बंगाल हिंसा केस में फंसे एक्टर परमब्रत चटर्जी और स्वस्तिका मुखर्जी, 5 साल पुराने ट्वीट को लेकर शिकायत दर्ज

बंगाली अभिनेता परमब्रत चटर्जी और स्वस्तिका मुखर्जी पर 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा को बढ़ावा देने के आरोप लगे हैं. इन दोनों के खिलाफ दर्ज शिकायत में पुराने ट्वीट्स का हवाला दिया गया है. ये ट्वीट्स उन्होंने साल 2021 में किए थे.

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दोनों के खिलाफ बंगाल चुनाव 2021 हिंसा मामले में FIR दर्ज करने की मांग है. (Photo- ITGD) दोनों के खिलाफ बंगाल चुनाव 2021 हिंसा मामले में FIR दर्ज करने की मांग है. (Photo- ITGD)

तपस सेनगुप्ता

  • कोलकाता,
  • 22 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:25 AM IST

बंगाली सिनेमा के मशहूर एक्टर्स परमब्रत चटर्जी और स्वस्तिका मुखर्जी बड़ी मुश्किल में फंस गए हैं. साल 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़े एक पांच साल पुराने ट्वीट ने उन्हें मुसीबत में डाल दिया है. परमब्रत और स्वस्तिका के खिलाफ कोलकाता के गरियाहाट में शिकायत दर्ज कराई गई है.

जॉयदीप सेन नाम के व्यक्ति ने परमब्रत चटर्जी और स्वस्तिका मुखर्जी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन दोनों अभिनेताओं ने मई 2021 में पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर हुई चुनाव बाद की हिंसा को बढ़ावा दिया और लोगों को इसके लिए उकसाया था.

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21 मई को दर्ज कराई गई इस शिकायत के मुताबिक, ये पूरा मामला 2 मई 2021 का है. इसी दिन बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा हुई थी.

क्या है पूरा मामला?

शिकायत में परमब्रत चटर्जी के एक बंगाली ट्वीट का हवाला दिया गया है. इसमें परमब्रत ने लिखा था, 'आज के दिन को विश्व रोगोड़ानी (पिटाई) दिवस घोषित किया जाए!' वहीं, स्वस्तिका मुखर्जी पर आरोप है कि उन्होंने परमब्रत के इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए एक इमोजी के साथ लिखा था, 'हाहाहाहा होक होक' (ऐसा ही होने दो).

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जब बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमलों की खबरें आ रही थीं, तब इन हस्तियों के बयानों ने हिंसा को और ज्यादा भड़काने का काम किया. परमब्रत चटर्जी और स्वस्तिका मुखर्जी के खिलाफ IPC की धारा 107 के तहत शिकायत दर्ज की गई है. 

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यह भी पढ़ें: बंगाल हिंसा पर TMC ने बनाई 3 फैक्ट फाइंडिंग टीमें, हिंसा पीड़ितों की सुनेंगी शिकायतें

साल 2021 का वह विधानसभा चुनाव 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच आठ चरणों में हुआ था, जिसमें रिकॉर्ड 82 फीसदी मतदान हुआ था. मतदान के दौरान हिंसा की सबसे ज्यादा 123 घटनाएं हुईं, जिनमें 19 लोगों की जान गई. मई 2021 में चुनाव नतीजों के बाद हिंसा हुई जिसमें 31 लोगों की मौत हो गई थी.

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