बंगाल में निपाह वायरस की दस्तक! दो संदिग्ध मामले मिलने से हड़कंप, केंद्र ने भेजी एक्सपर्ट्स की टीम

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामले मिलने के बाद केंद्र सरकार ने विशेषज्ञों की एक राष्ट्रीय टीम तैनात की है. स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है. AIIMS कल्याणी और NIV पुणे की टीमें संक्रमण रोकने और जांच में जुटी हैं.

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बंगाल में निपाह के लिए नेशनल रेस्क्यू टीम तैनात (Photo-ITG) बंगाल में निपाह के लिए नेशनल रेस्क्यू टीम तैनात (Photo-ITG)

इंद्रजीत कुंडू

  • कोलकाता,
  • 12 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:39 PM IST

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस (Nipah Virus) के दो संदिग्ध मामले सामने आने के बाद केंद्र सरकार हाई अलर्ट पर है. 11 जनवरी 2026 को AIIMS कल्याणी स्थित लैब में इन संदिग्ध मामलों की पुष्टि हुई, जिसके बाद राज्य में स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति पैदा हो गई है.

संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए केंद्र ने पश्चिम बंगाल सरकार को हर संभव मदद का भरोसा दिया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से फोन पर बात की और उन्हें तकनीकी व लॉजिस्टिक सहयोग का आश्वासन दिया.

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संदिग्ध मामलों की जानकारी मिलते ही भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) के साथ विस्तृत चर्चा की. इस दौरान हालात की समीक्षा की गई और तात्कालिक कदमों की रूपरेखा तय की गई.

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केंद्र की ओर से एक 'नेशनल जॉइंट आउटब्रेक रिस्पांस टीम' बंगाल रवाना कर दी गई है. इस टीम में कोलकाता के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड पब्लिक हाइजीन, पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV), चेन्नई के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी (NIE), AIIMS कल्याणी और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अंतर्गत वाइल्डलाइफ विभाग के विशेषज्ञ शामिल हैं. ये एक्सपर्ट यह जांच करेंगे कि कहीं यह वायरस जानवरों से इंसानों में तो नहीं फैल रहा है.

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कंट्रोल रूम एक्टिव, गाइडलाइंस जारी

दिल्ली स्थित NCDC में 'पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर' को सक्रिय कर दिया गया है. केंद्र ने बंगाल सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की पहचान (Contact Tracing) करें और संक्रमण रोकने के लिए कड़े प्रोटोकॉल लागू करें.

निपाह वायरस एक अत्यंत संक्रामक ज़ूनोटिक बीमारी है, जिसकी मृत्यु दर काफी अधिक मानी जाती है और इसमें इंसान से इंसान में तेजी से फैलने की क्षमता होती है. इसके गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रभावों को देखते हुए केंद्र और राज्य, दोनों स्तरों पर अधिकारी तुरंत सक्रिय हो गए हैं और समन्वित रोकथाम व प्रतिक्रिया उपाय सुनिश्चित किए जा रहे हैं.

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