पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में रामनवमी से पहले माहौल तनावपूर्ण हो गया है. कोटशिला थाना क्षेत्र के मुरगुमा इलाके में हनुमान (बजरंगबली) की दो मूर्तियों को तोड़े जाने और बसंती माता की प्रतिमा को कालिख लगाकर अपवित्र करने का मामला सामने आया है. इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों में आक्रोश बढ़ गया.
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया. इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. बुधवार को सभी आरोपियों को पुरुलिया जिला अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया है.
घटना की जानकारी मिलते ही तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता और जयपुर विधानसभा क्षेत्र के पार्टी प्रत्याशी भी मौके पर पहुंचे. इलाके में इस घटना को लेकर तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है.
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घटना पर सियासी संग्राम तेज
इस मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है. तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया है कि रामनवमी से पहले माहौल बिगाड़ने के उद्देश्य से बीजेपी इस घटना के पीछे है. उनका दावा है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी बीजेपी से जुड़े हुए हैं और जानबूझकर शांति भंग करने की कोशिश की गई है.
वहीं, बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. पार्टी नेताओं का कहना है कि इस घटना में उनका कोई हाथ नहीं है और उनके कार्यकर्ताओं को साजिश के तहत फंसाया जा रहा है.
दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जिससे इलाके का माहौल और ज्यादा संवेदनशील हो गया है.
पुलिस जांच जारी, स्थिति पर नजर
पुरुलिया के पुलिस अधीक्षक वैभव तिवारी ने बताया कि मूर्ति तोड़फोड़ के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क है.
पुलिस लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं. प्रशासन का कहना है कि स्थिति को नियंत्रण में रखा गया है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं.
फिलहाल, रामनवमी से पहले इस घटना ने इलाके में तनाव बढ़ा दिया है और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है.
अनिल गिरी