पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जंग आक्रामक हो गई है. शुक्रवार की दरमियानी रातें पाकिस्तानी सेना ने अफ़ग़ान के काबूल, कंधार और पक्तिया में एयर स्ट्राइक की है. तालिबान ने रात को "बड़े पैमाने पर आक्रामक अभियान" शुरू किया, जिसमें पाकिस्तानी सीमा चौकियों पर हमले किए गए. पाकिस्तान ने इसे "अकारण हमला" बताया और तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए कई अफगान पोस्ट्स नष्ट कर दिए.
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का कहना है कि वह अपने मुल्क के क्षेत्र की एकता और शांति से किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं करेगा. दूसरी ओर, तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने ज़ोरदार पलटवार करने की चेतावनी दी है.
अफगान रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 26 फरवरी की रात को पाकिस्तानी सेना ने अफगानी क्षेत्र में वैसे हमले किए जिनमें महिलाओं और बच्चों की जान गई. मंत्रालय के अनुसार, अफगान सेनाओं ने पकतिका, पकतिया, खोस्त, नंगरहार, कुनार और नूरिस्तान प्रांतों में बदले की कार्रवाई करते हुए पाकिस्तानी सैनिकों को पीछे धकेल दिया. इस लड़ाई में दो सैन्य बेस, 19 पोस्ट कब्जे में लिए गए और चार पोस्ट से पाकिस्तानी सैनिक फरार हो गए.
दोनों मुल्कों के बीच शुरू हुए संघर्ष से कतर-मध्यस्थता वाला युद्धविराम खतरे में है और साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ रही है.
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डूरंड लाइन पर तालिबान लड़ाकों की स्थिति मजबूत है. अब तक लड़ाकों ने पाकिस्तान के 19 सैन्य पोस्ट पर कब्जा कर लिया है. पूरी खबर को यहां क्लिक कर पढ़ें - डूरंड लाइन पर तालिबान मजबूत, पाकिस्तान आर्मी के 19 पोस्ट कब्जाए... जानें ग्राउंड पर क्या हैं हालात
अफगानिस्तान के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कारी फसीहुद्दीन फितरत ने कहा है कि वह देश में चल रही विभिन्न सैन्य कार्रवाइयों की व्यक्तिगत रूप से कमान संभाल रहे हैं. वे सीधे मैदान में चल रहे युद्ध अभियानों की निगरानी कर रहे हैं. उनकी सक्रिय कमान सेनाओं का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ तालिबान सरकार की सैन्य क्षमता को भी मजबूत कर रही है.
इनपुट: सुबोध कुमार
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि उनके देश की सेना किसी भी आक्रामक ताकत को तेजी से कुचल देने की पूरी क्षमता रखती है. यह बयान उन्होंने पड़ोसी देश अफगानिस्तान पर किए गए हवाई हमलों के बाद दिया. पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक एक्स पेज पर जारी बयान में प्रधानमंत्री ने यह भरोसा व्यक्त किया कि देश की पूरी जनता पाकिस्तानी बलों के समर्थन में एकजुट है.
पाकिस्तान ने अफगान तालिबान द्वारा सीमा पर किये गए कथित हमलों के जवाब में एक जबरदस्त जवाबी ऑपरेशन "ग़ज़ब-ए-हक़" शुरू किया है. इस ऑपरेशन की शुरुआत गुरुवार रात देर से की गई, जब अफगान तालिबान ने पाकिस्तान की सीमा पर कई चौकियों और पोस्टों पर हमले किये.
पाकिस्तानी सेना ने बताया कि इस जवाबी कार्रवाई में अब तक 130 से अधिक तालिबानी लड़ाके मारे जा चुके हैं. सेना के मुताबिक, यह ऑपरेशन सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और किसी भी तरह के आतंकवादी हमले को रोकने के लिए आवश्यक था.
इनपुट: पीटीआई
पाक-अफगान युद्ध के तनावपूर्ण माहौल के बीच पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक दार ने सऊदी अरब के विदेशी मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से फोन पर बातचीत की है. सऊदी अरब की विदेश मंत्रालय ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि की है कि दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय विकास और सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की है.
इनपुट: सुबोध कुमार
अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के एक फाइटर जेट को मार गिराया है. तालिबान लड़ाकों की ओर से पाकिस्तानी सेना को कड़ी टक्कर मिल रही है. आइए जानते हैं फिर पाक का कौन सा विमान गिरा है. यहां क्लिक कर पढ़ें - चीन का JF-17 या अमेरिकी F16? कौन सा पाकिस्तानी जेट गिराया अफगान लड़ाकों ने... सोशल मीडिया पर किया जा रहा ये दावा
पाकिस्तान को तालिबान के लड़ाकों से मुंहतोड़ जवाब मिल रहा है. पाक के एयर स्ट्राइक का बदला फाइटर जेट को गिरा कर लिया गया है. पूरी खबर को यहां क्लिक कर पढ़ें - अफगान बॉर्डर में घुसते ही PAK फाइटर जेट का काम तमाम, मुनीर आर्मी को तालिबान की तगड़ी चोट
पाकिस्तान की सेना की तो समय-समय पर अफगानिस्तान हेकड़ी निकलता रहता है. तालिबान के शासनकाल में अफ़ग़ान-पाक के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है. आइए तो ऐसे में जानते हैं कि अगर ये युद्ध और विकराल होता है तो किसका पलड़ा भारी होगा. यहां क्लिक कर पढ़ें - पाकिस्तानी सेना के सामने कहां टिकती है अफगान सेना, क्या तालिबान लड़ाके बदलेंगे 'वॉर गेम'?
