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तालिबान के खौफ से अफगानिस्तान के वित्त मंत्री देश छोड़ भागे

aajtak.in
  • काबुल,
  • 11 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 4:58 PM IST
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तालिबान की बढ़त के बीच अफगानिस्तान के कार्यवाहक वित्त मंत्री खालिद पायंडा ने इस्तीफा देने के बाद देश छोड़ दिया है. तालिबान सशस्त्र गुट के एक सप्ताह से भी कम समय में अफगानिस्तान की एक चौथाई से अधिक प्रांतीय राजधानियों पर कब्जा करने के बीच वित्त मंत्री ने यह कदम उठाया है. 

(फोटो-Getty Images)

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ब्लूमबर्ग मीडिया नेटवर्क के अनुसार, अफगानिस्तान के कार्यवाहक वित्त मंत्री खालिद पायंडा ने इस्तीफा दे दिया है. प्रमुख सीमा शुल्क चौकियों पर तालिबान के कब्जे के बाद मंत्री ने देश छोड़ दिया है. खालिद पायंडा ने ट्वीट कर अपने इस्तीफे की पुष्टि की है.

(फोटो-Getty Images)


 

 

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वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद रफी ताबे ने ब्लूमबर्ग को बताया कि पायंडा ने इस्तीफा देने के बाद देश छोड़ दिया है क्योंकि अफगानिस्तान के सीमा शुल्क चौकियों पर तालिबान के कब्जे के बाद राजस्व में भारी गिरावट आई है. 

(फोटो-Getty Images)

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मोहम्मद रफी ताबे ने कहा कि बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और अपनी बीमार पत्नी के चलते भी पायंडा ने देश छोड़ दिया. यह तुरंत पता नहीं चल पाया है कि पायंडा कहां गए हैं. पूर्व मंत्री ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा कि वह अपना पद छोड़ रहे हैं लेकिन इसके लिए कोई कारण नहीं बताया.

(फोटो-Getty Images)

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तालिबान ने शुक्रवार के बाद से अफगानिस्तान में नौ प्रांतीय राजधानियों पर कब्जा कर लिया है, जिनमें फैजाबाद, फराह, पुल-ए-खुमरी, सर-ए-पुल, शेबरगान, ऐबक, कुंदुज, तालुकान और जरंज शामिल हैं.

(फोटो-AP)

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इस बीच, तालिबान ने अफगानिस्तान में बदख्शां प्रांत की राजधानी फैजाबाद पर भी कब्जा कर लिया है. स्थानीय सांसद जबीहुल्लाह अतीक ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि कई दिनों तक चली भारी झड़पों के बाद सुरक्षा बल शहर से पीछे हट गए. इसके बाद तालिबान ने शहर पर कब्जा कर लिया. 

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उत्तरी प्रांतों में चुनौतीपूर्ण सुरक्षा स्थिति के बीच राष्ट्रपति गनी बुधवार सुबह बल्ख प्रांत के मजार-ए-शरीफ शहर पहुंचे. गनी के सुरक्षा और राजनीतिक मामलों के सलाहकार मोहम्मद मोहकक़ और मुजाहिदीन के पूर्व कमांडर जुमा खान हमदर्द यात्रा में राष्ट्रपति के साथ हैं. टोलो न्यूज के मुताबिक, मंगलवार रात पूर्व उप राष्ट्रपति मार्शल अब्दुल राशिद दोस्तम ने भी मजार-ए-शरीफ की यात्रा की.  एक अधिकारी ने बताया कि मरजार-ए-शरीफ में मार्शल दोस्तम, पूर्व बल्ख गवर्नर अत्ता मोहम्मद नूर और प्रांत के सुरक्षा अधिकारियों की मौजूदगी में सुरक्षा बैठक होने वाली है.

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एक सूत्र ने बताया कि बैठक रक्षा और सुरक्षा बलों के बीच समन्वय और सार्वजनिक विद्रोही बलों को जुटाने और तालिबान के कब्जे से शहरों में मुक्त कराने के अभियान शुरू करने पर केंद्रित होगी.

(फोटो-Getty Images)

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अमेरिकी शांति दूत जालमय खलीलजाद ने मंगलवार को तालिबान को चेतावनी दी थी कि अफगानिस्तान में बंदूक की नोंक पर सत्ता में आने वाली किसी भी सरकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता नहीं दी जाएगी. देश के उत्तर में दसियों हज़ार लोग अपने शहरों और गांवों में फैली लड़ाई से बचने के लिए अपने घर छोड़कर भाग गए हैं. हजारों परिवार राजधानी काबुल पहुंच रहे हैं जिन्होंने पार्कों और गलियों को अपना रैन बसेरा बना लिया है. 

(फोटो-AP)
 

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