पश्चिम बंगाल: सिर्फ 5 रुपये में मिलेगा मछ्ली-चावल, सीएम शुभेंदु अधिकारी का ऐलान

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य की 400 कैंटीनों में 5 रुपये में माछ भात (मछली और चावल) मिलेगा. वहीं अवैध बांग्लादेशियों को लेकर उन्होंने सख्त बयान दिया और कहा कि उन्हें सीधे बांग्लादेश भेज दिया जाएगा. जेल में रखकर उन पर एक भी पैसा खर्च नहीं किया जाएगा.

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बंगाल में 400 विशेष कैंटीनों में 5 रुपये में मिलेगा मछली और चावल (Representative image) बंगाल में 400 विशेष कैंटीनों में 5 रुपये में मिलेगा मछली और चावल (Representative image)

aajtak.in

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  • 26 मई 2026,
  • अपडेटेड 4:04 PM IST

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ऐलान किया है कि राज्य की कैंटीनों में लोगों को खाने के लिए सिर्फ 5 रुपये में फिश-राइस दिया जाएगा. सीएम ने कहा कि यह योजना आम लोगों और जरूरतमंदों को सस्ता भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाई जा रही है. साथ ही उन्होंने बताया कि पूरे पश्चिम बंगाल में विशेष कैंटीन स्थापित की जाएंगी, जहां कम कीमत में लोगों को माछ भात दिया जाएगा. उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है.

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यह घोषणा ऐसे समय में आई है, जब तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं ने आरोप लगाया था कि अगर बीजेपी सत्ता में आती है तो बंगाल में मछली, मांस और अंडे पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया जाएगा. बंगाल में मछली और चावल लोगों के खानपान का अहम हिस्सा माना जाता है और इसी मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी लगातार जारी रही है.

हालांकि बीजेपी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है. पार्टी नेताओं का कहना है कि बंगाल की संस्कृति और खानपान के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया जाएगा. बीजेपी नेताओं ने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से माछ-भात भोज में हिस्सा लेकर यह संदेश देने की कोशिश की कि पार्टी बंगाली संस्कृति और खानपान का सम्मान करती है.

5 रुपये में फिश-राइस कैंटीन योजना का ऐलान
 

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बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर समेत कई नेताओं ने चुनावी कार्यक्रमों और नामांकन रैलियों में मछली लेकर हिस्सा लिया था. इसके जरिए पार्टी ने यह दिखाने की कोशिश की कि वह बंगाल की परंपराओं और स्थानीय खानपान के साथ खड़ी है.

इसी कार्यक्रम के दौरान सीएम शुभेंदु अधिकारी ने अवैध बांग्लादेशियों के मुद्दे पर भी तीखी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि जल्दी जल्दी भागो. हम उन्हें जेल में खिलाने पर पैसा खर्च नहीं करेंगे. आखिर जेल में उन्हें खाना खिलाने पर पैसा क्यों बर्बाद करें. अधिकारियों से कहा गया है कि उन्हें सीधे बांग्लादेश भेज दिया जाए.

उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है. बंगाल में सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का हिस्सा रहा है. अब मुख्यमंत्री के इस बयान और 5 रुपये वाली फिश-राइस योजना को लेकर राज्य में नई राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है.

आम लोगों और जरूरतमंदों के लिए सस्ता भोजन योजना

इसी बीच राज्य में पहले से चल रही मां कैंटीन योजना भी चर्चा में है. यह योजना फरवरी 2021 में शुरू की गई थी, जब राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे लॉन्च किया था. इस योजना के तहत जरूरतमंद लोगों को 5 रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जाता है. इन कैंटीनों का संचालन आमतौर पर दोपहर 12:30 बजे से 3:00 बजे तक किया जाता है. यहां लोगों को चावल, दाल, सब्जी और अंडा करी परोसी जाती है. यह योजना राज्य में काफी लोकप्रिय बताई जाती है और बड़ी संख्या में लोग इसका लाभ लेते हैं.

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राज्य सरकार ने इस योजना के लिए 2021 के बजट में करीब 100 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया था, ताकि इसे पूरे राज्य में प्रभावी तरीके से चलाया जा सके और अधिक लोगों तक इसका लाभ पहुंच सके. हालांकि इस योजना को लेकर राजनीतिक विवाद भी पहले से रहा है. बीजेपी पश्चिम बंगाल अध्यक्ष दिलीप घोष ने इस योजना की आलोचना करते हुए इसे 2021 विधानसभा चुनाव से पहले किया गया राजनीतिक कदम और चुनावी रणनीति बताया था.

100 करोड़ रुपये का बजट और योजना पर राजनीतिक विवाद

उनका कहना था कि इस तरह की योजनाएं जनता को प्रभावित करने के लिए लाई जाती हैं, जबकि टीएमसी इसे एक कल्याणकारी योजना बताती रही है. अब 5 रुपये में मछली-चावल देने की नई योजना और पहले से चल रही मां कैंटीन के बीच राज्य में एक बार फिर गरीबों के लिए भोजन योजनाएं और राजनीतिक बयानबाजी दोनों तेज हो गई हैं.

 

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