डूरंड लाइन पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लगभग 2,640 किलोमीटर लंबी विवादित सीमा है. यह सीमा 1893 में ब्रिटिश भारत के विदेश सचिव सर हेनरी मॉर्टिमर डूरंड और अफगानिस्तान के अमीर अब्दुर रहमान खान के बीच हुए समझौते द्वारा स्थापित की गई थी. इसका उद्देश्य ब्रिटिश और रूसी साम्राज्यों के बीच एक सुरक्षात्मक बफर जोन बनाना था. हालांकि, अफगानिस्तान ने इस सीमा को कभी पूरी तरह स्वीकार नहीं किया, क्योंकि यह अफगानिस्तान की प्रमुख पश्तून जनजातियों को दो हिस्सों में विभाजित कर देती है.
1947 में पाकिस्तान के गठन के बाद यह विवाद और भड़क गया. अफगानिस्तान ने अपने पश्तून बहुल इलाकों को वापस मांगने के साथ 'पश्तूनिस्तान' नामक एक अलग प्रदेश की मांग की, जिसे पाकिस्तान ने हमेशा ठुकराया है. तालिबान सरकार भी डूरंड लाइन को आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय सीमा मानने से इंकार करती है और पाकिस्तान द्वारा सीमा पर लगाई जा रही बाड़ का विरोध करती है.
अफगान की राजधानी काबुल में जेट विमानों की आवाज सुनाई दी और कई तेज धमाकों के साथ गोलीबारी हुई. फ्रांसीसी समाचार एजेंसी (एएफ़पी) के पत्रकारों ने इस घटना को लाइव रिपोर्ट किया.
अफगानिस्तान के दक्षिणी शहर कंधार, जो तालिबान के सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा का ठिकाना है, में भी वहीं तेज आवाजें सुनी गईं. वहां के एक एएफ़पी संवाददाता ने भी जेट विमानों के उड़ान भरने की पुष्टि की.
सुरक्षा सूत्रों ने स्थानीय मीडिया TOLOnews को बताया है कि अफगान सुरक्षा बलों ने एक पाकिस्तानी विमान को मार गिराया है, जो अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ कर रहा था.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगान तालिबान के खिलाफ 'ओपन वॉर' घोषित कर दिया है. पूरी खबर को यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं - पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने अफगान तालिबान के खिलाफ Open War का किया ऐलान, दोनों ओर ताबड़तोड़ हमले
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने तालिबान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते संघर्षों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है और क्षेत्रीय अस्थिरता की आशंका जताई है. गुटेरेस ने दोनों पक्षों से अपील की है कि वे और अधिक सैन्य संघर्ष से बचें और संवाद के माध्यम से अपने मतभेदों को सुलझाने की कोशिश करें.
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इन बढ़ते तनावों पर टिकी हैं क्योंकि यदि संघर्ष जारी रहा तो इसके व्यापक क्षेत्रीय प्रभाव हो सकते हैं.
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने बताया कि अफगानिस्तान में हुए हवाई हमलों को "करारा जवाब" दिया गया है. यह बयान काबुल और कंधार जैसे प्रमुख शहरों में बम धमाकों और गोलीबारी की घटनाओं के बीच आया है. नक़वी ने कहा, "अफगान तालिबान की खुले तौर पर हुई आक्रामकता के जवाब में पाकिस्तानी सशस्त्र बलों ने उचित जवाब दिया है."
अफगान रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि चार घंटे तक चली लड़ाई में 2 सैन्य अड्डों और 19 चौकियों पर कब्जा कर लिया गया. साथ ही कुछ पाकिस्तानी सैनिकों को पकड़ने और हथियार जब्त करने की भी बात कही गई है.
अफगान रक्षा मंत्रालय के मुताबिक कार्रवाई 26 फरवरी रात 8 बजे शुरू हुई और यह जवाबी अभियान था.
पाकिस्तान का दावा है कि उसकी जवाबी कार्रवाई में 36 अफगान लड़ाके मारे गए. पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि अफगान तालिबान ने बिना किसी उकसावे के फायरिंग शुरू की, जिसके बाद मजबूरन जवाब देना पड़ा.
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के 55 सैनिकों के मारे जाने के दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है. इस्लामाबाद के मुताबिक उसके केवल 2 सैनिक मारे गए और 3 घायल हुए हैं. उसने अफगान पक्ष के आंकड़ों को गलत और भ्रामक बताया है.
अफगान तालिबान प्रशासन ने दावा किया है कि सीमा पर हुई झड़पों में कम से कम 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए. तालिबान का कहना है कि यह कार्रवाई जवाबी थी और उसने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर बड़ा नुकसान पहुंचाया है.
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डूरंड लाइन पर बढ़ता तनाव अब गंभीर सैन्य टकराव में बदल गया है. सीमा पार गोलीबारी और जवाबी कार्रवाई के दावों ने हालात को और बिगाड़ दिया है. दोनों देशों के बयान एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं, जिससे स्थिति और उलझ गई है.