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कश्मीर को लेकर अमेरिका ने क्या कहा कि पाकिस्तान को लग गई मिर्ची

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 12 फरवरी 2021,
  • अपडेटेड 12:06 PM IST
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अमेरिका के कश्मीर को लेकर किए गए एक ट्वीट से पाकिस्तान को मिर्ची लग गई है. अमेरिका के विदेश मंत्रालय की ओर से किए गए एक ट्वीट में जम्मू-कश्मीर को 'विवादित क्षेत्र' ना बताने पर पाकिस्तान ने कड़ी आपत्ति जाहिर की है.
 

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अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने ट्वीट किया था, "हम भारत के जम्मू-कश्मीर में 4G मोबाइल इंटरनेट सेवाओं के बहाल होने का स्वागत करते हैं. ये स्थानीय लोगों के लिए अहम कदम है और हम उम्मीद करते हैं कि आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक और आर्थिक प्रगति के जरिए हालात और सामान्य होंगे."

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अमेरिका के ट्वीट में जम्मू-कश्मीर को विवादित क्षेत्र ना बताने पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने ऐतराज जताया. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जाहिद चौधरी ने कहा, "अमेरिकी विदेश मंत्रालय के ट्वीट में कश्मीर का जिस तरह जिक्र हुआ है, उससे पाकिस्तान को निराशा हुई है. कश्मीर को विवादित क्षेत्र ना बताना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के खिलाफ है."
 

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बाद में, अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने एक मीडिया ब्रीफिंग में सवाल किए जाने पर कहा कि कश्मीर को लेकर अमेरिका की नीति में कोई बदलाव नहीं आया है. हालांकि, पाकिस्तान की कड़ी आपत्ति जाहिर करने के बावजूद अमेरिकी विदेश मंत्रालय के ट्वीट में कोई बदलाव नहीं किया गया.

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पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी भी गुरुवार को बाइडेन प्रशासन से गुहार लगाते नजर आए. कुरैशी ने कहा कि कश्मीर की जमीनी हकीकत को बाइडेन प्रशासन नजरअंदाज ना करे. कुरैशी ने चेतावनी देते हुए कहा कि देर होने से पहले कश्मीर विवाद का समाधान कर लिया जाना चाहिए.

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कुरैशी ने कहा, मुझे उम्मीद है कि बाइडेन प्रशासन शुरू से मानवाधिकारों की बात करता आया है इसलिए उसे कश्मीर की जमीनी हकीकत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कुरैशी ने कहा, हमें बैठकर रास्ता निकालना होगा. कुरैशी ने चेतावनी भी दी कि अगर हालात खराब होते हैं तो कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है.

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कुरैशी ने इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) पर भी निशाना साधा और कहा कि उसे कश्मीर के बारे में अपने लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए. कुरैशी ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि इस्लामिक सहयोग संगठन अपने लोगों की भावनाओं की अनदेखी करना बंद करेगा. सरकारों की प्राथमिकताएं अलग हो सकती हैं लेकिन लोगों की भावनाएं सरकार से अलग हो सकती हैं. इसे महसूस कीजिए और खुद देखिए कि लोगों के मन में क्या चल रहा है."  कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान 57 सदस्यीय इस्लामिक सहयोग संगठन के संस्थापक सदस्यों में से एक है.

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सऊदी अरब के नेतृत्व वाले इस्लामिक सहयोग संगठन पर पाकिस्तान ने कश्मीर को लेकर बहुत दबाव बनाने की कोशिश की लेकिन सब बेकार रहा. कुरैशी ने इससे पहले सऊदी अरब को धमकी दी थी कि अगर कश्मीर पर इस्लामिक सहयोग संगठन की बैठक नहीं बुलाई जाती है तो पाकिस्तान अन्य देशों के साथ अलग से बैठक बुला लेगा. कुरैशी की ये धमकी पाकिस्तान को बहुत भारी पड़ी और नाराज होकर सऊदी अरब ने कर्ज चुकाने के लिए कह दिया था.
 

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