उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग लंबे समय से लोगों की नजरों से दूर हैं. यह खबर तब चर्चा का विषय बन गई जब किम अपने दादा और उत्तर कोरिया के संस्थापक किम इल सुंग के जन्मदिवस समारोह में भी नजर नहीं आए. इसके बाद से ही अंतरराष्ट्रीय मीडिया में उनके स्वास्थ्य को लेकर अटकलें लगनी शुरू हो गईं. कुछ रिपोर्ट्स कीम की मौत का दावा कर रही हैं तो कुछ का कहना है कि परमाणु सक्षम यह देश अब अस्थिरता की तरफ जा रहा है. वहीं अब खबरें हैं कि किम की बहन, किम यो जोंग को प्योंगयांग में बड़ा प्रमोशन मिला है.
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Arirang News के होस्ट जेनिफर मून ने कहा, 'उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की छोटी बहन अपने भाई के साथ हमेशा रहती थीं और इस बात का ध्यान रखती थी कि देश के सारे कार्यक्रम बिना किसी अड़चन के पूरे हों. वो हर तरह के प्रोटोकॉल पर भी बराबर नजर रखती हैं. लेकिन अब ऐसा लगता है कि किम यो जोंग को कोई बड़ा पद मिला है, जिससे वह प्योंगयांग के दस सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल हो गई हैं.'
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Arirang News के रिपोर्टर सोयॉन्ग ओह ने कहा, 'उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन अब प्रशासन में नौवें सबसे शक्तिशाली व्यक्ति के रूप में उभर कर आईं हैं. अपने भाई के बाईं ओर चौथी सीट पर बैठने वाली किम यो जोंग अपने दादा किम इल सुंग की 25वीं पुण्यतिथि पर प्योंगयांग के एक स्मारक में पहली पंक्ति में बैठी दिखीं. वह सत्तारूढ़ पार्टी के 10 वरिष्ठ अधिकारियों में एक थीं.'
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सेजोंग इंस्टीट्यूट के रिसर्च प्लानिंग के उपाध्यक्ष, चेओंग सेओंग चांग ने कहा, 'वह पार्टी की केंद्रीय समिति के उपाध्यक्ष और अपने राजनेताओं के बीच बैठी हुई थीं. संभव है कि किम यो जोंग का कद पोलित ब्यूरो के एक उम्मीदवार से बढ़ाकर अब वास्तविक सदस्य के तौर पर कर दिया गया हो.'
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वहीं दक्षिण कोरिया के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें उत्तर कोरिया से किसी भी तरह की 'असामान्य गतिविधि' की खबरें नहीं मिली हैं. प्योंगयांग में रहने वाले एक विदेशी निवासी ने Reuters को बताया कि यहां सबकुछ सामान्य तरीके से चल रहा है.
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उत्तर कोरियाई मामलों का प्रभार संभालने वाले दक्षिण कोरिया के मंत्री का कहना है कि हो सकता है कि कोरोना वायरस के डर की वजह से किम को 15 अप्रैल से राज्य में होने वाले समारोहों से दूर रखा गया हो.
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2004 में भागकर कर दक्षिण कोरिया जाने और अब उत्तर कोरिया पर शोध के लिए शैक्षणिक संस्था चलाने वाले किम ह्युंग-क्वांग का कहना है कि उन्होंने इन अटकलों के बारे में उत्तर कोरिया के दो लोगों से संपर्क किया है.
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किम ह्युंग-क्वांग ने Reuters को बताया कि एक सरकारी अधिकारी का कहना है कि वह किम जोंग उन के सार्वजनिक रूप से सामने ना आने को लेकर चिंतित हैं और उन्होंने गौर किया है कि सुरक्षा अधिकारी अब आंतरिक नीतियों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं.
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उत्तर कोरिया से भाग कर आए लिम ही-जू, जो कि दक्षिण कोरिया के सियोल में एक रेस्तरां चलाते हैं, का कहना है कि उत्तर कोरिया में किसी को भी किम जोंग के स्वास्थ्य या ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है, यहां तक कि केंद्रीय पार्टी के लोगों को भी नहीं.
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लिम ही-जू ने कहा, 'वहां लोग इतने डरे रहते हैं कि वो ऐसी खबरों के बारे में सोचने से भी घबराते हैं क्योंकि उन्हें डर है कि वे गिरफ्तार हो सकते हैं.'
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