्ट रूप से रखता हूं. कार्नी ने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कभी भी उनसे अल्बर्टा के अलगाववाद का मुद्दा नहीं उठाया है.
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अल्बर्टा अलगाववाद पर अमेरिकी संपर्कों का दावा
फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों ने Alberta Prosperity Project (APP) नाम के संगठन के साथ तीन बैठकें की थीं. यह संगठन अल्बर्टा को कनाडा से अलग कर एक स्वतंत्र देश बनाने के लिए जनमत संग्रह की मांग कर रहा है.
रिपोर्ट के अनुसार APP का दावा है कि ओटावा की नीतियां अल्बर्टा की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा क्षेत्र को नुकसान पहुंचा रही हैं. समूह अगले महीने अमेरिकी विदेश और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों से एक और बैठक चाहता है, जिसमें वह 500 अरब डॉलर की क्रेडिट सुविधा की मांग रखेगा.
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